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‘मेरी बेटी का मानसिक उत्पीड़न कर रहा AMU का डीन जफ़र नोमानी’: छात्रा की प्रोफेसर माँ ने कुलपति से की शिकायत, आरोपित ने कहा – आहत हूँ, उसकी मदद करता था

अपनी शिकायत में महिला प्रोफेसर ने बताया है कि उनकी बेटी AMU में बीएएलएलबी की 8वें सेमेस्टर की छात्रा है। आरोप है कि 5वें सेमेस्टर के बाद से ही उनकी बेटी अंकों की दिक्कत झेलती आ रही है।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में पढ़ने वाली एक छात्रा की माँ ने अपनी बेटी के मानसिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवाई है। कुलपति को भेजी गई शिकायत में उन्होंने लॉ डिपार्टमेंट के डीन डॉ जफर एम नोमानी और उसके ऑफिस के कुछ अन्य स्टाफ को आरोपित किया है। शिकायत करने वाली अभिभावक खुद एक प्रोफेसर हैं जो इस समय अरब की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाती हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए आरोपित डीन ने खुद को बेकसूर बताते हुए सफाई के तौर पर इस घटना में बिना कारण अपना नाम घसीटे जाने की बात कही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला AMU के विधि संकाय (लॉ फैकेल्टी) का है। सऊदी अरब के एक विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर तैनात एक महिला ने कुलपति को शिकायत भेजी है। अपनी शिकायत में महिला प्रोफेसर ने बताया है कि उनकी बेटी AMU में BALLB की 8वें सेमेस्टर की छात्रा है। आरोप है कि 5वें सेमेस्टर के बाद से ही उनकी बेटी अंकों की दिक्कत झेलती आ रही है। बताया गया है कि डीन ने जफर नोमानी ने पीड़िता छात्रा द्वारा 28 जनवरी 2023 को दी गई परीक्षा के नंबर पुरस्कार सूची में दर्ज नहीं किए।

शिकायत में आगे यह बताया गया है कि पीड़िता को कभी टीचर मोहिब अनवर तो कभी मोहम्मद यासीन के पास दौड़ाया गया। यह दौड़-धूप न सिर्फ लॉ फैकेल्टी के ऑफिस बल्कि आरोपित टीचरों के घर तक होना बताया गया है। छात्रा ने परेशान हो कर अपनी माँ को सारी बात बताई। अरब में कार्यरत छात्रा की माँ ने भी AMU के लॉ फैकेल्टी से जुड़े स्टाफ और डीन से अपने बेटी की दिक्क्तों के समाधान की अपील की। हालाँकि, शिकायतकर्ता का मानना है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

अब छात्रा की माँ ने कुलपति को सीधी शिकायत भेज कर डीन और लॉ संकाय के अन्य आरोपित स्टाफ कर एक्शन लेने की माँग की है।

मुझ पर लग रहे आरोप बेबुनियाद

ऑपइंडिया ने इस मामले में AMU के आरोपित डीन डॉ जफर नोमानी को सम्पर्क किया। डॉ नोमानी ने हमें बताया कि पीड़िता की शिकायत का उनसे कोई संबंध नहीं है, बावजूद इसके उन्हें बेवजह मामले में घसीटा जा रहा है। डॉ नोमानी ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद से सीधा जुड़ा काम न होने के बावजूद भी पीड़िता छात्रा की बहुत मदद की लेकिन फिर भी न जाने क्यों उनको ही टारगेट किया जा रहा है। अंत में उन्होंने कहा कि वो अभी भी इस बात के लिए काफी प्रयासरत हैं कि पीड़ित छात्रा की दिक्कतों का कैसे भी हल निकल आए। इसी के साथ उन्होंने लग रहे आरोपों से खुद को आहत बताया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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