Homeदेश-समाजमौलाना के पास दीनी तालीम लेने गया था 9 साल का बच्चा, घर लौटा...

मौलाना के पास दीनी तालीम लेने गया था 9 साल का बच्चा, घर लौटा तो कपड़ों पर लगा था खून: रेप कर धमकाया भी

"9 साल का बच्चा आरोपित मौलाना के घर पर ट्यूशन लेने जाता था। इसी बीच उसकी नीयत बच्चे को लेकर बिगड़ गई और सोमवार को उसने बच्चे के साथ रेप किया।'

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से नौ साल के बच्चे के साथ रेप किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपित 21 साल का मौलाना मोहम्मद गुल हसन है। पीड़ित बच्चा उसके पास दीनी तालीम लेने जाता था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपित मौलाना को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना सोमवार (11 अक्टूबर 2021) को बारादरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोट मोहल्ले में घटी। ऑप इंडिया से बात करते हुए बारादरी थाना के एसएचओ नीरज मलिक ने बताया, “9 साल का बच्चा आरोपित मौलाना के घर पर ट्यूशन लेने जाता था। इसी बीच उसकी नीयत बच्चे को लेकर बिगड़ गई और सोमवार को उसने बच्चे के साथ रेप किया। आरोपित मौलाना के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 377 और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।”

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेडिकल जाँच में बच्चे के साथ रेप की पुष्टि हुई है। मौलाना को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित बच्चे के परिजनों का कहना है कि मौलाना ने रेप करने के बाद बच्चे को धमकी दी थी कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसके परिवार को जान से मार देगा। बच्चा जब अपने घर पहुँचा तो उसके उसके कपड़ों पर खून लगा था। जब परिजनों ने उससे इस बाबत पूछा तो उसने रोते हुए सारी बात बता दी। इसके बाद उसके अम्मी-अब्बू उसे बारादरी थाने लेकर गए और पुलिस में मामला दर्ज कराया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -