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‘ईसाई युवक ने फुसला कर शादी किया, अब बना रहा धर्मांतरण का दबाव’: कानपुर में न्याय के लिए पुलिस के पास पहुँची दलित महिला, कहा – होती है पिटाई

लड़की का कहना है कि शादी के बाद उनका पति उन्हें ले कर लखनऊ गया। लखनऊ में निखिल के अन्य पारिवारिक सदस्य रहते हैं। आरोप है कि यहाँ पीड़िता को उसके ससुराल वालों ने अपनाने से इनकार कर दिया।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से ईसाई धर्मांतरण के प्रयास का मामला सामने आया है। यहाँ एक दलित लड़की ने पुलिस में ईसाई युवक निखिल कुरील के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने निखिल कुरील पर पहले खुद को बहला-फुसला कर शादी करने और अब धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता और आरोपित पड़ोसी हैं। ईसाई न बनने पर लड़की की पिटाई भी की गई है। सोमवार (8 जुलाई 2024) को पुलिस ने बताया कि मामले में जाँच की जा रही है।

हालाँकि, निखिल के परिवार ने खुद को दलित बताते हुए उसका प्रमाण पत्र सार्वजानिक किया है और उलटे पीड़िता पर ही खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना कानपुर नगर के थाना क्षेत्र पनकी की है। यहाँ सोमवार को एक दलित पीड़िता अपनी माँ के साथ DCP कार्यालय पहुँची। उन्होंने शिकायत देते हुए बताया कि 2 साल से ईसाई मत का निखिल कुरील पीड़िता के पड़ोस में रह रहा था। आते-जाते उसका पीड़िता से परिचय हुआ और बातचीत होने लगी। यही बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। आखिरकार अलग-अगल मत होने के बावजूद दोनों ने अप्रैल 2024 में शादी कर ली। शादी कुछ दिनों तक तो सही चली लेकिन बाद में पति-पत्नी में विवाद शुरू हो गया।

लड़की का कहना है कि शादी के बाद उनका पति उन्हें ले कर लखनऊ गया। लखनऊ में निखिल के अन्य पारिवारिक सदस्य रहते हैं। आरोप है कि यहाँ पीड़िता को उसके ससुराल वालों ने अपनाने से इनकार कर दिया। पीड़िता को अपनाने के लिए ईसाई बनने की शर्त रखी गई। जब लड़की ने धर्म-परिवर्तन के लिए मना कर दिया तो उसकी ससुराल वालों ने पिटाई की और वापस भेज दिया। इस प्रताड़ना में निखिल द्वारा भी अपने ही परिवार की तरफ से खड़ा रहने की बात कही गई है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

वहीं इस मामले में पुलिस का बयान भी आया है। पनकी की ACP श्वेता कुमारी ने बताया कि 18 जून 2024 को पीड़िता और आरोपित आपसी विवाद ले कर पुलिस के पास गए थे। तब पुलिस की मौजूदगी में दोनों ने अपना विवाद खत्म किया था और आगे से साथ रहने का भरोसा दिया था। पुलिस का ये भी कहना है कि पूर्व में दी गई शिकायत में पीड़िता ने इस प्रकार के गंभीर आरोप नहीं लगाए थे। हालाँकि ACP पनकी का कहना है कि पीड़िता द्वारा दी गई नई शिकायत पर जाँच करवाई जा रही है। जाँच के बाद जो भी जरूरी तथ्य निकल कर आएँगे उन पर नियमानुसार कार्रवाई की आएगी।

अपने खिलाफ पुलिस में शिकायत होने एक बाद अब निखिल का भी परिवार मीडिया के सामने आया है। निखिल की माँ ने पीड़िता पर ही खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनको आए दिन फँसा देने की धमकियाँ दी जा रही थीं। निखिल की माँ का दावा है कि वो दलित (SC) समुदाय से हैं। उन्होंने अपनी जाति का प्रमाण पत्र भी सार्वजानिक किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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