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भाजपा छोड़ो… वरना मौत: नक्सलियों ने की 2 पूर्व सरपंचों की हत्या, पत्नी के सामने उठा ले गए, बेटी ने की जिंदा छोड़ने की अपील… फिर भी नहीं पिघले

नक्सलियों ने फरसा पर बीजेपी के समर्थन का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पार्टी से अलग रहने के लिए तीन बार चेताया गया था। पर्चे में साफ संदेश दिया गया कि बीजेपी से जुड़े लोग या तो पार्टी छोड़ दें या मरने के लिए तैयार रहें।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों की बर्बरता एक बार फिर सामने आई है। बीजेपी से जुड़े होने के आरोप में नक्सलियों ने दो पूर्व सरपंचों की हत्या कर दी। भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के बिर्याभूमि गाँव से सुकलु फरसा और नैमेड़ थाना क्षेत्र के मुरगा बाजार से सुखराम अवलम का अपहरण कर उन्हें मौत के घाट उतारा गया।

धमकी भरे पर्चे में बीजेपी समर्थकों को चेतावनी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुकलु फरसा के शव के पास नक्सलियों द्वारा छोड़े गए पर्चे में साफ लिखा था कि उन्होंने कई बार बीजेपी से दूरी बनाने की चेतावनी दी थी, लेकिन फरसा ने इसे नजरअंदाज कर दिया। नक्सलियों ने फरसा पर बीजेपी के समर्थन का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पार्टी से अलग रहने के लिए तीन बार चेताया गया था। पर्चे में साफ संदेश दिया गया कि बीजेपी से जुड़े लोग या तो पार्टी छोड़ दें या मरने के लिए तैयार रहें।

अंतिम संस्कार से लौटते समय पत्नी के सामने किया था अगवा

माओवादियों ने बिरयाभूमि गाँव के पूर्व सरपंच सुकलु फरसा का अपहरण नक्सलियों ने बीते 3 दिसंबर को उनके भतीजी के अंतिम संस्कार से लौटते वक्त आदवाड़ा इलाके से उनकी पत्नी के सामने किया था। वहीं, गडेर ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच सुखराम का नक्सलियों ने मुर्गा बाजार से अपहरण किया था। दोनों ही पूर्व सरपंच की हत्या की जिम्मेदारी नक्सलियों के भैरमगढ़ एरिया कमेटी ने ली है।

परिजनों की अपील के बाद भी ले ली जान

अपहरण के बाद सुकलु फरसा की बेटी यामिनी ने सोशल मीडिया पर भावुक अपील करते हुए अपने पिता की रिहाई की गुहार लगाई। लेकिन नक्सलियों ने न सिर्फ इस अपील को अनसुना किया, बल्कि फरसा की हत्या कर शव को गाँव के पास फेंक दिया। घटनास्थल पर गंगालूर एरिया कमेटी के नाम से पर्चा बरामद हुआ।

नक्सलियों द्वारा फेंका गया पर्चा (फोटो साभार: ETV Bharat)

बीते 3 सालों में बीजेपी से जुड़े 10 लोगों की हत्याएँ

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते तीन सालों में अब तक 10 ऐसी हत्याएँ नक्सली कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने मरने वालों पर बीजेपी से जुड़े होने के आरोप लगाए थे। इन ताजी हत्याओं के बाद से इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है, और लोग माओवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहीं, बीजापुर जिले के एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना ने घटना की पुष्टि की और बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जाँच शुरू कर दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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