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‘मैं हिंदू हूँ इसलिए प्रोफेसर एहतेशाम 3 साल से जान-बूझकर कर रहे हैं फेल’: छात्रा के आरोप पर AMU का दावा- नकल करते पकड़ी गई थी, अब जाँच कमिटी बताएगी सच्चाई

अवंतिका ने कहा है कि उन्होंने 2021 में एडमिशन लिया था लेकिन उन्हें लगातार 3 बार फेल किया गया। अवंतिका ने फेल करने का आरोप प्रोफ़ेसर एहतशाम पर लगाया है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) की एक हिन्दू छात्रा ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम ना होने के कारण उसके साथ भेदभाव हो रहा है। छात्रा ने कहा है कि उसे गैर मुस्लिम होने के कारण लगातार तीन साल से फेल किया जा रहा है। AMU ने इस मामले में छात्रा के आरोपों को नकारते हुए जाँच के लिए एक कमिटी बना दी है।

AMU में BA LLB कर रही छात्रा अवंतिका गौर ने यह आरोप लगाए हैं। अवंतिका पहले वर्ष की छात्रा हैं। अवंतिका ने कहा है कि उन्होंने 2021 में एडमिशन लिया था लेकिन उन्हें लगातार 3 बार फेल किया गया। अवंतिका ने फेल करने का आरोप इतिहास के प्रोफ़ेसर एहतशाम पर लगाया है।

एहतशाम इसी विभाग के प्रोफ़ेसर हैं। अवंतिका ने इस संबंध में 3 नवम्बर, 2024 को AMU परिसर के भीतर धरना भी दिया था। छात्रा का कहना था कि उसको फेल किए जाने कि वजह यह है कि मुस्लिम नहीं है। अवंतिका के आरोपों को लेकर अब AMU प्रशासन ने भी जवाब दिया है।

AMU के प्रॉक्टर मोहम्मद वसीम और डिप्टी प्रॉक्टर मोहम्मद हशमत अली ने इन आरोपों को नकारा है। AMU के कंट्रोलर मुजीबुल्लाह जुबेरी ने कहा अवंतिका 2021 में AMU में आईं थी और पहले साल वह फेल हो गईं थी। जुबेरी ने बताया कि 2022 में अवंतिका को नक़ल करते हुए पकड़ा गया था।

जुबेरी का कहना है कि 2023 में भी अवंतिका 3 विषयों में फेल हो गईं थी क्योंकि उन्होंने 5 में से 3 विषयों के जवाब लिखे थे। जुबेरी ने कहा है कि अवंतिका के आरोपों को लेकर AMU ने इतिहास विभाग के प्रोफ़ेसर मानवेन्द्र कुमार पुंडीर की अध्यक्ष में एक कमिटी का गठन कर दिया है जो इस मामले की जाँच करेगी।

अवंतिका ने माँग की थी कि उनकी कॉपी किसी और प्रोफ़ेसर से चेक करवाई जाए। जुबेरी ने कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई आवेदन नहीं मिला है। उन्होंने कहा है कि कमिटी जैसी रिपोर्ट पेश करेगी, वैसा ही एक्शन अवंतिका के मामले में लिया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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