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अरमान को शाहरुख, सैफ की भीड़ ने चाकू घोंप कर मारा: अब्बा के ‘गणेश उत्सव’ से पुलिस की ‘पुरानी रंजिश’ तक – दिल्ली के मंगोलपुरी घटना की पूरी रिपोर्ट

अरमान के अब्बा सलीम के मुताबिक हमलावरों ने उनके बेटे फरदीन के चेहरे पर अबीर-गुलाल लगा देखा तो भड़ गए और उससे पूछने लगे, "तुम काहे के मुसलमान हो?" इसके बाद उस पर उन्होंने हमला किया और बाद में अरमान को भी चाकू मारा।

देश की राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में 22 साल के अरमान नाम के युवक की हत्या कर दी गई। वारदात 9 सितंबर 2022 (शुक्रवार) की है। मृतक के परिजनों के मुताबिक हत्या की वजह अरमान का गणेश चतुर्थी में शामिल होना है जबकि पुलिस इसके पीछे पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई को कारण मान रही है। हत्यारोपित भी मुस्लिम समुदाय से हैं। अब तक हत्या में शामिल 3 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

हत्या में कैसे आया गणेश चतुर्थी का जिक्र?

कई मीडिया संस्थानों ने अरमान की हत्या में गणेश चतुर्थी का जिक्र किया। इस जिक्र की वजह मृतक अरमान के अब्बा और उसके भाई का बयान है। अरमान के अब्बा सलीम के मुताबिक हमलावरों ने उनके बेटे फरदीन के चेहरे पर अबीर-गुलाल लगा देखा तो नाराज हो गए और उससे पूछने लगे, “तुम काहे के मुसलमान हो?”

सलीम के मुताबिक, “इसके बाद उन लोगों में लड़ाई शुरू हो गई। अरमान ने अचानक इस हल्ले को सुना तो उसने बाहर जाकर देखा। वहाँ उसने पाया कि उसके भाई को ही चाकू मारा गया है। अरमान फौरन फरदीन को अस्पताल ले जाने लगा। लेकिन तभी पीछे से उन लोगों ने अरमान को खींचा और घर के अंदर ले जाकर उसको भी चाकू मार दिए जिसके बाद उसकी मौत हो गई।”

मृतक के पिता के अलावा भाई फरदीन ने भी लगभग वहीं बातें दोहराईं जो उनके अब्बा ने कही थी। फरदीन के मुताबिक, “मेरे ऊपर अबीर लगा देख कर मुझ से नमाज न पढ़ने की वजह पूछी गई और बाद में हमला बोल दिया गया।” आरोप है कि इसी हमले में बीच बचाव करने आए अरमान की चाकू लगने से मौत हो गई।

कथित गंगा-जमुनी तहजीब पर सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस चाकूबाजी में घायलों के नाम मोईन और फरदीन हैं जबकि हमलावरों के नाम शाहरुख़, शेख समीर, विनीत, सैफ, करण बादशाह, अजय, साबिर और शाहबीर हैं। मृतक के अब्बा और भाई के बयानों के ही आधार पर विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल व अन्य हिन्दू संगठनों ने कथित गंगा-जमुनी तहजीब पर सवाल खड़े किए।

बाइक टकराने से शुरू हुआ विवाद

एक अन्य वीडियो में मृतक अरमान का भाई फरदीन इस पूरे विवाद की जड़ बाइक टकराना बता रहा है। उसके मुताबिक, “मैं गाड़ी लेकर जा रहा था और हार्न मारा पर आरोपित देख कर हटे नहीं।” फरदीन के अनुसार उसकी बाइक विपक्षियों के हाथ में छू गई और उधर से लोगों को जमा किया जाने लगा। मृतक के भाई के अनुसार आरोपित पक्ष के लोग जमा हो कर लड़कियों को भी परेशान करते थे। इसके बाद फरदीन ने गणेश चतुर्थी में लगे रंग की बात दोहराई।

एक अन्य घायल मोईन ने बताया कि हमलावरों की संख्या 10 से 15 थी। मोईन ने भी विवाद की वजह बाइक टकराना बताया है। घायल मोईन मृतक अरमान का चचेरा भाई है।

इन सब बयानों के बीच हत्या की घटना की एक वीडियो सामने आई है। ये वीडियो उस घर के सामने वाले घर से बनाई गई है जहाँ चाकू घोंपा गया। वीडियो बनाने वाली भी हमला देख रो रही है। वहीं दूसरी महिला कह रही है, “तेरे घर का थोड़ी न है कोई”

पुलिस ने बताया 2 परिवारों का पुराना विवाद

दिल्ली पुलिस ने इस घटना में किसी भी प्रकार का साम्प्रदायिक एंगल होने से इंकार करते हुए इस पूरे विवाद को 2 परिवारों के बीच वर्चस्व की लड़ाई बताया है। ADCP आउटर ने कहा कि पीड़ित और आरोपित दोनों ही परिवारों में पहले से दुश्मनी थी। इसी के साथ 3 आरोपितों की गिरफ्तारी और अन्य विधिक कार्रवाई जारी होना भी बताया गया।

फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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