Tuesday, July 27, 2021
Homeविविध विषयमनोरंजन'सुभाष घई ने कहा - चोली में कुछ भरो': नीना गुप्ता ने बताई अपनी...

‘सुभाष घई ने कहा – चोली में कुछ भरो’: नीना गुप्ता ने बताई अपनी प्रेग्नेंसी और समलैंगिक से शादी की कहानी, छोड़ गए थे विवियन रिचर्ड्स

उन्होंने लिखा है कि उन्हें पता था कि सार्वजनिक हस्ती होने के कारण लोग उनके बच्चे और उन्हें लेकर अटकलें लगाएँगे और उन्हें कुछ कठिन सवालों के जवाब देने होंगे, लेकिन फैसला लिया कि वो इस समय को भी काट लेंगी।

फिल्म अभिनेत्री नीना गुप्ता बॉलीवुड से लगभग गुम हो चुकी थीं, लेकिन 2017 में एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए उन्होंने काम माँगा और उन्हें 5 फ़िल्में मिलीं। उन्होंने सारे रोल स्वीकार कर लिए और उसके बाद न सिर्फ कई अवॉर्ड बटोरे, बल्कि मध्यम उम्र की महिला की चुनौतीपूर्ण किरदारों के लिए वो फिल्मकरों की पहली पसंद भी बन गईं। अब उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘सच कहूँ तो’ में अपनी शादी, रिलेशनशिप बेटी मसाबा को लेकर कई खुलासे किए हैं।

नीना गुप्ता कभी वेस्टइंडीज के बड़े क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स के साथ रिलेशनशिप में थीं। फैशन डिजाइनर मसाबा गुप्ता इन्हीं दोनों की बेटी हैं, लेकिन मसाबा का पालन-पोषण नीना गुप्ता ने अकेले सिंगल मदर के रूप में ही किया है। एक अविवाहित गर्भवती महिला के रूप में उन्होंने अपने संघर्ष और चुनौतियों के बारे में बताया है। विवियन रिचर्ड्स ने नीना के लिए अपनी पत्नी को छोड़ने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद वो अकेली पड़ गई थीं।

इस दौरान उनकी एक दोस्त ने उनकी शादी मुंबई के एक बैंकर से कराने का प्रयास किया था, जो समलैंगिक (Gay) था। उनके मित्र सुजॉय मित्रा ने कहा था कि सामाजिक दबाव से बचाने के लिए वो नीना से शादी करने के लिए तैयार है। उसने कहा था कि वो अपनी बेटी को उसका बता सकती हैं, लेकिन वो उनकी बेटी के जीवन का हिस्सा नहीं बनेगा। नीना ने कहा कि इस ऑफर पर वो हँस दी, क्योंकि वो सिर्फ विवाद से बचने के लिए ये सब नहीं करना चाहती थीं।

उन्होंने लिखा है कि उन्हें पता था कि सार्वजनिक हस्ती होने के कारण लोग उनके बच्चे और उन्हें लेकर अटकलें लगाएँगे और उन्हें कुछ कठिन सवालों के जवाब देने होंगे, लेकिन फैसला लिया कि वो इस समय को भी काट लेंगी। इसी दौरान फ़िल्मकार और अभिनेता सतीश कौशिक ने भी उन्हें शादी का ऑफर दिया था। उन्होंने कहा था कि बच्चा अगर काला होता है तो भी लोग शक नहीं करेंगे और समझेंगे कि इन्हीं दोनों का है।

हालाँकि, सतीश कौशिक को धन्यवाद कह के नीना गुप्ता ने इस ऑफर को भी ठुकरा दिया था। नीना गुप्ता और मसाबा गुप्ता हाल ही में नेटफ्लिक्स पर एक शो में साथ दिखी हैं। अपनी आत्मकथा में नीना गुप्ता ने संजय दत्त और माधुरी दीक्षित की फिल्म ‘खलनायक’ के गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ की शूटिंग के दौरान हुए अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने लिखा है कि गाने से पहले निर्देशक सुभाष घई ने कहा था ‘कुछ भरो’, जिसके बाद उन्हें ‘हैविली पैडेड ब्रा’ पहनने पड़े थे।

इस गाने में उनके हिस्से का गण इला अरुण और माधुरी दीक्षित के हिस्से का अलका याग्निक ने गया था। इला अरुण और नीना गुप्ता पहले से ही दोस्त थे। नीना ने लिखा है, “मुझे एक गुजरती जनजातीय ड्रेस पहना कर सुभाष घई के पास अप्रूवल के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा नहीं, नहीं, नहीं कुछ भरो!’ मैं परेशान हो गईं क्योंकि मुझे लगा कि वो कह रहे हैं कि मेरी चोली खाली है और इसमें कुछ भरो।”

नीना गुप्ता ने अपनी आत्मकथा पुस्तक को लेकर की बात

बकौल नीना गुप्ता, उन्हें पता था कि इसमें कुछ व्यक्तिगत नहीं है और उनका इशारा मेरी चोली की तरफ था। अगले दिन नीना गुप्ता को भारी पैड वाले ब्रा के साथ एक ड्रेस पहना कर शूटिंग के लिए तैयार किया गया, जिसके बाद सुभाष घई संतुष्ट हुए। उन्होंने लिखा है कि सुभाष घई जो चीज भी चाहते थे उसे लेकर सजग रहते थे, इसीलिए वो एक अच्छे फिल्म निर्देशक थे। नीना गुप्ता ने अपनी पहली शादी को लेकर भी खुलासे किए हैं।

असल में युवा उम्र में ही जब वो संस्कृत से मास्टर्स कर रही थीं, तब IIT के एक छात्र अमलन कुसुम घोष से उनकी मुलाकात हुई। उनके परिवार को भी दोनों की नजदीकियों के बारे पता चल गया। नीना ने घोष से शादी कर ली। इसके 1 साल बाद दोनों अलग हो गए। नीना गुप्ता का कहना है कि घोष को लेकर उनके मन में कोई नकारात्मक भाव नहीं है, क्योकि दोनों में लड़ाई नहीं होती थी। एक अन्य व्यक्ति से भी उनकी शादी ठीक हुई थी, लेकिन उसे अंतिम क्षण पर मना कर दिया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कारगिल कमेटी’ पर कॉन्ग्रेस की कुण्डली: लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीतिक दृष्टिकोण का न हो मोहताज

हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।

असम-मिजोरम बॉर्डर पर भड़की हिंसा, असम के 6 पुलिसकर्मियों की मौत: हस्तक्षेप के दोनों राज्‍यों के CM ने गृहमंत्री से लगाई गुहार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि असम-मिज़ोरम सीमा पर तनाव में असम पुलिस के 6 जवानों की जान चली गई है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,362FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe