बकरीद को इस्लाम के प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। मुस्लिम समाज का एक बड़ा वर्ग इसे त्याग, कुर्बानी, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का पर्व बताता है। हर साल त्योहार के दौरान यह भी कहा जाता है कि लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मजहबी परंपराओं का पालन करते हैं और किसी को असुविधा न हो इसका ध्यान रखा जाता है।
हालाँकि 2026 के बकरीद के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से ऐसी कई घटनाएँ सामने आईं, जिन्होंने कानून-व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए। कहीं हिंसक झड़पें हुईं, कहीं हत्या और हमले के आरोप लगे, कहीं धार्मिक स्थलों को लेकर विवाद खड़ा हुआ, कहीं गोवंश के अवशेष मिलने से तनाव फैल गया तो कहीं सार्वजनिक स्थानों पर खून और गंदगी फैलने को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया।
इन घटनाओं में कई मामलों की पुलिस जाँच जारी है, कई जगह FIR दर्ज हुई हैं और कुछ मामलों में गिरफ्तारियाँ भी हुई हैं। आइए क्रमवार उन प्रमुख घटनाओं पर नजर डालते हैं, जहाँ इस्लामी कट्टरपंथियों ने बकरीद के दौरान भी कहीं हिंसा फैलाई तो कहीं बेवजह बवाल कर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की।
मध्य प्रदेश के रतलाम में गाय का कटा सिर मिलने से तनाव
मध्य प्रदेश के रतलाम में गुरुवार (28 मई 2026) को गाय का कटा हुआ सिर और शरीर के अवशेष मिलने से तनाव फैल गया। घटना के बाद स्थानीय संगठनों और लोगों में आक्रोश बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर चक्काजाम कर कार्रवाई की माँग की और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सात दिन के भीतर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रदर्शन में शामिल गनी शक्तावत ने दावा किया कि मौके पर सिर्फ सिर नहीं बल्कि गाय के शरीर का आधा हिस्सा भी मिला था।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने जाँच के बाद दोषियों पर कार्रवाई, अवैध झोपड़ियों को हटाने और पूरे मामले की सभी पहलुओं से जाँच करने का आश्वासन दिया। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना वाला क्षेत्र नगर निगम और निजी जमीन का मिश्रित हिस्सा है, जहाँ पहले भी ऐसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
हरियाणा के नूंह आपस में ही भिड़े इस्लामी कट्टरपंथी
हरियाणा के नूंह जिले में गुरुवार (28 मई 2026) बकरीद की नमाज के बाद दो अलग-अलग गाँवों में विवाद हिंसक रूप ले गया। निजामपुर गाँव में पंचायत चुनाव से जुड़ी पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में पहले कहासुनी हुई और फिर पथराव, लाठी-डंडों तथा कुल्हाड़ियों का इस्तेमाल होने लगा। इस घटना में छह लोग घायल हुए।
दूसरी घटना सिंगार गाँव में हुई जहाँ पुरानी दुश्मनी के कारण दो पक्ष भिड़ गए। यहाँ भी करीब छह लोग घायल हुए। दोनों घटनाओं में कुल 12 लोग घायल हुए जबकि एक व्यक्ति को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा। पुलिस ने दोनों गाँवों में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी और स्थिति को नियंत्रण में बताया।
यूपी के भदोही में नमाज के बाद युवक की पिटाई
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में गुरुवार (28 मई 2026) इंतेखाब आलम नामक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया। आरोप है कि उसने मस्जिद में नमाज पढ़ाने वाले हाफिज से शरीयत से जुड़ा एक सवाल पूछा था। इसके बाद विवाद बढ़ गया और उस पर हमला कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार 12 नामजद और 20 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया गया जबकि इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
मेरठ के दुर्गा मंदिर परिसर में मांस पकाने का आरोप
मेरठ में बकरीद के दिन नौचंदी मेला मैदान स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में मांस पकाने के आरोप के बाद तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले में आरोपित गादा खान को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गादा खान राजस्थान का रहने वाला है और मेले में झूला लगाकर काम कर रहा था। आरोप है कि गुरुवार (28 मई 2026) को उसने मंदिर परिसर के अंदर बकरे का मांस पकाना शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थानीय हिंदू संगठनों और लोगों में आक्रोश फैल गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में हिंदू परिवार के घर के बाहर मांस मिलने का मामला
उज्जैन के गाँधीनगर इलाके में गुरुवार (28 मई 2026) को एक हिंदू परिवार के घर के बाहर पॉलीथिन में मांस का टुकड़ा मिलने के बाद तनाव का माहौल बन गया। घटना बकरीद की सुबह की बताई जा रही है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसे माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताते हुए कार्रवाई की माँग की।
परिवार की सदस्य स्नेहलता गुप्ता के अनुसार, सुबह सफाई के कुछ समय बाद घर के गेट के पास मांस के टुकड़े पड़े मिले। सूचना मिलते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को बुलाया गया।
मौके पर पहुँची पुलिस ने स्थिति शांत कराई और आसपास लगे CCTV कैमरों की जाँच शुरू की। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ शरारती तत्व आपसी सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, थाना प्रभारी विवेक कनोडिया ने कहा कि मामले की जाँच की जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि मांस का टुकड़ा किसी पक्षी या जानवर के जरिए भी वहाँ पहुँच सकता है। फिलहाल पुलिस इलाके में निगरानी बढ़ाकर सभी पहलुओं से जाँच कर रही है।
बकरीद पर हैदराबाद में हिंदू कॉलोनियों की सड़कों पर बहाया गया खून
तेलंगाना के हैदराबाद में बकरीद के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पशुओं की कुर्बानी के बाद सड़कों पर खून बहता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह दृश्य बांग्लादेश मार्केट और आसपास की कॉलोनियों तक फैल गया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
This is from the heart of Hyderabad under Congress Ruled Telangana.
— हिंदुत्व रक्षक (@Shivnat71790298) May 28, 2026
Blood flowing through Hindu colonies in Musheerabad during Bakrid.
Hygiene, public sensitivity and civic responsibility has gone for toss
Congress Supporter😷😷😷 pic.twitter.com/cgi9yHL21R
वीडियो में कुछ महिलाएँ गुस्सा जताती और प्रशासन से सफाई व कार्रवाई की माँग करते हुए सुनाई दे रही हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस शुरू हो गई है। यह वीडियो सबसे पहले हैदराबाद बीजेपी लीगल सेल की एडवोकेट नीलम भार्गवा राम द्वारा एक्स पर साझा किया गया बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि बकरीद से पहले रमजान पर भी इसी तरह इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिंसा फैलाने की कोशिश की थी। रमजान को इस्लाम में सबसे पाक महीना माना जाता है। मुस्लिम दावा करते हैं कि यह माह इबादत, सब्र, जकात (दान) और सबसे बढ़कर आपसी दुश्मनी भुलाकर भाईचारे से रहने का है।
लेकिन जब शांति और रहमतों का यह पाक महीना चल रहा होता है, तब हिंसा, संघर्ष और खून-खराबे की खबरों में मुस्लिमों की संलिप्ता सामने आती है। 2026 में रमजान के दौरान भी सिर्फ इस्लामी कट्टरपंथियों ने ही नहीं, बल्कि इस्लामी मुल्कों ने भी इस महीने का लिहाज नहीं किया।
मात्र 30 दिनों में अनगिनत हत्या-लूटपाट-मारकाट-हिंसा-बलात्कार की घटनाएँ घटीं। ऑपइंडिया ने ऐसी 50 से अधिक घटनाओं को सूचीबद्ध किया था। इनमें बेहद क्रूर और निर्ममता से कहीं हिंदुओं को निशाना बना कर उनकी हत्या कर दी गई तो कहीं कट्टरपंथियों ने आपस में ही खूनी संघर्ष किया।
कहीं इन्हीं कट्टरपंथियों द्वारा हिंसा को काबू में करने की कोशिश कर रही पुलिस को पथराव का सामना करना पड़ा तो कहीं बिना किसी वजह छोटे बच्चों को सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि उन्होंने मुस्लिम समाज के किसी व्यक्ति पर रंगों के त्योहार होली के अवसर पर पिचकारी मार कर खुशियाँ बाँटने की कोशिश की।


