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बलूचिस्तान में नरसंहार, चीन में उइगरों की प्रताड़ना पर चुप्पी: बलूच नेता ने पाक की उधेड़ी बखिया

बलूच नेता ने कहा पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी एक बेशर्म आदमी है। उन्होंने कहा कि अपने ही देश के लोगों को मारने वाले पाकिस्तान को दुनिया के किसी भी हिस्से में मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में बात करने का हक़ नहीं है।

पाकिस्तान के कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अपने ही देश के दोहरे रवैये पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। बलूच नेता मेहरान मारी ने वहाँ पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे नरसंहार का जिक्र करते हुए अपने ही देश की सरकार को आड़े हाथों लिया। बलूच नेता ने कहा कि पाकिस्तान बलूचिस्तान में लगातार नरसंहार कर रहा है और मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि इन सबके बावजूद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में मानवाधिकार का मुखौटा लगा कर जम्मू कश्मीर की बात करता है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में आने का निमंत्रण देते हुए कहा था कि वहाँ पर लोग बहुत ज्यादा ख़ुश हैं और कोई भी आकर देख सकता है। उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए बलूच नेता ने कहा वह एक बेशर्म आदमी है। उन्होंने कहा कि अपने ही देश के लोगों को मारने वाले पाकिस्तान को दुनिया के किसी भी हिस्से में मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में बात करने का हक़ नहीं है।

बलूच नेता ने पाकिस्तान को यह भी याद दिलाया कि चीन में उइगरों के साथ क्या किया जा रहा है? मेहरान ने कहा कि शिनजियांग में चीन निर्दोष उइगरों को प्रताड़ित कर रहा है, उन पर अत्याचार कर रहा है लेकिन फिर भी वह पाकिस्तान का सबसे विश्वस्त पार्टनर बना हुआ है। बलूच नेता ने कहा कि पाकिस्तान ने ख़ुद को दुनियाभर के इस्लाम के समर्थकों के मानवाधिकार रक्षक होने का तमगा दिया हुआ है। उन्होंने कहा, “चीन में लाखों उइगरों पर अत्याचार हो रहा लेकिन पाकिस्तान चुप है क्योंकि बलूचिस्तान में चीन भी उसका ‘पार्टनर इन क्राइम’ है।

जेनेवा में मानवाधिकार आयोग में पाकिस्तान की किरकिरी हुई। भारत ने करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान पर पलटवार किया और उसे आतंकवाद का केंद्र बिंदु बताया। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वह बेइज्जत हो चुका है। पीओके के सामाजिक कार्यकर्ता आरिफ आजाकिया ने भी पाकिस्तानी सरकार को लपेटे में लिया और पाक मंत्रियों को लताड़ा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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