Homeदेश-समाजड्रग्स के 60 कैप्सूल अपने प्राइवेट पार्ट में छिपा कर तस्करी कर रही थी...

ड्रग्स के 60 कैप्सूल अपने प्राइवेट पार्ट में छिपा कर तस्करी कर रही थी महिला, कीमत ₹16 करोड़: एयरपोर्ट पर धराई

दिसंबर 2021 में भी कस्टम की टीम ने जयपुर एयरपोर्ट से 90 करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद किए थे।

राजस्थान में एक अफ़्रीकी महिला धराई थी, जो अपने प्राइवेट पार्ट में ड्रग्स वाले 60 कैप्सूल्स छिपा कर तस्करी कर रही थी। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उक्त महिला को पकड़ा गया है। आरोपित महिला अफ्रीका की रहने वाली है। शनिवार (19 फरवरी, 2022) की देर रात वो महिला वहाँ पहुँची थी। जाँच के दौरान ‘डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI)’ की टीम ने महिला को पकड़ने में सफलता पाई। वहाँ से उसे सवाई मानसिंह अस्पताल लेकर जाया गया।

वहीं पर डॉक्टरों की टीम ने महिला के प्राइवेट पार्ट में छिपा कर रखे गए 60 कैप्सूल्स निकालने में सफलता पाई। ये महिला युगांडा की रहने वाली है। उसका नाम अमानी हैवेंस लोपेज है, जो UAE के शारजाह से फ्लाइट लेकर तड़के सुबह 3 बजे जयपुर पहुँची थी। इन कैप्सूल्स में दो किलो ड्रग्स बरामद किए गए है। इसकी कीमत 16 करोड़ बताई जा रही है। महिला फ़िलहाल सवाई मानसिंह अस्पताल में ही भर्ती है और उसके स्वास्थ्य पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

DRI की टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाई हुई है। महिला के प्राइवेट पार्ट से कैप्सूल्स को निकालने में 2 दिन लग गए। फ़िलहाल वो अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती है। उसकी उम्र 31 वर्ष है। दिसंबर 2021 में भी कस्टम की टीम ने जयपुर एयरपोर्ट से 90 करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद किए थे। केन्या की एक महिला पैसेंजर 12.9 किलोग्राम हेरोइन की तस्करी करते हुए धराई थी। लुकआउट नोटिस के बाद ये कार्रवाई हुई थी। इस एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी भी बड़ी मात्रा में आता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -