Homeदेश-समाजबाबा बागेश्वर को धमकी देने वाला अनस अंसारी गिरफ्तार, बोले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री-...

बाबा बागेश्वर को धमकी देने वाला अनस अंसारी गिरफ्तार, बोले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री- ऐसे लोगों की ठठरी बाँधने बरेली जाऊँगा

धमकी को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि इस तरह की गीदड़ भभकियों से शेर डरा नहीं करते। अगर कभी मौका मिला तो वह ऐसे लोगों की ठठरी बाँधने के लिए बरेली जरूर जाएँगे।

बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को धमकी देने के मामले में पुलिस ने अनस अंसारी को गिरफ्तार किया है। उसे उत्तर प्रदेश के बरेली से पकड़ा गया है। आरोप है कि अनस ने इंस्टाग्राम पर लिखा था- बाबा की मौत मंडरा रही है। वहीं बाबा बागेश्वर ने कहा है कि वह ऐसी गीदड़ भभकियों से नहीं डरते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अनस अंसारी बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के रिठौरा गाँव का रहने वाला है। उसने इंस्टाग्राम पर चैट करते हुए लिखा था, “बाबा की मौत मंडरा रही है और वीडियो ढूँढ़ लो। बच गया साला, नहीं तो मारा जाता।” अनस ने इंस्टाग्राम पर mr_anas2332 के नाम से आईडी बना रखी है। इस चैट स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी।

इस मामले में बरेली के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि अनस अंसारी ने इंस्टाग्राम पर धीरेंद्र शास्त्री को लेकर भड़काऊ बात लिखते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295 ए, 504, और आईटी एक्ट (IT Act) के तहत मामला दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पुलिस और इंटेलीजेंस इस मामले की तह तक जाने में जुटी हुई है। अनस अंसारी के आतंकी संगठन से जुड़े होने तथा यह धमकी किसी के कहने पर तो नहीं दी गई है, इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

वहीं जब धमकी को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मीडिया ने सवाल किया तो पहले उन्होंने इसे हँसकर टाल दिया। फिर कहा कि लिखने वाले के हाथ से अगर ईश्वर ने लिखवाया होगा तो उसे कौन रोक पाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की गीदड़ भभकियों से शेर डरा नहीं करते। अगर कभी मौका मिला तो वह ऐसे लोगों की ठठरी बाँधने के लिए बरेली जरूर जाएँगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -