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असम में 1000 बीघा जमीन खाली कराने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान, अवैध निर्माणों पर CM सरमा का चला बुलडोजर, बड़ी संख्या में पुलिस तैनात

23 सितंबर 2022 को दारांग जिले के गोरुखुटी इलाके में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया था। इस अभियान के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। जगह खाली कराने गई पुलिस पर गाँव वालों ने हमला कर दिया था। इस हमले में दो लोग मारे गए थे और 20 से अधिक घायल हो गए थे। मारे गए लोगों में 12 साल का एक किशोर भी शामिल था।

असम सरकार राज्य के एक बड़े हिस्से में अतिक्रमण विरोधी अभियान चला रही है। नागाँव जिले में स्थानीय प्रशासन ने सोमवार (19 दिसंबर 2022) की सुबह करीब 1000 बीघा सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर कब्जा मुक्त करा रही है। लोगों के विरोध को देखते हुए बताद्राबा में 800 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

इलाके में सरकारी जमीनों पर अवैध मकान बनाकर बड़े पैमाने पर कब्जा जमा लिया गया है। इन अवैध कब्जों को हटाने के लिए यह अभियान चलाया गया है। इसके लिए 15वीं सदी के वैष्णव संत शंकरदेव की जन्मस्थली बताद्राबा के हिडुबी इलाके में सीआरपीएफ और असम पुलिस के करीब हजार जवानों को तैनात किया गया है।

बताया जा रहा है कि नागाँव जिला प्रशासन द्वारा भुमुरगुरी ग्राजिंग रिजर्व, जमाई बस्ती, रामपुर, कदमोनी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान चलाया गया है। अभी भी करीब 400 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया जाना है।

अधिकारियों के अनुसार, बेदखली अभियान से पहले ‘अवैध अतिक्रमणों’ की पहचान करने के लिए क्षेत्र में एक सर्वेक्षण किया गया था। इस साल अक्टूबर में लगभग 1,000 परिवारों को नोटिस भेजकर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था।

नागाँव जिले की पुलिस अधीक्षक लीना डोले (Leena Doley) ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण करने वालों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था, क्योंकि ये सरकारी जमीन पर बने प्लॉट हैं। 13 दिसंबर से यहाँ सुरक्षाकर्मी डेरा डाले हुए हैं और फ्लैग मार्च कर रहे हैं। नोटिस के बाद कई अतिक्रमणकारी पहले ही इस इलाके को छोड़ चुके हैं।

उन्होंने आगे बताया, “हमारी रिपोर्ट के अनुसार सरकारी जमीन पर 302 अवैध मकान बनाए गए थे, जिनमें अब 72 बचे हैं। हमें इस अभियान में स्थानीय लोगों का पूरा सहयोग मिला है। अब बेदखली का अभियान शांतिपूर्वक चल रहा है। उम्मीद है कि हम 1000 बीघा जमीन कब्जा मुक्त कर पाएँगे।”

हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम सरकार द्वारा चलाए जा रहे बेदखली अभियान के कारण अवैध मकान बनाने वाले सैकड़ों परिवार ये जगह छोड़कर चले गए हैं। उनमें से कई लोग अपने घरों को खुद ही तोड़कर यहाँ से चले गए। इस साल सितंबर में मुख्यमंत्री सरमा ने असम विधानसभा को बताया था कि राज्य भर में कुल 4,449 परिवारों को बेदखल किया गया है, क्योंकि उन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था।

गौरतलब है कि 23 सितंबर 2022 को दारांग जिले के गोरुखुटी इलाके में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया था। इस अभियान के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। जगह खाली कराने गई पुलिस पर गाँव वालों ने हमला कर दिया था। इस हमले में दो लोग मारे गए थे और 20 से अधिक घायल हो गए थे। मारे गए लोगों में 12 साल का एक किशोर भी शामिल था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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