Homeविविध विषयमनोरंजन'इनलोगों ने किरदार को जिया नहीं है': 'आदिपुरुष' की टीम पर रामानंद सागर वाली...

‘इनलोगों ने किरदार को जिया नहीं है’: ‘आदिपुरुष’ की टीम पर रामानंद सागर वाली रामायण की ‘सीता’ ने साधा निशाना, कहा – सरेआम ऐसा नहीं करना चाहिए

अभिनेत्री दीपिका ने कहा, "रामायण में भूमिका निभाने के बाद हमें तो ऐसा ट्रीट किया जाने लगा जैसे कि हम कहीं ऊपर से आए हुए भगवान हैं और इस दुनिया में रह रहे हैं। यही वजह है कि हमने भी कुछ ऐसा नहीं किया, जिससे लोगों की भावनाओं को चोट पहुँचे।"

फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) के डायरेक्टर ओम राउत (Om Raut) द्वारा मंदिर परिसर में अभिनेत्री कृति सेनन (Kriti Sanon) को विदाई चुम्मा (Goodbye Kiss) देने पर विवाद हो गया है। रामायण सीरियल में सीता के चरित्र को जीवंत करने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने भी कहा कि इस हरकत की निंदा किया है।

दरअसल, तिरुपति में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किए जाने के बाद स्टारकास्ट ने 7 जून 2023 को वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन किए थे। दर्शन के बाद कृति सेनन वहाँ से निकलने लगीं तो ओम राउत उन्हें विदा करने आए और उन्हें गले लगाते हुए उनके गाल पर ‘गुडबाय किस’ किया। इस पर मंदिर के पुजारियों ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इन्हें ऐसी हरकत होटल में जाकर करनी चाहिए।

इसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया यूजर ओम राउत और कृति सेनन को ट्रोल कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में स्टारकास्ट द्वारा की गई इस हरकत से उनकी धार्मिक भावना को ठेस पहुँची है।

सीता के किरदार को अमर कर देने वाली दीपिका ने आजतक से बातचीत में कहा कि आजकल के एक्टर्स के साथ यह बहुत बड़ी दिक्कत है कि वो न तो किरदार में घुसते हैं और न ही उसकी भावनाओं को समझ पाते हैं। उनके लिए रामायण महज एक फिल्म ही होगी। शायद ही उन्होंने अपनी आत्मा को इस फिल्म में झोंका होगा।

दीपिका ने कहा, “कृति आज की जनरेशन की एक्ट्रेस हैं। आज के दौर में किसी को किस या हग कर लेना एक स्वीट जेस्चर माना जाता है। उन्होंने खुद को कभी सीता जी समझा ही नहीं होगा। मैंने सीता के किरदार को जिया है। आज की अभिनेत्रियाँ उसे महज एक रोल समझकर निभाती हैं। फिल्म या प्रॉजेक्ट खत्म होने के बाद उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है।”

दीपिका आगे कहती हैं, “हमारे समय में सेट पर किसी की मजाल नहीं थी कि वो हमारा नाम तक लेकर पुकारे। जब हम अपने किरदार पर होते थे तो सेट से ही कई लोग आकर हमारे पैर छूने लगते थे। वो दौर ही अलग था। उस समय हमें एक्टर समझा ही नहीं जाता था। हमें तो लोग भगवान ही समझ बैठे थे। हम तो किसी को गले तक नहीं लगा सकते थे, किस तो बहुत दूर की बात हो गई।”

अभिनेत्री दीपिका ने आगे कहा, “आदिपुरुष के रिलीज होने के बाद सभी एक्टर्स अपने दूसरे प्रॉजेक्ट्स में बिजी हो जाएँगे और किरदार को संभवत: भूल जाएँगे। हालाँकि, हमारे साथ ऐसा कभी हुआ ही नहीं। हमें तो ऐसा ट्रीट किया जाने लगा जैसे कि हम कहीं ऊपर से आए हुए भगवान हैं और इस दुनिया में रह रहे हैं। यही वजह है कि हमने भी कुछ ऐसा नहीं किया, जिससे लोगों की भावनाओं को चोट पहुँचे।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।

फर्जी Video, झूठे आरोप, हमले और नफरती बयान… काँवड़ यात्रा को बदनाम करने के लिए वामपंथी-कट्टरपंथी और मीडिया कैसे फैलाते हैं भ्रम, पढ़ें- पूरा...

कैसे काँवड़ यात्रा को लेकर कट्टरपंथी, वामपंथी, बिकाऊ मीडिया सुनियोजित तरीके से निशाना बनाती और त्योहारों को बदनाम करने के लिए भ्रम फैलाती।
- विज्ञापन -