Friday, September 25, 2020
Home विविध विषय कला-साहित्य मोदी-जिनपिंग के सामने गूँजा राष्ट्रपति का पद ठुकराने वाली उस महान महिला कलाकार...

मोदी-जिनपिंग के सामने गूँजा राष्ट्रपति का पद ठुकराने वाली उस महान महिला कलाकार का नाम…

"नंगे पाँव चलने वाली एक महिला भला राष्ट्रपति भवन में ऐसे कैसे कर पाएगी? उन्होंने आगे पूछा कि बन्दूक और युद्ध साजो-सामान से नफरत करने वाली एक महिला लगातार अस्त्र-शस्त्र धारी अंगरक्षकों से घिरी कैसे रह सकती है?"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच महाबलिपुरम में मुलकात हुई। हालाँकि, इस बारे में कुछ विशेष बताने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि मीडिया से आपको पल-पल का अपडेट मिलता रहा। इसीलिए, हम उनके हैंडशेक और कूटनीति की बातें न करते हुए शुक्रवार (अक्टूबर 9, 2019) की शाम दोनों की मौजूदगी में मामल्लपुरम के शोर मंदिर में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम की बात करेंगे। इस दौरान कलाक्षेत्र ने कुल 6 प्रस्तुतियाँ दी। इन सभी प्रस्तुतियों के गहरे अर्थ थे। इसकी कुछ ऐसी बातें हैं, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए। शोर मंदिर इस ऐतिहासिक पल का गवाह बना।

जिस कलाक्षेत्र के कलाकारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने प्रस्तुतियाँ दी, उसकी संस्थापक रुक्मिणी देवी थीं। कार्यक्रम के दौरान रुक्मिणी देवी का नाम भी गूँजा। तीसरे परफॉरमेंस के दौरान उनकी कोरियोग्राफी की चर्चा हुई। उस प्रस्तुति की बात हम आगे करेंगे, लेकिन उससे पहले आपको बता दें कि भारत-चीन के बीच अनौपचारिक समिट के दौरान जिस रुक्मिणी देवी का नाम मंच से लिया गया, वो एक साधारण नाम नहीं है। आप जान कर भले ही चौंक जाएँ लेकिन क्या आपको पता है कि रुक्मिणी देवी ने भारत की राष्ट्रपति का पद ठुकरा दिया था?

रुक्मिणी देवी राज्यसभा के लिए नामित की जाने वाली पहली महिला थीं। वह 2 बार राज्यसभा सांसद रहीं। तमिलनाडु के ‘मंदिरों का शहर’ मदुरै में जन्मीं रुक्मिणी नृत्य और नाटकों को कोरियोग्राफ करती थीं। लेकिन, भरतनाट्यम में पारंगत होने की उनकी ललक इतनी बढ़ गई कि बाद में वह भारत के सबसे महान शख्सियतों में शामिल हुईं। ‘इंडिया टुडे’ ने उन्हें उन 100 लोगों की सूची में शामिल किया, जिन्होंने भारत को एक नया आकार दिया। 1935 में उन्होंने अपना पहला स्टेज परफॉरमेंस दिया और उसके बाद से वह कभी नहीं रुकीं।

देखें कलाक्षेत्र द्वारा मोदी-जिनपिंग के सामने परफॉर्म की गई 6 प्रस्तुतियाँ

नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉक्टर सीवी रमन ने तो उनके इस परफॉरमेंस की तुलना हिमालय की ऊँचाई के सदृश आकर्षण से की। जो देश अपनी नृत्य शैलियों को भूलने लगा था और यहाँ तक कि भरतनाट्यम को अश्लील तक मानने लगा था, उस देश में रुक्मिणी देवी ने न सिर्फ़ इसे पुनर्जीवित किया बल्कि उसे पुनर्स्थापित कर जन-जन में लोकप्रिय बनाया। रुक्मिणी देवी कलाक्षेत्र और नृत्य से इतनी ज्यादा जुड़ गई थीं कि 1977 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने उन्हें भारत का राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव दिया, उन्होंने इसे तुरंत नकार दिया। वजह एक ही थी- यह उन्हें उनके काम से दूर कर देता, कला से दूर कर देता।

- विज्ञापन -

इतनी महान शख्सियत का नाम और काम, दोनों ही उनकी मृत्यु के बाद चेन्नई से 60 किलोमीटर दूर महाबलिपुरम के शोर मंदिर में ऐसा गूँजा कि उसकी आवाज़ दिल्ली से लेकर बीजिंग तक सुनाई दी। उस कार्यक्रम की तीसरी प्रस्तुति रुक्मिणी देवी द्वारा कोरियोग्राफ किए गए रामायण डांस-ड्रामा का एक भाग था। रुक्मिणी देवी ने इसे 6 भाग के सीरीज में कोरियोग्राफ किया था। ‘महा पट्टाभिषेकम’ के जिस भाग का मंचन मोदी-जिनपिंग के सामने शोर मंदिर के प्रांगण में किया गया, उसे ‘सेतुबंधनम’ के नाम से जाना जाता है। इसमें वानर सेना द्वारा रामेश्वरम से लंका तक सेतु बनाने का दृश्य है।

कलाक्षेत्र ने इस दौरान कबीरदास के एक भजन को लेकर भी प्रस्तुति दी। यह भजन भी श्रीराम से ही जुड़ा है। इस दौरान पहली प्रस्तुति ‘अलरिप्पू’ नृत्य की थी। इसके बाद ‘पुरप्पाडु’ की प्रस्तुति हुई, जिसमें कई तरह की भाव-भंगिमाओं के साथ नृत्य किया जाता है। प्रस्तुतियों का अंत एक तमिल गाने से हुआ, जो वैश्विक शांति और सद्भाव को बढ़ावा देता है। कुल मिला कर देखें तो रुक्मिणी देवी द्वारा स्थापित संस्था ने इस ऐतिहासिक पल में चार चाँद लगाने और इसे सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वैसे, कबीर के जिस भाजन पर प्रस्तुति दी गई, उसके बोल इस प्रकार हैं:

भजो रे भैया राम गोविंद हरी।
राम गोविंद हरी भजो रे भैया राम गोविंद हरी॥
जप तप साधन नहिं कछु लागत, खरचत नहिं गठरी॥
संतत संपत सुख के कारन, जासे भूल परी॥
कहत कबीर राम नहीं जा मुख, ता मुख धूल भरी॥

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के पौत्र पूर्व राज्यपाल गोपाल कृष्ण गाँधी के मुताबिक रुक्मिणी देवी पशु-अधिकारों के लिए हमेशा समर्पित रहीं। एक बार वह किसी रेलवे स्टेशन पर खड़ी थीं, तभी उन्हें एहसास हुआ कि कोई उनकी साड़ी खींच रहा है। जब उन्होंने देखा तो वह पिंजरे में बंद एक बन्दर था जो बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा था। रुक्मिणी देवी के अनुसार, वो उस समय भले ही कुछ नहीं कर सकती थीं लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि इस एक घटना ने उनको एक मिशन सौंपा है। जानवरों पर क्रूरता के रोकथाम के लिए उन्होंने 1952 में संसद में एक प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किया, जिसकी पंडित नेहरू ने भी प्रशंसा की।

गाँधी लिखते हैं कि रुक्मिणी देवी और मोरारजी देसाई में कुछ समानताएँ थीं। दोनों ही शाकाहारी थे, अल्कोहल नहीं लेते थे और ब्राह्मण थे। दोनों ही मार्क्सवादी और सोशियलिस्ट विचारधारा के समर्थक थे। राष्ट्रपति बनाने वाले प्रस्ताव के बारे में गोपालकृष्ण गाँधी कुछ यूँ बताते हैं:

“1977 में अचानक से रुक्मिणी देवी को मोरारजी देसाई का कॉल आया। उस समय राष्ट्रपति का पद खाली पड़ा था। देसाई ने रुक्मिणी देवी से पूछा कि क्या आप प्रेजिडेंट बनेंगी? रुक्मिणी देवी ने पूछा किस संस्था या संगठन का प्रेजिडेंट? जब मोरारजी कहा- ‘भारत की राष्ट्रपति’, तब उन्होंने नकारने में वक़्त नहीं लगाया। रुक्मिणी देवी ने बाद में कहा था कि नंगे पाँव चलने वाली एक महिला भला राष्ट्रपति भवन में ऐसे कैसे कर पाएगी? उन्होंने आगे पूछा कि बन्दूक और युद्ध साजो-सामान से नफरत करने वाली एक महिला लगातार अस्त्र-शस्त्र धारी अंगरक्षकों से घिरी कैसे रह सकती है? एक शाकाहारी महिला विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को मीट कैसे खिलाएगी?”

तो ऐसी थी रुक्मिणी देवी की शख्सियत। आज तक भारत के इतिहास में शायद वह ऐसी अकेली हस्ती हैं, जिन्होंने देश का राष्ट्रपति बनने से इनकार कर दिया। एक तमिल महिला विश्व पटल पर चमकीं और भारत का नाम रोशन किया। आज अगर चीन के राष्ट्रपति के सामने भारत ने यह प्रदर्शित किया कि सैंकड़ों-हज़ारों वर्ष पुरानी नृत्य कलाएँ भी हमनें सहेज कर रखी हैं तो इसमें रुक्मिणी देवी का योगदान है। उन्होंने कई लोगों को भरतनाट्यम की शिक्षा देकर इसे विलुप्त होने से बचाया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

NDTV एंकर ने किया दर्शकों को गुमराह: कपिल मिश्रा को चार्जशीट में नहीं कहा गया ‘व्हिसिल ब्लोअर’, दिल्ली पुलिस ने लगाई लताड़

दिल्ली पुलिस का दावा है कि एनडीटीवी एंकर ने सभी तथ्यों को छिपाते हुए एक कहानी रचने की शरारतपूर्ण कोशिश की है। क्योंकि चाँद बाद में पत्थरबाजी 23 फरवरी को सुबह 11 बजे शुरू हो गई थी।

मेरे घर से बम, पत्थर, एसिड नहीं मिला, जाकिर नाइक से मिलकर नहीं आया: आजतक के रिपोर्टर को कपिल मिश्रा ने लगाई लताड़, देखें...

आज तक पत्रकार से कपिल मिश्रा की इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। खुद कपिल मिश्रा ने इसे शेयर किया है।

संसद के इतिहास में सबसे उत्पादक रहा यह मानसून सत्र: 10 दिन में पास हुए 25 विधेयक, उत्पादकता रही 167%

कोरोना वायरस के कारण संसद का मानसून सत्र 10 दिन में ही खत्म कर दिया गया। इससे पहले 14 सितंबर से 23 सितंबर तक बिना किसी साप्ताहिक छुट्टी के संसद में रोज कार्यवाही चली। इस बीच 25 बिल पास किए गए।

महिलाओं को समानता, फिक्स्ड टर्म रोजगार, रिस्किलिंग फंड सहित मोदी सरकार द्वारा श्रम कानून में सुधार के बाद उठ रहे 5 सवालों के जवाब

मोदी सरकार द्वारा किए गए श्रम कानून में सुधार के बाद तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसीलिए आज हम आपको इनसे जुड़े पाँच महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने जा रहे हैं।

दिल्ली दंगों की प्लानिंग का वॉट्सऐप चैट, OpIndia के हाथ आए एक्सक्लुसिव सबूत से समझिए क्या हुआ 24 फरवरी को

अथर नाम का आदमी डरा हुआ है और सलाह दे रहा है कि CAA-समर्थक ग्रुप और पुलिस काफी सख्ती दिखा रही है, इसलिए नुकसान हो सकता है और...

‘ऑपरेशन दुराचारी’ के तहत यौन अपराधियों के सरेआम चौराहों पर लगेंगे पोस्टर: महिला सुरक्षा पर सख्त हुई योगी सरकार

बलात्कारियों में उन्हीं के नाम का पोस्टर छपेगा जिन्हें अदालत द्वारा दोषी करार दिया जाएगा। मिशन दुराचारी के तहत महिला पुलिसकर्मियों को जिम्मा दिया जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

‘क्या आपके स्तन असली हैं? क्या मैं छू सकता हूँ?’: शर्लिन चोपड़ा ने KWAN टैलेंट एजेंसी के सह-संस्थापक पर लगाया यौन दुर्व्यवहार का आरोप

"मैं चौंक गई। कोई इतना घिनौना सवाल कैसे पूछ सकता है। चाहे असली हो या नकली, आपकी समस्या क्या है? क्या आप एक दर्जी हैं? जो आप स्पर्श करके महसूस करना चाहते हैं। नॉनसेंस।"

…भारत के ताबूत में आखिरी कील, कश्मीरी नहीं बने रहना चाहते भारतीय: फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो सांसद है

"इस समय कश्मीरी लोग अपने आप को न तो भारतीय समझते हैं, ना ही वे भारतीय बने रहना चाहते हैं।" - भारत के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने...

‘गिरती TRP से बौखलाए ABP पत्रकार’: रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को मारा थप्पड़

महाराष्ट्र के मुंबई से रिपोर्टिंग करते हुए रिपब्लिक टीवी के पत्रकार और चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को एबीपी के पत्रकार मनोज वर्मा ने थप्पड़ जड़ दिया।

शो नहीं देखना चाहते तो उपन्यास पढ़ें या फिर टीवी कर लें बंद: ‘UPSC जिहाद’ पर सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़

'UPSC जिहाद' पर रोक को लेकर हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिनलोगों को परेशानी है, वे टीवी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

नेपाल में 2 km भीतर तक घुसा चीन, उखाड़ फेंके पिलर: स्थानीय लोग और जाँच करने गई टीम को भगाया

चीन द्वारा नेपाल की जमीन पर कब्जा करने का ताजा मामला हुमला जिले में स्थित नामखा-6 के लाप्चा गाँव का है। ये कर्णाली प्रान्त का हिस्सा है।

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

शिवसेना बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ के खिलाफ चाहती है FIR: ममता सरकार के अपमान को लेकर की कार्रवाई की माँग

धार्मिक कार्ड खेलते हुए शिवसेना नेता ने कहा कि राज्यपाल द्वारा दिए गए कई बयानों से बंगालियों और बंगाल की संस्कृति का अपमान हो रहा है।

बच्ची की ऑनलाइन प्रताड़ना केस में जुबैर के साथ खड़े AltNews के प्रतीक सिन्हा से NCPCR ने माँगे सबूत, कहा- आयोग के सामने पेश...

जुबैर को लेकर सिन्हा के दावों का सबूत राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग ने उनसे माँगा है। आयोग ने उन्हें सभी सबूतों के साथ पेश होने के लिए कहा है।

CM उद्धव ठाकरे के मेडिकल असिस्टेंस सेल के चीफ कोरोना से बढ़ती मौतों के बारे में बताते हुए रोते बिलखते आए नजर, वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मेडिकल असिस्टेंस सेल के प्रमुख ओम प्रकाश शेटे का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शेटे राज्य में कोरोनावायरस महामारी की स्थिति के बारे में मीडिया से बात करते हुए रोते बिलखते हुए नजर आ रहे है।

NDTV एंकर ने किया दर्शकों को गुमराह: कपिल मिश्रा को चार्जशीट में नहीं कहा गया ‘व्हिसिल ब्लोअर’, दिल्ली पुलिस ने लगाई लताड़

दिल्ली पुलिस का दावा है कि एनडीटीवी एंकर ने सभी तथ्यों को छिपाते हुए एक कहानी रचने की शरारतपूर्ण कोशिश की है। क्योंकि चाँद बाद में पत्थरबाजी 23 फरवरी को सुबह 11 बजे शुरू हो गई थी।

मेरे घर से बम, पत्थर, एसिड नहीं मिला, जाकिर नाइक से मिलकर नहीं आया: आजतक के रिपोर्टर को कपिल मिश्रा ने लगाई लताड़, देखें...

आज तक पत्रकार से कपिल मिश्रा की इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। खुद कपिल मिश्रा ने इसे शेयर किया है।

कश्मीर उच्च न्यायालय के वकील बाबर कादरी को आतंकियों ने गोली से भूना: दो दिन पहले ही जताई थी हत्या की आशंका

आतंकवादियों ने श्रीनगर में कश्मीर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता बाबर कादरी की गोली मार कर हत्या कर दी। कादरी श्रीनगर के हवाल इलाके में थे, जब आतंकियों ने पॉइंट ब्लैंक रेंज से उनपर गोलियों की बौछार कर दी।

बेंगलुरु दंगा मामले में NIA ने 30 जगहों पर की छापेमारी: मुख्य साजिशकर्ता सादिक अली गिरफ्तार, आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त

बेंगलुरु हिंसा मामले में एनआईए ने दंगे के मुख्य साजिशकर्ता सयैद सादिक़ अली को गिरफ्तार कर लिया है। पिछले महीने डीजे हल्ली और केजी हल्ली क्षेत्रों में हुई हिंसा के संबंध में NIA ने बेंगलुरु के 30 स्थानों पर छापेमारी की थी।

संसद के इतिहास में सबसे उत्पादक रहा यह मानसून सत्र: 10 दिन में पास हुए 25 विधेयक, उत्पादकता रही 167%

कोरोना वायरस के कारण संसद का मानसून सत्र 10 दिन में ही खत्म कर दिया गया। इससे पहले 14 सितंबर से 23 सितंबर तक बिना किसी साप्ताहिक छुट्टी के संसद में रोज कार्यवाही चली। इस बीच 25 बिल पास किए गए।

महिलाओं को समानता, फिक्स्ड टर्म रोजगार, रिस्किलिंग फंड सहित मोदी सरकार द्वारा श्रम कानून में सुधार के बाद उठ रहे 5 सवालों के जवाब

मोदी सरकार द्वारा किए गए श्रम कानून में सुधार के बाद तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसीलिए आज हम आपको इनसे जुड़े पाँच महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने जा रहे हैं।

आंध्र प्रदेश में 6 हिंदू मंदिरों पर हुए हमले, क्या यह सब जगन रेड्डी सरकार की मर्जी से हो रहा: TDP नेता ने लगाए...

राज्य में हाल ही में हिंदू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ बढ़ रही हैं। अभी कुछ दिन पहले कृष्णा जिले के वत्सवई मंडल में मककपेटा गाँव में ऐतिहासिक काशी विश्वेश्वर स्वामी मंदिर के अंदर नंदी की मूर्ति को कुछ बदमाशों ने खंडित कर दिया था।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,022FollowersFollow
323,000SubscribersSubscribe
Advertisements