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‘बुरी फिल्में बुरी ही होती हैं, चाहे जितना पोर्न दिखा लो’: कंगना ने ‘गहराइयाँ’ पर दीपिका पादुकोण और करण जौहर की बैंड बजाई

"मिलेनियल/नए जमाने/शहरी फिल्मों के नाम पर कचरा न बेचें। बुरी फ़िल्में तो बुरी फ़िल्में ही होती हैं, कितनी भी मात्रा में शरीर और पोर्नोग्राफी दिखा लो लेकिन वो उसे बचा नहीं सकती।"

दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘गहराइयाँ’ को दर्शकों से लगातार नकारात्मक समीक्षाएँ मिल रही हैं। अब कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा लिखा है, जिससे स्पष्ट है कि उन्होंने इस फिल्म पर निशाना साधा है। फिल्म में सिद्धांत चतुर्वेदी और अनन्या पांडेय भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म का निर्माण करण जौहर की कंपनी ‘धर्मा प्रोडक्शंस’ ने किया है। इसे थिएटरों में रिलीज करने का रिस्क न लेते हुए OTT का रास्ता चुना गया और ‘अमेज़न प्राइम’ पर रिलीज किया गया।

कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई स्टोरी में लिखा, “मैं भी एक ‘मिलेनियल’ (सामान्यतः 1980-95 के बीच जन्मे लोग) हूँ, लेकिन मैं इस तरह के रोमांस को समझती और जानती हूँ। मिलेनियल/नए जमाने/शहरी फिल्मों के नाम पर कचरा न बेचें। बुरी फ़िल्में तो बुरी फ़िल्में ही होती हैं, कितनी भी मात्रा में शरीर और पोर्नोग्राफी दिखा लो लेकिन वो उसे बचा नहीं सकती। ये एक मूलभूत बात है, इसमें को गहराइयाँ वाली चीज नहीं है।” साथ ही उन्होंने एक पुरानी फिल्म का वीडियो भी साझा किया।

कंगना रनौत ने ‘गहराइयाँ’ पर साधा निशाना

कंगना रनौत ने अपनी स्टोरी के साथ ‘हिमालय की गोद में (1965)’ का गाना ‘चाँद सी महबूबा हो मेरी’ का वीडियो भी शेयर किया। इस फिल्म में मनोज कुमार और माला सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि आनंद बख्शी द्वारा लिखे गए इस इस गाने को मुकेश ने गाया था। गाने को ‘कल्याणजी आनंदजी’ की जोड़ी ने अपने संगीत से सजाया था। वहीं ‘गहराइयाँ’ की बात करें तो इसमें नसीरुद्दीन शाह और रजत कपूर भी सहायक भूमिकाओं में हैं। ‘एक मैं और एक टू (2012)’ और ‘कपूर एंड संस (2016)’ के निर्देशक शकुन बत्रा इस फिल्म के डायरेक्टर हैं।

KRK ने भी अपनी समीक्षा में ‘गहराइयाँ’ को खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होंने इस फिल्म का रिव्यू करते हुए इसे ‘सॉफ्ट पोर्न’ करार दिया था। उन्होंने कहा था, “इन लोगों ने इस फिल्म को हिंदुस्तान के 0.001 प्रतिशत लोगों को ध्यान में रखकर बनाया है। ये वो प्राणी हैं हिंदुस्तान के बड़े-बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में पाए जाते हैं। इन लोगों को तलाक होने के बाद बीवी से प्यार होता है। ये वो लोग हैं, किसी भी लड़की के साथ 8-10 साल तक लिव इन में रहते हैं और खूब ‘घपाघप’ यानि सेक्स करने के बाद उसे छोड़ देते हैं। ऐसे लोग अपनी पार्टियों में बीवी और गर्लफ्रेंड की अदला-बदली करते हैं।।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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