Homeविविध विषयअन्यगुजरातः सूरत की इमारत में भीषण आग, 15 लोगों की मौत

गुजरातः सूरत की इमारत में भीषण आग, 15 लोगों की मौत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सूरत में आग की त्रासदी से बहुत पीड़ा हुई। इस हादसे में प्रभावित हुए लोगों के परिवारों के साथ उनकी सहानुभूति है, साथ ही उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।

गुजरात के सूरत के तक्षशिला कॉम्पलेक्स में चलने वाले इंस्टीट्यूट में शुक्रवार (मई 24, 2019) को भीषण आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि इसमें झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें एक टीचर के शामिल होने की भी खबर है। आग लगने के बाद हालात ऐसे बन गए की कुछ लोग तो जान बचाने के लिए इस चार मंजिला इमारत से नीचे कूद पड़े। आग को बुझाने के लिए दमकल की 18 गाडियाँ और दमकल विभाग के 50 कर्मचारी मौके पर पहुँचे। फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया है। लेकिन अभी भी कई लोगों के इमारत में फँसे होने की बात कही जा रही है।

खबर के मुताबिक, कुल 50 बच्चे ट्यूशन सेंटर में मौजूद थे। हालाँकि, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लेकिन बिल्डिंग से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सूरत में आग की त्रासदी से बहुत पीड़ा हुई। इस हादसे में प्रभावित हुए लोगों के परिवारों के साथ उनकी सहानुभूति है, साथ ही उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने गुजरात सरकार और स्थानीय अधिकारियों से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए भी कहा है।

जानकारी के मुताबिक, आग तक्षशिला कॉम्पलेक्स के दूसरी मंजिल के इंस्टीट्यूट में लगी है। आग लगने के बाद कॉम्पलेक्स में अफरातफरी मच गई। राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने हादसे में आहत हुए लोगों के लिए ₹4लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा की है और साथ ही उन्होंने मामले की जाँच के आदेश भी दिए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अरुणाचल के सियांग डैम से लेकर मध्यप्रदेश के न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट तक का विरोध क्यों? जानिए प्रदर्शन का विदेशी फंडिंग और पादरी कनेक्शन

देश में हर बड़े विकास प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही विरोध शुरू हो जाता है। मध्य प्रदेश में परमाणु ऊर्जा परियोजना, अरुणाचल प्रदेश में सियांग अपर बांध सबका क्यों हो रहा विरोध?

कभी ईद पर तो कभी होली के बाद दंगे, मंदिरों पर पड़ा ताला और छीन लिए गए बिजनेस: जानें कैसे मुरादाबाद में विक्टिम मुस्लिम...

मुरादाबाद की जिस कहानी में मुस्लिमों को विक्टिम बताया जा रहा है असल में वहाँ सबसे ज़्यादा नुकसान में हिंदू ही हैं। हिंदुओं को बहुसंख्यक से अल्पसंख्यक बनाया गया, उनके धंधे छीन लिए गए, उनके पुजारी मार दिए गए और उनके मंदिरों पर ताले जड़ दिए गए।
- विज्ञापन -