Homeदेश-समाजशफीक ने सेब खरीदा, काटने के लिए चाकू भी… काट डाला हिंदू प्रेमिका का...

शफीक ने सेब खरीदा, काटने के लिए चाकू भी… काट डाला हिंदू प्रेमिका का गला: भाग कर एक दिन पहले ही साथ गुजारी थी रात, 20 दिन बाद मिली लाश

युवती का शव माँझर कुंड पहाड़ी के जंगल से बरामद किया गया है। पुलिस ने जब शफीक को पकड़ा, तब उसने अपनी प्रेमिका को ठिकाने लगाने की बात कबूली।

बिहार के कैमूर की रहने वाली एक 21 साल की हिंदू लड़की को शफीक अंसारी में अपना भविष्य दिखता था। वो शफीक के कहने भर से सारी दुनिया से भिड़ने को तैयार रहती थी, क्या घर वाले और क्या समाज? शफीक अंसारी की सराफत के आगे वो एकदम नतमस्तक रहती थी। और अब जब शफीक अंसारी की सराफत सामने आई है, तो वो लड़की इस दुनिया में नहीं है, क्योंकि शफीक ने पहले तो रात भर उसके जिस्म का सुख प्राप्त किया और फिर दूसरे दिन उसे पहाड़ी पर चाकू से गोद दाला और शव को झाड़ियों में ठिकाने लगा दिया।

ये मामला तब भी न खुलता, अगर बिहार पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद न लेती, क्योंकि मोबाइल लोकेशन, आखिरी कॉल डिटेल्स जैसे सबूतों के दम पर जब पुलिस ने शफीक अंसारी को उठाया, तब जाकर पता चला कि वो हिंदू लड़की कहाँ है। क्योंकि वो लड़की 20 दिन गायब थी और परिजनों को लगता था कि वो भाग चुकी है। कहीं अपनी जिंदगी जी रही होगी, लेकिन लड़की तो 20 दिन पहले ही मर गई थी और उसक शव झाड़ियों में पड़ा सड़ रहा था।

ये मामला सासाराम जिले का है, जहाँ रोहतास के माँझर कुंड में शफीक अंसारी ने लड़की के शव को ठिकाने लगाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र के कुदरा की रहने वाली लड़की भभुआ आ गई थी। यहाँ वो 17 फरवरी को अपनी ममेरी बहन को मैट्रिक की परीक्षा दिलाने आई थी, लेकिन इसके बाद वो गायब हो गई। कैमूर के कुदरा थाना इलाके के रहने वाले शफीक अंसारी के साथ वो सासाराम के किराए के मकान में रात भर रुकी। इसके अगले दिन शफीक उसे लेकर रोहतास के माँझर कुंड के जंगलों में ले गया। उसने प्रेमिका को सेब खिलाने के लिए चाकू भी खरीदा और मौका पाते ही उसने प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया।

भभुआ के एसडीपीओ शिवशंकर कुमार ने मीडिया से बताया कि युवती का शव माँझर कुंड पहाड़ी के जंगल से बरामद किया गया है। पुलिस ने जब शफीक को पकड़ा, तब उसने अपनी प्रेमिका को ठिकाने लगाने की बात कबूली। उसने बताया कि प्रेमिका की हत्या उसने 18 फरवरी को ही कर दी थी और फिर पहाड़ी की ही झाड़ियों में उसके शव को छिपा आया। पुलिस ने युवती के शव को बरामद कर लिया है, वहीं से चाकू भी मिल गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -