Homeदेश-समाज4 मुस्लिम युवक, 13 साल की लड़की से चलती कार में कर रहे थे...

4 मुस्लिम युवक, 13 साल की लड़की से चलती कार में कर रहे थे रेप: असम पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी ने पकड़ा, इंस्टाग्राम पर रुबेल रहमान से हुई थी पीड़िता की दोस्ती

आरोपितों की उम्र 19 से 24 साल के बीच है। सभी धुबरी जिले के रहने वाले हैं। रुबेल और इमरान स्टूडेंट हैं। मोमिनुर ड्राइवर है और अनवर कुछ नहीं करता। पूछताछ के दौरान पता चला कि रुबेल पीड़िता को पहले से जानता था। कुछ महीने पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर दोनों की दोस्ती हुई थी।

असम में 13 साल की लड़की से चलती कार में गैंगरेप की घटना सामने आई है। आरोपितों की पहचान रुबेल रहमान, इमरान हुसैन, अनवर हुसैन और मोमिनुर रहमान के तौर पर हुई है। पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी ने शक के आधार पर इस कार को पकड़ा और उसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

गैंगरेप की यह वारदात कोकराझार जिले में 16 मई 2023 को हुई। पुलिस ने गुरुवार (18 मई 2023) को इसकी जानकारी दी। आरोपितों में से एक को पीड़िता जानती है। रुबेल रहमान से इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती हुई थी। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर कोकराझार की अदालत में पेश किया। अदालत ने इन्हें तीन दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नूर इस्लाम सरकार ने बताया कि 16 मई की दोपहर पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी डोटमा इलाके के पास नेशनल हाईवे से गुजर रही थी। इसी दौरान उनकी नजर एक संदिग्ध कार पर पड़ी। उन्होंने गाड़ी रुकवाकर जाँच की। गाड़ी में 1 नाबालिग लड़की और चार युवक मिले। पेट्रोलिंग पार्टी सभी को लेकर नजदीकी थाने पहुँची। पूछताछ के दौरन नाबालिग लड़की ने बताया कि कार में उसके साथ चारों युवकों ने बारी-बारी से बलात्कार किया है।

आरोपितों की उम्र 19 से 24 साल के बीच है। सभी धुबरी जिले के रहने वाले हैं। रुबेल और इमरान स्टूडेंट हैं। मोमिनुर ड्राइवर है और अनवर कुछ नहीं करता। पूछताछ के दौरान पता चला कि रुबेल पीड़िता को पहले से जानता था। कुछ महीने पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर दोनों की दोस्ती हुई थी।

वारदात वाले दिन रुबेल अपने तीन दोस्तों के साथ पीड़िता से मिलने धुबरी से कोकराझार के डोटमा पहुँचा था। लड़की को अकेला पाकर चारों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। चारों के खिलाफ डोटमा पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।
- विज्ञापन -