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सैनिक की बिटिया से लेकर गरीब-लाचार तक… इस्लामी धर्मांतरण गिरोहों ने हिंदू लड़कियों को कैसे फँसाया, जानें सब: छांगुर के गुर्गे ने 5 को दिया था झाँसा, 3 का अब तक कुछ पता नहीं

उत्तर प्रदेश में बीते दो महीने में 6 शहरो में ये गिरोह जाँच एजेंसियों के हत्थे चढ़ चुके हैं। इनमें से बलरामपुर में रहने वाला छांगुर पीर और आगरा के धर्मांतरण गिरोह को लेकर पुलिस ने कुछ बड़े खुलासे किए हैं। कई गिरोहों की पहुँच तो अधिकारियों से लेकर जजों तक भी है।

हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फँसाकर उनका धर्म परिवर्तन करने और फिर उन्हें जिस्मफरोशी जैसे धंधे में धकेलने के लिए विदेशों में भेजने वाले धर्मांतरण गिरोह को लेकर लागातार नए खुलासे हो रहे हैं। धर्मांतरण करने वाला कोई एक नहीं बल्कि कई गिरोह देश के अलग-अलग शहरों में अपना जाल बिछाए हुए हैं। कई गिरोहों की पहुँच तो अधिकारियों से लेकर जजों तक भी है।

उत्तर प्रदेश में बीते दो महीने में 6 शहरों में ये गिरोह जाँच एजेंसियों के हत्थे चढ़ चुके हैं। इनमें से बलरामपुर में रहने वाला छांगुर पीर और आगरा के धर्मांतरण गिरोह का सरगना अब्दुल रहमान से पूछताछ के बाद पुलिस ने कुछ बड़े खुलासे किए हैं। इन दोनों गिरोहों के दुबई- पाकिस्तान से फंडिंग और जिस्मफरोशी के धंधे को लेकर कई बड़े कनेक्शन जुड़ते दिख रहे हैं।

छांगुर के मुरीद बदर सिद्दीकी ने फँसाई 5 लड़कियाँ, 3 लापता

छांगुर पीर के गिरफ्तार होने के बाद लगातार नई बातें सामने आ रही हैं। UP-ATS को जाँच में पता चला कि उसका एक चेला मेरठ का बदर सिद्दीकी है। उसने दिल्ली और आसपास के शहरों के साथ बैंगलोर की भी लड़कियों को फाँसा था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, बदर अख्तर सिद्दीकी ने 5 लड़कियों को प्रेम जाल में फँसाया लेकिन उनमें से 2 का ही पता चल पाया है। 3 लड़कियाँ वर्तमान में कहाँ हैं इसके बारे में न तो उनके परिवार को पता है और न ही पुलिस को। यहाँ तक कि परिजनों ने उन लड़कियों के जीवित होने की आस भी छोड़ दी है।

चंगुल में फँसने वाली हिंदू पीड़िताएँ लगातार नए खुलासे कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बैंगलुरु की रहने वाली पीड़िता ने बदर सिद्दीकी के बारे में कई बातें बताईं। पीड़िता के इनुसार, उसकी पहचान राजू राठौर नाम के व्यक्ति से हुई।

राजू ने युवती से दोस्ती की और बताया कि वह सहारनपुर का रहने वाला है। उसने झाँसा दिया कि दुबई में पीड़िता को एक बढ़िया नौकरी मिल सकती है। साथ ही वह एक अमीर शेख से उसका निकाह भी करवा देगा।

झाँसे में आई पीड़िता 2021 में दुबई पहुँच गई। उसे बाद में पता चला कि राजू राठौर असल में ‘वसीम’ है। वसीम ने छांगुर पीर का नाम लेकर उससे बात करवाई। छांगुर ने पीड़िता को फोन पर अपने ‘मुरीद’ बदर सिद्दीकी से मिलने को कहकर धर्मांतरण की बारे में कहा।

हालाँकि बदर और वसीम के दबाव डालने के बावजूद पीड़िता ने धर्म बड़ले से मना कर दिया। इसके बाद उसे चुप रहने की धमकी देकर वापस भारत भेज दिया गया। पीड़िता ने वापस आकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को इसके बारे में ईमेल लिखा। 6 जून को गोरखपुर में सीएम योगी से जनता दरबार में जब पीड़िता ने अपनी बात कही तो छांगुर को गिरफ्तार किया गया।

परिवार के खिलाफ जिसके लिए गई, उसी ने किया लापता

इसके अलावा मेरठ की रहने वाली एक अन्य युवती आशा नेगी ने LIC एजेंट महमूद सिद्दीकी से बीमा करवाया। इसके बाद उसके बेटे बदर सिद्दीकी ने आशा से नजदीकियाँ बढ़ाईं और प्रेम जाल में फाँस लिया। 2017 में आशा ने परिवार के खिलाफ जाकर धर्म परिवर्तन किया और बदर से निकाह कर लिया।

2019 में आशा ने अपने भाई को फोन पर शौहर बदर की प्रताड़ना के बारे में बताया। साथ ही उसे अपनी रोती हुई फोटो और बदर के पासपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी के फोटो खींचकर वॉट्सऐप पर भेज दिए। परिवार के पास बस यही एक आखिरी निशानियाँ हैं। इसके बाद से आशा का कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है।

आशा के परिवार वाले बदर के मेरठ वाले घर भी पहुँचे। वहाँ पर बदर के अब्बू-अम्मी ने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बदर से उनका अब कोई वास्ता नहीं है। आशा की माँ मेरठ के सिविल लाइन्स थाने पर भी गईं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

रिपोर्ट में बताया गया है कि परिजनों को ये भी नहीं पता कि उनकी बेटी जिंदा है या मर गई। इसके अलावा बदर ने जिन 5 लड़कियों को फँसाया था, उनमें से आशा के अलावा 2 और लड़कियों का कोई अता-पता नहीं है। ये दोनों लड़कियाँ 2021 में लापता हुईं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई लेकिन कोई सफलता नहीं मिला।

आशा के गायब होने के 6 वर्ष बाद जाकर 24 जुलाई 2025 में FIR दर्ज की है। पुलिस ने बदर को खोजने के लिए 2,00,000 रुपए का इनाम भी रखा है। ATS ने भी उसके खिलाफ जाँच तेज कर दी है।

फोटो साभार- दैनिक भास्कर

खाड़ी देशो में मिले खाते

रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है कि पहले भी जाँच के दौरान क्राइम ब्रांच जब बदर तक पहुँचने के बिल्कुल करीब थी, उस समय मेरठ में तैनात रहे एक जज ने इंस्पेक्टर को अपने कमरे में बुलाया और केस पर पूछताछ की। इसके बाद उसकी टीम को इस केस से दूर होने तक के लिए कह दिया था।

छांगुर के गिरोह में शामिल नीतू उर्फ नसरीन और नवीन उर्फ जमालुद्दीन के नाम पर कई खाड़ी देशों में बैंक खाते मिले हैं। इनमें अल नहदा, अल अंसारी एक्सचेंज, एमिरेट्स NBD, वोस्ट्रो और मसरफ बैंकों के नाम सामने आए हैं। इनमें ट्रांजैक्शन करने के लिए नीतू और नवीन 2014 से 2020 के बीच 30 से अधिक बार UAE का दौरा किया।

आगरा धर्मांतरण के तार दुबई- पाकिस्तान से जुड़े

आगरा के धर्मांतरण गिरोह के सरगना अब्दुल रहमान ने भी पुलिस की पूछताछ में अपने कई राज खोले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रहमान ने धर्मांतरण के इस खेल के लिए पाकिस्तान से फंडिंग मिलने की बात भी कुबूल की है। साथ ही ये पूरा रैकेट दुबई से संचालित किया जाता था। इसके अलावा उसे कनाडा, अमेरिका, दुबई के साथ अन्य खाड़ी देशों से फंडिंग की बात भी सामने आ चुकी है।

आगरा धर्मांतरण के मामले में पुलिस अब तक 6 राज्यों से 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें रहमान के साथ गोवा से आयशा को भी गिरफ्तार किया गया है। रहमान ने बताया कि लड़कियों का धर्म परिवर्तन करने के बाद उन्हें ‘रिवर्ट मुस्लिम’ नाम के एक ग्रुप में जोड़ा जाता था। इस व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन असल में एक पाकिस्तानी तनवीर नाम का शख्स है। ये दुबई में रहता है। इसी ग्रुप के जरिए लड़कियों को दीनी तालीम, नमाज पढ़ने और अन्य इस्लामी बातें सिखाईं जाती थीं।

पुलिस पूछताछ में आयशा के मोबाइल से तनवीर की ओर से भेजे गए तीन हिंदू लड़कियों की वीडियो मिली है जिनका धर्म परिवर्तन किए जाने की तैयारी चल रही थी। पर उससे पहले ही पुलिस की बड़ी कार्रवाई ने उनका काम बिगाड़ दिया।

पुलिस के द्वारा रेस्क्यू की गई 4 में से 1 लड़की ने बताया कि उसके पिता सेवानिवृत्त फौजी हैं। वह देहरादून पढ़ने गई थी। वहाँ उसकी दोस्ती एक मुस्लिम लड़की उरूज से हुई थी। उसने उसका ब्रेनवॉश कर 2022 अब्दुल रहमान से मिलवाया। उसके बाद उसे कलमा पढ़वाकर धर्मांतरण किया गया। इसके बाद उसे कहा गया कि एक मुस्लिम की तीसरी या चौथी बीवी बनना पड़ेगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, लड़की का निकाह एक रिवर्ट मुस्लिम अब्दुल्ला से ही रहमान के घर पर ही करवा दिया गया। पुलिस के अनुसार, धर्मांतरण के लिए लड़कियों को दिल्ली से कोलकाता ले जाने की तैयारी हो रही थी।

धर्मांतरण गिरोह के मामले में लड़कियों से दोस्ती की गई और धीरे-धीरे उनका ब्रेनवॉश किया गया। जिनका ब्रेनवॉश हो गया, उन्हीं पर धर्म परिवर्तन का पूरा जाल बिछाकर उन्हें देश या विदेशों में अपने काले कारनामों को अंजान देने के लिए भेज दिया गया।

किसी अन्य धर्म के बारे में जानकारी होने की जिज्ञासा अच्छी बात है, लेकिन उस धर्म के झाँसे में आकर अपनी पहचान बदल लेना सामान्य नहीं है बल्कि ये भविष्य के किसी बड़े खतरे की ओर इशारा है। इस बारे में सोचना और सतर्क रहने का काफी जरूरत है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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