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सुनो Newslaundary वाली ‘तिलचट्टी’ मनीषा पांडे, हमें पता है हिंदू घृणा होती है जिनकी रिपोर्टिंग स्टाइल, उनकी फैन फॉलोइंग पाकिस्तान में ही होती है

दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यूजलॉन्ड्री की जिस मनीषा पांडे को पत्रकार होने पर दुत्कारा था, उन्होंने खुद कबूल किया कि उनके फैंस पाकिस्तानी हैं। यह हैरानी की बात नहीं है, क्योंकि हिंदू-घृणा की पत्रकारिता करने वाली मनीषा पांडे के फैंस सिर्फ पाकिस्तानी ही हो सकते हैं।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को उसके तथाकथित संस्थापक अभिजीत दिपके जितनी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा वामपंथी-लिबरल गैंग इसके जरिए अपने प्रोपेगेंडा को हवा देने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। आज हर वामपंथी-लिबरल गैंग के व्यक्ति के मुँह पर सिर्फ कॉकरोच जनता पार्टी का ही नाम सुनाई दे रहा है। इसी सटायर पार्टी की एक फैन न्यूजलॉन्ड्री (Newslaundry) वाली मनीषा पांडे भी हैं। लेकिन ‘मैडम’ खुशी-खुशी में कुछ ज्यादा ही बोल गईं।

इतना ज्यादा कि कल को न्यूजलॉन्ड्री पर एक और आपराधिक मुकदमा दर्ज हो जाए तो इसकी जिम्मेदार मनीषा पांडे ही होंगी, जैसे वो मानहानि वाले केस में थीं। वही मानहानि वाला केस, जिसमें मनीषा पांडे को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके पत्रकार होने पर दुत्कार दिया था, उन्हें न्यूजलॉन्ड्री बाहर निकालने तक को कह दिया था। बेचारी इतना जलील होने के बाद भी अपने पैरों पर खड़ी हैं.. यहाँ पैरों में ‘र’ कि जगह ‘स’ पढ़ा जाए क्योंकि यह मेरा सटायर मूव है। ठीक वही मूव जिसे मनीषा पांडे अपनी ‘पत्रकारिता’ बताती हैं। खैर इसकी बात आगे करेंगे।

अभी बात करते हैं मनीषा पांडे की फुहड़ता की। तो हुआ कुछ ऐसा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी‘ बनने की खुशी में प्रोपेगेंडाबाज कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने यूट्यूब चैनल पर ‘दावत’ रखी। इस दावत में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके चीफ गेस्ट के रूप में आमंत्रित थे और बाकी वामपंथी जखीरे से न्यूजलॉन्ड्री की मनीषा पांडे, ‘डॉ. मेदुसा’ नाम से फेमस डॉ. माधुरी काकोटी और दावत का परमानेंट पैनल रोफल गाँधी और आम्या देशपांडे हिस्सा थे।

इस दावत में ‘कॉकरोच जनता पार्टी‘ के भविष्य, वर्तमान और भूतकाल को लेकर चर्चा हुई। मजाक-मजाक में राजनीतिक दल बनाने वाले अभिजीत पांडे भी सन्न रह गए कि जिसे वे ‘जोकरों का शो’ समझकर आए थे, वहाँ ऐसी गंभीर चर्चा क्यों हो रही है। वह बार-बार बोलते: “मुझे तो लगा ही नहीं कि सब इतना सीरियस हो जाएँगे।”

लेकिन बातों-बातों में अभिजीत भी सच बोल गए। उन्होंने बताया कि कैसे CJP को विदेशों से प्रेम मिल रहा है, यहाँ तक कि सरकार विरोधी गतिविधियों पर नजरें गाढ़कर बैठने वाले अल जजीरा, द टेलीग्राफ जैसे विदेशी मीडिया संस्थान उनकी इस ऑनलाइन ट्रेंड को फॉलो भी कर रहे हैं। जैसे बाकी लोगों को पता ही नहीं कि इन विदेशी मीडिया में भारत के खिलाफ कैसी खबरें लिखी जाती हैं।

दावत के सभी गणमान्य लोगों ने मिलकर एक संकल्प भी लिया। यह संकल्प था, अपने-अपने पिता के फोन से BJP का कंटेन्ट हटाना है, उनका एल्गोरिदम बिगाड़कर उन्हें सिर्फ न्यूजलॉन्ड्री जैसे वामपंथी संस्थान का कंटेन्ट देखने को मजबूर करना है। यानी CJP को गंभीरता से लेने का ड्रामा करते हुए पूरी तरीके से BJP-विरोधी माहौल बनाया गया।

इस बीच मनीषा पांडे ने भी सरकार पर खूब गुस्सा निकाला और CJP बनने की खुशी में खूब बातें की। पहली चीज कि मनीषा पांडे ने CJP को नेपाल में GenZ प्रदर्शन से जोड़ा और कहा कि CJP की ही तरह नेपाल में भी सोशल मीडिया से सत्ता परिवर्तन का सिलसिला शुरू हुआ था। अपनी बातों में उन्होंने देश के युवाओं को नेपाल जैसा ही कुछ हिंसक करने के लिए भड़काया। इसीलिए मैंने कहा था कि अगर कल को मनीषा पांडे पर कानूनी कार्रवाई हुई तो वह खुद इसकी जिम्मेदार होंगी और खुद तो डूबेंगी ही अपनी रोजी-रोटी के संसाधन न्यूजलॉन्ड्री को भी ले डूबेंगी।

ऐसा भी इसीलिए क्योंकि मनीषा पांडे ने न्यूजलॉन्ड्री की पोल भी खोलकर रख दी। उन्होंने कबूल किया कि वह जो Newsance शो करती हैं, जिसमें वह भारत के पत्रकारों की हँसी-मजाक करते हुए आलोचना करती हैं, उसको देखने वाले अधिकतर पाकिस्तानी ही हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि वह अपने शो में एक QR स्कैनर दिखाती हैं, जिसमें पैसा माँगती हैं। यानी अगर मनीषा के अनुसार उनके शो के अधिकतर फैंस पाकिस्तानी हैं तो क्या पैसा देने वाले भी पाकिस्तानी ही हैं, और उसी पैसे से यह न्यूजलॉन्ड्री सरकार-विरोधी और मीडिया-विरोधी प्रोपेगेंडा गढ़ भी रहा है?

मनीषा पांडे ने चाहे व्यंग्य में चाहे गंभीर होकर जो भी पोल खोली है, उसका अंदाजा पहले ही उनकी रिपोर्टिंग स्टाइल और भारत में हुए उनसे जुड़े विवाद को देखकर लगाया जा सकता था कि उनके फैंस पाकिस्तान में ही हो सकते हैं।

2024 में जब हल्द्वानी में अवैध मस्जिद गिराने गई पुलिस टीम पर मुस्लिम दंगाइयों ने हमला किया, लेकिन मनीषा पांडे ने उन हमलावरों को ‘मुस्लिम’ कहने से परहेज किया औऱ सिर्फ ‘भीड़’ बताकर मामला पेश किया। उस दौरान न्यूजलॉन्ड्री भी लगातार उन्हें पीड़ित साबित करने में जुटा रहा।

उधर, जनवरी 2024 में जब महाराष्ट्र के थाने जिले स्थित मीरा रोड पर जब मुस्लिमों ने हिंदुओं पर हमला किया, तब भी मनीषा पांडे का वही रवैया देखने को मिला। न्यूजलॉन्ड्री ने खबरें चलाईं कि हिंदू भगवान राम के नारे लगाकर मुस्लिमों को उकसा रहे थे, जबकि हिंसा करने वालों की पहचान पर चुप्पी साध ली गई।

यहाँ तक कि जब मई 2025 में नैनीताल में 73 साल के एक मुस्लिम ने 12 साल की बच्ची का रेप किया, तब भी न्यूजलॉन्ड्री ने इसे मुस्लिम और हिंदू के बीच अफेयर बताकर पेश करने की कोशिश की। लगातार ऐसे मामलों में एक ही नैरेटिव आगे बढ़ाया गया।

तो अब तो कोई सवाल ही नहीं बचा कि ऐसे पत्रकार जिनका काम ही हिंदुओं के प्रति घृणा दिखाना, भारत पर सवाल उठाना और इस्लामी कट्टरपंथियों के कारनामों को ‘भीड़ के अपराध’ के तौर पर पेश करना हो… उनका फैनबेस कहाँ से होगा?

आखिर में सिर्फ यही, मनीषा पांडे के इस बड़बोलापन से लगता हैं कि वह पत्रकारिता बिरादरी की ‘सस्ती आलिया भट्ट’ हैं, जिनकों नहीं पता कि कहाँ क्या बोलना है और जो कॉमेडी तो करना चाहती हैं लेकिन कर नहीं पातीं। तो अब पत्रकारिता बिरादरी की सस्ती आलिया भट्ट का क्या होगा, ये तो समय बताएगा। लेकिन अभी जिस तरह खुलेआम सटायर, कॉमेडी और पत्रकारिता के नाम पर पूरा प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है, उससे इतना तो साफ है कि मामला सिर्फ मजाक तक सीमित नहीं है। पहले लगता था कि न्यूजलॉन्ड्री बस एक खास नैरेटिव चला रहा है, लेकिन अब खुद उसकी स्टार एंकर यह बता रही हैं कि उनके शो को सबसे ज्यादा पाकिस्तान में देखा जाता है और वहीं से उन्हें प्यार भी मिलता है। और यह कोई भी कंटेन्ट क्रिएटर बता सकता है कि ऑडियंस के हिसाब से कंटेन्ट देना कितना जरूरी होता है।

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पूजा राणा
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