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नवरात्रि के नाम पर कॉन्डम की सेल: Nykaa पर कानूनी कार्रवाई की माँग, लोगों ने कहा- हिंदू त्योहारों का अपमान बंद करो

यूजर ने कहा, "हिंदुओं के देवी-देवताओं और त्योहारों का अपमान करना बंद करो। बर्दाश्त की हद होती है नाइका। तुम्हारे लिए यही अच्छा है कि तुम कॉन्डम का प्रचार बंद करो नवरात्रि के नाम पर।"

हिंदुओं के पावन नवरात्रियों में ई-कॉमर्स साइट ‘नाइका (Nykaa)’ की एक घटिया मार्केटिंग स्ट्रैटेजी उजागर हुई है। उन्होंने दुर्गा पूजा को समर्पित नवरात्रि के नाम पर कॉन्डम बेचने का प्रयास किया है। इसमें उन्होंने सेल (Sale) का टैग लगाया है और 40 % से ज्यादा ऑफ ऑफर किया है।

सुनैना होले नाम की ट्विटर यूजर ने इस ऑफर के स्क्रीनशॉट लेकर ट्विटर पर शेयर किए। उन्होंने नाइका को टैग करते हुए पूछा- नवरात्रि और सेक्स का क्या लॉजिक है। हिंदू, इस पावन त्योहार को मनाते हैं और 9 दिन 9 देवियों की पूजा होती है। दुर्गा पूजा नवरात्रि का पर्याय है, जहाँ देवी दुर्गा महिषासुर से युद्ध करके विजय प्राप्त करती हैं और धर्म को बहाल करती हैं।

वह आगे कहती हैं, “हिंदुओं के देवी-देवताओं और त्योहारों का अपमान करना बंद करो। बर्दाश्त की हद होती है नाइका। तुम्हारे लिए यही अच्छा है कि तुम कॉन्डम का प्रचार बंद करो नवरात्रि के नाम पर।” आगे उन्होंने लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी को टैग करके इस मामले को देखने को कहा।

इस ट्वीट के बाद नाइका को लेकर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने एप को डिलीट करने की बात कहते हुए कहा, “एक ऐसा एड रमजान, ईद, थैंक्सगिविंग, गुड फ्राइडे, क्रिसमस पर भी दे दो। हर बार हिंदुओं के त्योहारों पर ही ऐसी छूट क्यों?”

संतोष नाम के यूजर लिखते हैं, “हमें इसका पूर्ण बहिष्कार करना होगा। ये बेहद घटिया और अपमानजनक है। मेरा कहना है कि आप ऐसे अपमानजनक बात ऐसे पावन सप्ताह में कैसे कर सकते हैं। वाकई ये घटिया है और इस पर लीगल एक्शन लिया जाना चाहिए। बहुत ज्यादा आजादी स्वतंत्रता खतरा होती है।”

इशिता अग्रवाल पूछती हैं, “नाइका ये सब क्या है? क्या ये ऐड इसलिए हैं ताकि आपके बारे में लोगों को पता चले और सेल बढ़े। अगर ऐसा है तो तुम्हें इसका अफसोस होगा।”

एक यूजर कहते हैं, “ये नाइका या अन्य के बारे में नहीं है। वह इस भारत को जानते हैं कि वो हिंदुओं के पर्व और देवताओं को बदनाम कर सकते हैं और हम ये सहकर भी उनके प्रोडक्ट खरीदते रहेंगे।”

उल्लेखनीय है कि ये पहली बार नहीं है जब कंपनी या किसी संगठन ने प्रचार के नाम पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया हो। दिवाली से लेकर होली और तमाम त्योहारों पर बड़ी-बड़ी कंपनियाँ ऐसी विज्ञापन दे डालती हैं जिससे हिंदू होने के नाते किसी को भी ठेस पहुँचे। पिछले दिनों मान्यवर ने ‘कन्यादान’ रीति को नई परिभाषा देने के नाम पर ऐसा ही काम किया था, उस समय उनका भी विरोध हुआ था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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