Homeदेश-समाज₹1.30 करोड़ के हथियार ख़रीदे, 75 गोलियों का हिसाब नहीं: दिल्ली दंगों में ताहिर...

₹1.30 करोड़ के हथियार ख़रीदे, 75 गोलियों का हिसाब नहीं: दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन मुख्य आरोपित, चार्जशीट दायर

ताहिर हुसैन के छत से मिले सबूतों के अलावा उसके खिलाफ कई अन्य सबूतों की बात की गई है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया है कि वो दंगे भड़का रहा था। पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल भी मिला है, जिसके साथ मिले कुल 200 गोलियों में से 125 गोलियाँ हैं लेकिन 75 बुलेट्स गायब हैं। अब तक ताहिर इसका कोई जवाब नहीं दे पाया है कि 75 गोलियाँ कहाँ गईं।

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार (जून 2, 2020) को बड़ी कार्रवाई करते हुए फ़रवरी के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों के मामले में 2 चार्जशीट दायर की है। इसमें आम आदमी पार्टी के (अब निलंबित) पार्षद ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपित बनाया गया है। उसके भाई शाह आलम सहित 15 अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने दस्तावेजों के साथ कड़कड़डूमा कोर्ट पहुँच कर चार्जशीट दाखिल की।

इस मामले में कुल 70 गवाह हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान दंगे कराने की साजिश पहले ही रच ली गई थी। इसके बाद पूरे नार्थ-ईस्ट दिल्ली में दंगे भड़कने लगे थे। कई हिन्दुओं को मार डाला गया था। चाँदबाग और जफराबाद में हुए दंगों को लेकर ये चार्जशीट दायर की गई। ताहिर हुसैन पर इन दंगों को फंड करने और इसका मास्टरमाइंड होने की बात कही गई है। दंगों को भड़काने में 1.3 करोड़ रुपए से भी ज्यादा फूँके गए।

ताहिर हुसैन के छत से मिले सबूतों के अलावा उसके खिलाफ कई अन्य सबूतों की बात की गई है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया है कि वो दंगे भड़का रहा था। पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल भी मिला है, जिसके साथ मिले कुल 200 गोलियों में से 125 गोलियाँ हैं लेकिन 75 बुलेट्स गायब हैं। अब तक ताहिर इसका कोई जवाब नहीं दे पाया है कि 75 गोलियाँ कहाँ गईं। कपिल मिश्रा ने चार्जशीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ताहिर आप नेता संजय सिंह का ख़ास है।

पुलिस ने उस वीडियो को भी सबूत के तौर पर लिया है, जिसमें ताहिर हुसैन के गुंडे पेट्रोल बम फेंकते दिख रहे हैं। बता दें कि आईबी में कार्यरत अंकित शर्मा की हत्या के मामले में भी ताहिर हुसैन का ही नाम आया था। उसके गुंडे उसे घसीटते हुए ले गए और फिर चाकुओं से ताबड़तोड़ मार कर उनकी हत्या कर दी गई थी। अंकित शर्मा दोनों पक्षों को समझाने गए थे लेकिन ताहिर के गुंडों ने उलटा उन्हें ही निशाना बना लिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश के वीर सपूत को श्रद्धांजलि, कठुआ रेलवे स्टेशन का नामकरण बलिदानी कैप्टन सुनील कुमार चौधरी के नाम पर: जानें नया कोड

J&K के कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम अब शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी के नाम पर रखा गया। जानिए उनके बलिदान, वीरता और इस फैसले की पूरी कहानी।

फीफा विश्वकप फाइनल में अर्जेंटीना Vs स्पेन की जंग, जादूगर मेस्सी का हो सकता है आखिरी मुकाबला: पढ़ें फुटबॉल के जादूगरों ने कैसे बिखेरी...

फीफा विश्व कप फाइनल में एक तरफ स्पेन यूरोपीयन चैंपियन है तो सामने अर्जेंटीना विश्व विजेता। यहाँ एक अप्रेंटिस का सामना अपने माएस्ट्रो से होगा।
- विज्ञापन -