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जय श्रीराम का नारा लगाने वाले अहसान को धमकी, मुस्लिम समुदाय से सामाजिक बहिष्कार, दोस्त-परिवार ने छोड़ा साथ

अहसान को जान से मारने की धमकी मिल रही। उन्होंने कहा था कि राम उनके पूर्वज हैं और वो राम के वंशज हैं। साथ ही यह भी कहा था कि उन्हें जय श्रीराम बोलने में या भारत माता की जय बोलने में कोई आपत्ति नहीं है।

योगी आदित्यनाथ की सभा में जय श्रीराम का नारा लगाने वाले सहरानपुर के अहसान राव को अब मुस्लिम समुदाय से सामाजिक बहिष्कार झेलना पड़ रहा है। उनके दोस्तों और सगे-संबंधियों ने उनसे मुँह मोड़ लिया है। यहाँ तक कि अब उनको धमकी भरे कॉल आ रहे, जिसमें उन्हें गैर इस्लामिक बताया जा रहा। यह रैली 2 दिसम्बर 2021 को हुई थी, जिसमें अमित शाह भी शामिल थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अहसान ने कहा है, “मैंने जोश में ये नारा लगा दिया था। मुझको पता भी नहीं था कि उनकी कोई रिकार्डिंग कर रहा है। मुझे यह नारा लगाने का कोई अफ़सोस भी नहीं है।” अहसान राव की उम्र लगभग 22 साल है और वो किसान हैं।

ऑपइंडिया से बातचीत में सहारनपुर के एसएसपी IPS आकाश तोमर ने बताया कि अहसान राव की सुरक्षा के लिए पुलिस का गनर दिया गया है। अहसान को जान से मारने की धमकी मिल रही। वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने कहा था कि राम उनके पूर्वज हैं और वो राम के वंशज हैं। साथ ही यह भी कहा था कि उन्हें जय श्रीराम बोलने में या भारत माता की जय बोलने में कोई आपत्ति नहीं है।

गौरतलब है कि अहसान द्वारा जय श्रीराम का नारा लगाने वाले वीडियो के सामने आने के बाद देवबंद के उलेमा मुफ़्ती असद कासमी का कहना था कि इस्लाम के अंदर इस तरह के नारे लगाने की कोई गुंजाइश नहीं है। अहसान राव को मौलानाओं से मिलकर रुजू करना चाहिए और अल्लाह से तौबा करना चाहिए। उलेमा ने अहसान को इस्लाम से खारिज करने की भी धमकी दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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