Monday, August 2, 2021
Homeहास्य-व्यंग्य-कटाक्षगणित शिक्षक रियाज नायकू की मौत से हुआ भयावह नुकसान, अनुराग कश्यप भूले गणित

गणित शिक्षक रियाज नायकू की मौत से हुआ भयावह नुकसान, अनुराग कश्यप भूले गणित

अनुराग कश्यप से जब फैक्ट चेकर 'फ़ॉल्टन्यूज' ने इस बाबत सम्पर्क किया तो कश्यप ने बताया कि उन्हें यह बताने में कोई झिझक नहीं है कि उन्होंने यह गणित नेहरू जी द्वारा बनाए गए विश्वविद्यालयों में सीखी थी ना कि किसी आरएसएस के विद्यालय में।

अनुराग कश्यप ट्विटर पर गणित कर रहे हैं। इस गणित के मिले-जुले परिणाम मिल रहे हैं। अभी रियाज नायकू को जन्नत पहुँचे दो माह भी पूरे नहीं हुए थे कि बुतपरस्तों के मुल्क में अनुराग कश्यप जैसे गणितज्ञों की शक्ल में इसके भयावह नतीजे सामने आने लगे।

वही रियाज नायकू, जो पिछले माह ही भारतीय सेना की गोली से बिना ‘एक, दो, तीन’ की उल्टी गिनती गिने ही ‘चल दिए’ थे। जिनके जाते ही पता चला था कि वो तो गणित के महान शिक्षक थे और अगर सेना द्वारा मारे ना जाते तो उस काल अवधि की गणना अवश्य कर लेते, जब बॉलीवुड निर्देशक अनुराग कश्यप बिना सस्ता नशा किए कोई ट्वीट करते।

हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर और महान गणितज्ञ रियाज नाइकू की अल्पायु में मौत के दो दुष्परिणाम सामने आए हैं – पहला यह कि अनुराग कश्यप अब उस काल घड़ी को जान ही नहीं पाएँगे जब उन्हें अपने होशोहवास में सोशल मीडिया इस्तेमाल करना था, और दूसरा यह कि इसी बात का फायदा उठाकर वो अपनी नशीली गणित से ट्विटर पर बेख़ौफ़ लोगों की नींद उड़ाते जा रहे हैं।

ट्विटर पर वोक-लिबरल्स ने इसे ‘प्रगतिशील गणित’ का नाम दिया है। उनका कहना है कि आज तक वो सिर्फ प्रोफ़ेसर कुणाल कामरा से ही इतिहास, राजनीतिशास्त्र और दर्शन शास्त्र पढ़ते आ रहे थे, लेकिन अब उन्हें एक गणित का भी टीचर मिल गया है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी के लिए वो आज भी कामरान अकमल पर निर्भर हैं। और बाकी सभी विषयों में वोलेंटियर ध्रुव राठी उनकी मदद करते आए हैं।

पिता-पुत्र संवाद के एक कालजयी दृश्य में महान राजनेता रामधीर सिंह ने अपने प्रिय पुत्र को कहा था कि वो सिर्फ इस कारण ज्यादा ज़िंदा रह सके, क्योंकि वो सिनेमा नहीं देखते थे। इसी तर्ज पर अब सोशल मीडिया यूजर्स की चाह है कि वो भी किसी दिन अनुराग कश्यप को अपने पास बिठाकर उन्हें बता सकें कि वो लोग सिर्फ इस कारण जिन्दा हैं, क्योंकि उन्होंने कभी अनुराग कश्यप से गणित नहीं पढ़ी।

दरअसल, अनुराग कश्यप ने आज एक मार्मिक और भावुक ट्वीट करने के लिए गणित का सहारा लेते हुए बताया कि सत्या फिल्म को बाईस और गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के आठ साल पूरे होने के कारण वो अब तीस साल के हो गए हैं। अनुराग कश्यप के इस ट्वीट के बाद लोग एक दूसरे को चूंटी काट रहे हैं और अपने जिन्दा होने का सबूत फैज की किसी नज़्म में तलाश रहे हैं।

यूनेस्को ने दिया ‘विश्व की बेस्ट गणित’ का खिताब

समाचार लिखे जाने तक यूनेस्को ने भी अनुराग कश्यप की गणित को विश्व की बेस्ट गणित घोषित कर दिया है लेकिन गोदी मीडिया यह बात छुपा रहा है। यूनेस्को ने कहा है कि फासिज़्म और पैट्रीआर्की के समूल विनाश से पहले ही इसे विश्व धरोहर में सूचीबद्द किया जाएगा। यह समय कब आएगा, इसकी गणना की जिम्मेवारी भी अनुराग कश्यप को ही दी गई है।

वहीं, अनुराग कश्यप से जब फैक्ट चेकर ‘फ़ॉल्टन्यूज’ ने इस बाबत सम्पर्क किया तो कश्यप ने बताया कि उन्हें यह बताने में कोई झिझक नहीं है कि उन्होंने यह गणित नेहरू जी द्वारा बनाए गए विश्वविद्यालयों में सीखी थी ना कि किसी आरएसएस के विद्यालय में।

राहुल गाँधी को भी अनुराग कश्यप द्वारा इजाद की गई इस गणित की जब सूचना दी गई तो पहले उनके माथे पर यह सोचकर पसीना आ गया कि कहीं अब अनुराग कश्यप नेहरू और इंदिरा गाँधी कि कुल उम्र को जोड़कर उनके युवा रहने की समयवधि ना निकाल लें। लेकिन जब उन्हें लगा कि अनुराग कश्यप ऐसा कभी नहीं करेंगे तो उन्हें अनुराग कश्यप को सलाह दी कि उन्हें पूरे जोश के साथ ये मजा पूरे देश को देना चाहिए।

कुछ लोगों ने यह भी माँग की है कि अनुराग कश्यप की गणित की इस प्रतिभा का खुलासा होने के बाद अब लद्दाख स्थित गलवान घाटी में चायनीज दुश्मनों को गंदी मौत देने के लिए और उन्हें कड़ा सबक सिखाने के लिए अनुराग कश्यप को उन्हें गणित पढ़ाने के लिए भेजा जाना चाहिए।

अनुराग कश्यप इसके लिए सिर्फ इस शर्त पर तैयार हुए हैं कि उन्हें वहाँ पर सस्ते गाँजे की सप्लाई में कोई कमी नहीं होनी चाहिए और अगर ऐसा हुआ तो वो मानवाधिकार वालों को सूचित कर देंगे। स्वरा भास्कर ने इसके लिए ट्विटर पर एक ऑनलाइन कैम्पेन भी शुरू कर दिया है।

संघियों ने अपनी गणित का प्रमाण दे कर की वोक शिक्षक अनुराग से डिग्रियाँ लेने की कोशिश

अनुराग कश्यप की इस कालजयी गणित से प्रभावती होकर कुछ संघियों ने भी वोक-शिक्षक अनुराग से डिग्रियाँ लेने की कोशिश की और अपनी गणित के प्रमाण पेश किए। ऐसे ही कुछ अनुभवों पर एक नजर –

इस प्रकार की गणित जब सत्यान्वेषी पत्रकार रवीश कुमार के संज्ञान में आई तो वो बस यही कह पाए –

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वीर सावरकर के नाम पर फिर बिलबिलाए कॉन्ग्रेसी; कभी इसी कारण से पं हृदयनाथ को करवाया था AIR से बाहर

पंडित हृदयनाथ अपनी बहनों के संग, वीर सावरकर द्वारा लिखित कविता को संगीतबद्ध कर रहे थे, लेकिन कॉन्ग्रेस पार्टी को ये अच्छा नहीं लगा और उन्हें AIR से निकलवा दिया गया।

‘किताब खरीद घोटाला, 1 दिन में 36 संदिग्ध नियुक्तियाँ’: MGCUB कुलपति की रेस में नया नाम, शिक्षा मंत्रालय तक पहुँची शिकायत

MGCUB कुलपति की रेस में शामिल प्रोफेसर शील सिंधु पांडे विक्रम विश्वविद्यालय में कुलपति थे। वहाँ पर वो किताब खरीद घोटाले के आरोपित रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,635FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe