Homeदेश-समाजविरोध के बाद गालीबाज कॉमेडियन कुणाल कामरा का गुरुग्राम में शो रद्द: सुप्रीम कोर्ट...

विरोध के बाद गालीबाज कॉमेडियन कुणाल कामरा का गुरुग्राम में शो रद्द: सुप्रीम कोर्ट को ‘ब्राह्मण-बनिया’ मामला बताते हुए कहा था- “ल*ड़ा पकड़ के झूल जा”

कुणाल कामरा ने अपने ‘कॉमेडी’ शो ‘बी लाइक’ में भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर मार्च में अपमानजनक टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ अवमानना चल रहे केस को लेकर कामरा ने कहा, “प्रिय सुप्रीम कोर्ट! कल की बातें भूल जा, ल*ड़ा पकड़ के झूल जा।”

कॉमेडियन का ढोंग करने वाले प्रोपेगेंडानिस्ट कुणाल कामरा (Kunal Kamra) के शो को हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram) प्रशासन ने रद्द कर दिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल (Bajrang Dal) जैसे हिंदू संगठनों के विरोध और चेतावनी के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने शुक्रवार (9 सितंबर 2022) को गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर कामरा के 17-18 सितंबर के शो को रद्द करने की माँग की थी। पत्र में कहा गया है कि कुणाल कामरा अपने शो में हिंदू देवताओं का मजाक उड़ाते हैं। अगर उनके शो को अनुमति दी गई तो जिले में तनाव पैदा हो सकता है।

कुणाल कामरा को 17 और 18 सितंबर को गुरुग्राम के सेक्टर 29 के स्टूडियो Xo बार में परफॉर्म करना था। बार ने 29 अगस्त को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इसकी जानकारी साझा की थी। बार ने उसमें शो के समय और टिकट की डिटेल देते हुए ‘कुणाल कामरा लाइव’ नाम से पोस्टर जारी किया था।

ज्ञापन में कहा गया था कि कुणाल कामरा पर अपने शो में हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने के कारण पहले भी एफआईआर हो चुकी है। इस शो के कारण इलाके में तनाव उत्पन्न हो सकता है। इसलिए कामरा के शो को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल इसका विरोध करेंगे।

बता दें कि कुणाल कामरा (Kunal Kamra) ने अपने नए ‘कॉमेडी’ शो ‘बी लाइक’ में भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर मार्च में अपमानजनक टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ अवमानना चल रहे केस को लेकर कामरा ने कहा, “प्रिय सुप्रीम कोर्ट! कल की बातें भूल जा, ल*ड़ा पकड़ के झूल जा।”

सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने से पहले कामरा ने कहा था कि उनके मन में शीर्ष न्यायालय से अधिक सम्मान शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट के लिए है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ‘ब्राह्मण बनिया’ का मामला है और यह विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।

कामरा ने कहा था, “देश का सर्वोच्च न्यायालय, जिसे मैं भी नहीं मानता… मैं एक शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट का अधिक सम्मान करता हूँ … कम से कम यह विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करता है। देश का सर्वोच्च न्यायालय ‘ब्राह्मण-बनिया’ का मामला है। मैं इसका सम्मान नहीं करता।”

सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2020 में कुणाल कामरा को एक लिबरल ‘हीरो’ या ‘शहीद’ बनने की कोशिश में न्यायपालिका के खिलाफ अवमानना वाली ​​टिप्पणी करने के बाद कार्रवाई को लेकर एक नोटिस जारी किया था। अपने एक ट्वीट में उन्होंने तत्कालीन सीजेआई अरविंद बोबडे को अपनी मध्यमा उंगली दिखाई थी और दूसरे ट्वीट में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को भगवा रंग में रंगते हुए आरोप लगाया था कि यह एनडीए सरकार की कठपुतली बन गई है।

इसके बाद कामरा ने जर्मनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र (PM Modi) को देशभक्ति गीत सुनाने वाले बच्चे का मजाक बनाया था। इस पर मई में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने कुणाल कामरा द्वारा शेयर किए गए मॉर्फ्ड वीडियो पर संज्ञान लिया था।

एनसीपीसीआर ने ट्विटर इंडिया को पत्र लिखकर कामरा के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की माँग करते हुए फर्जी वीडियो को तत्काल सोशल मीडिया से हटाने के लिए कहा है। इसके अलावा कामरा की शिकायत पुलिस से भी की है। एनसीपीसीआर ने कहा कि कथित कॉमेडियन ने ट्विटर पर अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए ऐसा किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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