Homeविविध विषयअन्यबचपन से ही 'नवाबी शौक' वाला था अतीक अहमद का बेटा असद, खुद को...

बचपन से ही ‘नवाबी शौक’ वाला था अतीक अहमद का बेटा असद, खुद को कहता था ‘छोटे सांसद जी’: एनकाउंटर में UP एसटीएफ ने कर दिया ढेर

एक पोस्ट में असद ने लिखा था, "लोग हथियार दिखाते हैं दहशत बनाने के लिए, हमारी आँखें ही काफी हैं, तेरी धड़कन बढ़ाने के लिए भाई।"

माफिया अतीक अहमद का बेटा असद अहमद गुरुवार (13 अप्रैल 2023) को यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में झाँसी में मारा गया। उसका शूटर गुलाम भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। दोनों उमेश पाल की हत्या के बाद से फरार चल रहे थे। असद ने इंस्टाग्राम पर कई ऐसे पोस्ट शेयर किए हैं, जो उसकी दबंगई को दिखाते हैं। सितंबर 2021 में उसने एक फोटो शेयर की थी, जिसमें वह कई लोगों को कुछ कहते हुए दिखाई दे रहा है। इस फोटो के साथ उसने लिखा था, “वक्त आने पर बता देंगे तुझे ये आसमाँ, हम अभी से क्या बताएँ, क्या हमारे दिल में है।”

असद अहमद के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

एक और पोस्ट में उसने लिखा था, “लोग हथियार दिखाते हैं दहशत बनाने के लिए, हमारी आँखें ही काफी हैं, तेरी धड़कन बढ़ाने के लिए भाई।”

असद अहमद के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बचपन से ही ‘नवाबी शौक’ रखने वाला अतीक अहमद का बेटा असद खुद को छोटे सांसद जी कहता था।

असद अहमद के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

एक पोस्ट में असद ने लिखा था, “आदतें बुरी नहीं हैं हमारी, बस शौक नवाबों वाले हैं।”

असद अहमद के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

असद ने 14 मार्च 2019 को अपने दोस्तों के साथ एक पोस्ट शेयर करते हुए यह भी लिखा था, “चलो आज फिर थोड़ा मुस्कुराया जाए, बिना माचिस के कुछ लोगों को जलाया जाए।”

असद अहमद के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

इसके अलावा वह अपने अब्बा की पहुँच की सबको धौंस भी दिखाता था। उसने एक पोस्ट में यह भी लिखा था, “जेल की सलाखों में इतना दम नहीं कि हमारे हौसलों के फौलाद को रोक सकें। जिस दिन मर्जी होगी जंजीर तोड़कर खुले आसमान का मंजर देख लेंगे।” उसने अपने इंस्टाग्राम पर एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी की तस्वीर भी शेयर की हुई है।

असद अहमद के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बता दें कि यूपी एसटीएफ ने उमेश पाल मर्डर केस में आरोपित असद अहमद और शूटर मोहम्मद गुलाम पर 5-5 लाख रुपए का इनाम रखा था। दोनों का एनकाउंटर करने वाली टीम को डीएसपी नवेंदु और विमल लीड कर रहे थे। दोनों के पास से विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -