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बाराबंकी में वकीलों ने जज के साथ की बदसलूकी, कहा- हड़ताल है तो क्यों कर रहे हो काम?

विरोध कर रहे वकील जज के कार्यालय में घुस आए और उनका कॉलर पकड़ कर अभद्रता करने लगे। उनके आशुलिपिक, गनर और स्टाफ के लोगों के साथ भी गाली गलौज और अभद्रता की। मोबाइल से फोटो खींचने पर वकीलों ने मोबाइल फोन छीन लिया और जम कर उत्पात मचाया।

दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच विवाद का असर देश के कई जगहों पर देखने को मिला। लेकिन, यूपी के बाराबंकी में वकीलों द्वारा जज के साथ मारपीट और अभद्रता करने की घटना सामने आई है। वकीलों ने जज के चेंबर में घुसकर उनके साथ अभद्रता की। आरोप है कि वकीलों ने जज का कॉलर पकड़ लिया उनके साथ गाली-गलौज की।

दरअसल, तीस हजारी कोर्ट में हुए विवाद के कारण जिले के अधिवक्ताओं की शुक्रवार (नवंबर 8, 2019) को हड़ताल चल रही थी। इसी दौरान तहसील के सामने स्थित मोटर दुर्घटना कार्यालय में वकीलों के समूह ने जज संदीप जैन के कार्यालय में घुस कर उनके और उनके कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की। 

बता दें कि संदीप जैन मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण के पीठासीन अधिकारी (जज) हैं। उन्होंने बताया कि वो अपने कार्यालय में बैठ कर कुछ जरूरी आदेश आशुलिपिक से लिखवा रहे थे। तभी 40- 50 वकील उनके कार्यालय में घुस आए और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। 

विरोध कर रहे वकील जज के कार्यालय में घुस आए और उनका कॉलर पकड़ कर अभद्रता कर कहने लगे कि हड़ताल के दिन काम क्यों करवा रहे हो। उनके अलावा वकीलों ने उनके आशुलिपिक, गनर और स्टाफ के लोगों के साथ भी गाली गलौज और अभद्रता की। मोबाइल से फोटो खींचने पर वकीलों ने मोबाइल फोन छीन लिया और जम कर उत्पात मचाया।

इस घटना का विवरण देते हुए संदीप जैन ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर दोषी वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की माँग की है। इस मामले में बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि इस संबंध में संदीप जैन की तहरीर पर अज्ञात वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। आगे जाँच में जो तथ्य सामने आएँगे उसके अनुसार कार्यवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी अभद्रता की बात सामने आई है और सरकारी कार्य में बाधा डालने का अभियोग पंजीकृत किया गया है। सीसीटीवी कैमरे की भी जाँच में यदि कोई फुटेज मिलता है तो उसे भी संज्ञान में लिया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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