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झारखंड में जनजातीय समाज के त्योहार ‘सरहुल’ पर कट्टरपंथी मुस्लिमों का हमला, पथराव में कई घायल: मरांडी बोले – हेमंत सरकार में बढ़ा एक समुदाय का दुस्साहस

जब सरहुल मनाने के लिए जनजातीय समाज के लोग यहाँ पहुँचे तो एक बार फिर से झड़प हुई। बहस के बाद मारपीट शुरू हो गई। लाठी-डंडे निकल आए, ईंट-पत्थर चलने लगे।

झारखंड की राजधानी राँची में सरना पंथ के त्योहार सरहुल के आयोजन पर इस्लामी हमला किया गया है। बता दें कि सरहुल जनजातीय समाज के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसमें प्रकृति की पूजा की जाती है और स्त्री-पुरुष आग गोल-गोल घूमते हुए नृत्य करते हैं। जहाँ तक ताज़ा घटना की बात है, पिठोरिया थाना क्षेत्र के हेठबालू में मंगलवार (1 अप्रैल, 2025) को शाम क़रीब सधी 4 बजे शोभा यात्रा निकल रही थी, इसी दौरान ये हमला हुआ। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

जनजातीय समाज ने इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है और आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की है। घटना का कारण ये है कि मुस्लिम समाज के लोगों ने सड़क के दोनों तरफ बिजली की लड़ियाँ लगाई हुई थीं। इसी दौरान जनजातीय समाज ने सरहुल के मौके पर वहाँ सरना झंडा लगाया। एक दिन पूर्व भी दोनों पक्षों के बीच इसे लेकर तनातनी हुई थी। मंगलवार को जब सरहुल मनाने के लिए जनजातीय समाज के लोग यहाँ पहुँचे तो एक बार फिर से झड़प हुई। बहस के बाद मारपीट शुरू हो गई। लाठी-डंडे निकल आए, ईंट-पत्थर चलने लगे।

सरहुल शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे पाहन सहित 8 लोग इस हिंसा में घायल हुए हैं। वहीं मुस्लिम समाज का कहना है कि उनकी तरफ भी 4 लोगों को चोटें आई हैं। घायलों में नगदेव पाहन, रवि मुंडा, करण मुंडा, संदीप मुंडा, अरविंद मुंडा, अजय मुंडा और विजय मुंडा शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मारपीट के दौरान आरिफ अंसारी ने हथियार लहराए। उसे पकड़ के पुलिस को सौंप दिया गया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक आरोपों की पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद पंचायत प्रमुख और उप-प्रमुख जैसे नेताओं के अलावा DSP व थाना प्रभारी जैसे पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे।

डीएसपी अमर कुमार पांडेय का कहना है कि साज-सज्जा को लेकर दोनों पक्षों में झड़प हुई थी। उन्होंने समझा-बुझाकर मामले को शांत किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उधर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी इस मामले को सोशल मीडिया के जरिए उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शासनकाल में समुदाय विशेष का दुस्साहस बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन न तो सरना स्थलों की रक्षा कर पा रहे हैं, न ही सरहुल उत्सव की सुरक्षा सुनिश्चित कर पा रहे हैं।

बाबूलाल मरांडी ने कहा, “हेमंत सोरेन जी, फिर एक नौटंकी कीजिए – जैसे आपने पहले सरना स्थल आंदोलनकारियों पर मुक़दमा दर्ज कराया, फिर कारवाई रोक कर वाहवाही बटोरने का प्रयास किया। ठीक उसी तरह अब जनजातियों से से प्राथमिकी दर्ज कराइए, फिर उसे निरस्त कर वाहवाही बटोरिए। और ऐसे ही कुटिल राजनीति के माध्यम से जनजातीय समाज को बेवक़ूफ़ बनाकर भ्रमित करते रहिए।” बाबूलाल मरांडी ने सरहुल जुलूस में बाधा उत्पन्न करने वाले उपद्रवियों पर बिना विलंब सख्त कारवाई करने की अपील राँची पुलिस से की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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