Homeदेश-समाजनवीन पटनायक सरकार ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष...

नवीन पटनायक सरकार ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए ₹78.76 लाख

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित 13 संस्थानों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से राहत प्रदान की है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित 13 संस्थानों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंगलवार (4 जनवरी 2021) को एक बयान जारी कर कहा, “ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी (MoC) को सहायता के रूप में मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से 78.76 लाख रुपए की मंजूरी दी है।”

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कार्यालय के अनुसार, यह सहायता राज्य के आठ जिलों में संचालित हो रहे मिशनरीज ऑफ चैरिटी (MoC) के संस्थानों के लिए है। इस निर्णय से 900 से अधिक कुष्ठ (Leprosariums) और अनाथालयों (Orphanages) को लाभ होगा।

गौरतलब है कि हाल ही में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जिला कलेक्टरों को मदर टेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित संगठनों के साथ नियमित संपर्क में रहने को कहा था, जबकि मिशनरीज ऑफ चैरिटी के फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) के नवीनीकरण को मंजूरी देने से गृह मंत्रालय ने इनकार कर दिया था।

इसके बाद भी आज नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के धन का इस्तेमाल मदर टेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित संगठनों को देने के लिए किया। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में जानकारी दी थी कि विदेशी अभिदाय विनियमन कानून के तहत पंजीकरण के नवीनीकरण के मिशनरीज ऑफ चैरिटी के आवेदन को 25 दिसंबर को कुछ पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करने के कारण खारिज कर दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -