Homeदेश-समाजसमीर ने पकड़ा और रिजवान ने चाकू से धड़ाधड़ किए वार, अहमदाबाद में हिंदू...

समीर ने पकड़ा और रिजवान ने चाकू से धड़ाधड़ किए वार, अहमदाबाद में हिंदू युवक की पार्किंग विवाद में हत्या: गुस्साए लोगों ने की आगजनी-तोड़फोड़, पढ़ें- FIR की डिटेल्स

शिकायत में राहुल ने बताया कि समीर मोहम्मद ने धर्मेश को पकड़ रखा था जबकि रिजवान ने चाकू से उस पर वार किया। राहुल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की लेकिन तब तक धर्मेश पर कई वार किए जा चुके थे और वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था।

गुजरात के अहमदाबाद के धांधुका में शनिवार (18 अप्रैल 2026) को दो मुस्लिम युवकों ने एक हिंदू युवक धर्मेश भरवाड की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि यह विवाद बाइक पार्किंग की बात से शुरू हुआ और यह इतना बढ़ गया कि दोनों आरोपितों ने मिलकर धर्मेश पर चाकू से हमला कर दिया। घायल हालत में धर्मेश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय हिंदू समुदाय के लोग आक्रामक हो गए। कुछ जगहों पर दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएँ भी हुईं। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और धांधुका में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अहमदाबाद ग्रामीण के SP समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँचे और हालात को नियंत्रण में किया।

मृतक धर्मेश के चचेरे भाई राहुल भरवाड ने इस मामले में धांधुका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की। FIR की एक कॉपी ऑपइंडिया के पास भी मौजूद बताई जा रही है।

पुलिस ने जाँच के दौरान आरोपित की पहचान रिजवान निजाम मनियार और समीर मोहम्मद अमदानी के रूप में की और दोनों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।

घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि शनिवार (18 अप्रैल 2026) को धर्मेश ने अपने चचेरे भाई राहुल से कहा था कि वह एक रिश्तेदार का हाल-चाल जानने जा रहे हैं और राहुल को भी साथ चलने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने राहुल से एक बाइक लाने को भी कहा था।

इसके बाद राहुल रणपुर चौराहे पर पहुँचे, जहाँ उनकी मुलाकात धर्मेश से हुई। इसी दौरान धर्मेश ने राहुल की बाइक यह कहकर ले ली कि वह बैंक जा रहे हैं और बाइक बैंक के पास खड़ी कर दी।

इसी बात को लेकर आरोपित रिजवान और समीर ने धर्मेश से झगड़ा शुरू कर दिया और उन्हें धमकी भी दी। हालाँकि, धर्मेश ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया और राहुल को फोन करके बताया कि वह अपने रिश्तेदार के घर जा रहे हैं।

गाड़ी के पास खड़े होकर आरोपित ने किया हमला

धर्मेश और राहुल बैंक में अपना काम पूरा करने के बाद अपने रिश्तेदार के घर जाने के लिए अलग-अलग बाइकों से निकले थे। जैसे ही वे नसीब सोसाइटी के पास पहुँचे, तभी दोनों आरोपितों ने उनका रास्ता रोक लिया और धर्मेश को गालियाँ देने लगे। जब धर्मेश और राहुल ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो बात और बढ़ गई। आरोपित ने हमला करते हुए धर्मेश को पकड़ लिया और कहा, “बैंक में क्या बात कर रहे थे, आज तो तुम्हें खत्म करना ही होगा।”

शिकायत में राहुल ने बताया कि समीर मोहम्मद ने धर्मेश को पकड़ रखा था जबकि रिजवान ने चाकू से उस पर वार किया। राहुल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की लेकिन तब तक धर्मेश पर कई वार किए जा चुके थे और वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था।

हमले के बाद दोनों आरोपित मौके से फरार हो गए। उधर घायल धर्मेश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी हालत बहुत गंभीर थी। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिकायत के मुताबिक, अस्पताल ले जाते समय धर्मेश ने खुद हमलावरों के नाम रिजवान और समीर बताए थे।

राहुल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित रिजवान निजाम मनियार और समीर मोहम्मद अमदानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 351(3), 352 और 54 के साथ-साथ गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस घटना को एक सोची-समझी आपराधिक साजिश मानते हुए जाँच शुरू कर दी है।

ओपइंडिया से बातचीत में मृतक धर्मेश के भाई और शिकायतकर्ता राहुल ने बताया कि आरोपितों ने मामूली विवाद को लेकर धर्मेश पर धारदार हथियार से हमला किया। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपित कहते हुए गए “आज इसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे, इसे मार डालो।” राहुल ने बताया कि उसने अपने भाई को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन आरोपितों ने उसे पकड़ लिया, जिससे वह धर्मेश को बचा नहीं सका।

SIT का गठन करेगी पुलिस

इस पूरे मामले को लेकर अहमदाबाद ग्रामीण के एसपी ओम प्रकाश जाट ने बताया कि उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है और परिवार के लोगों ने अब तक की पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि मृतक के परिवार ने मामले में सख्त कार्रवाई और विस्तृत जाँच की माँग की है।

एसपी ने आगे कहा, “परिवार की माँग को ध्यान में रखते हुए हम अपने वरिष्ठ अधिकारियों और सरकार से चर्चा करने के बाद इस मामले की जाँच के लिए एक विशेष जाँच समिति (SIT) का गठन करेंगे।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मामले की पैरवी मजबूत तरीके से हो सके, इसके लिए एक विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति की सिफारिश भी की जाएगी।


इसके अलावा जिला पुलिस प्रमुख ने जानकारी दी कि अब इलाके की सभी दुकानें खुल चुकी हैं और स्थिति पूरी तरह शांत है। पुलिस ने उसी रात से इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया था और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही थी।

घटना का संक्षिप्त विवरण देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाइक को लेकर हुए विवाद के बाद रिजवान और समीर नाम के दो लोगों ने एक चरवाहे युवक पर हमला किया। इस दौरान हुई हाथापाई में युवक की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जाँच की जा रही है और आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में साल 2022 में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जब किशन भरवाड़ नाम के एक हिंदू युवक की कथित तौर पर भगवान कृष्ण की तस्वीर पोस्ट करने के कारण हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े उसे गोली मार दी गई थी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। बाद में इस मामले में एक मौलवी समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था।

किशन भरवाड़ की उस घटना को स्थानीय लोग अब तक भूल नहीं पाए थे और जब इस तरह की एक और वारदात सामने आई तो लोगों में आक्रोश बढ़ गया। हालाँकि, फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में स्थिति शांत बताई जा रही है।

(मूल रूप से ये रिपोर्ट गुजराती में प्रकाशित है। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।)

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ભાર્ગવ રાજ્યગુરુ
ભાર્ગવ રાજ્યગુરુ
Being learner, Spiritual, Reader

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जानिए दुबई के उस ‘Botim’ ऐप की कहानी, जिसके जरिए कनेक्टेड थे राँची में RSS दफ्तर पर बम फेंकने वाले पाकिस्तानी एजेंट

व्हाट्सएप की तरह दुबई में 'Botim' ऐप का इस्तेमाल होता है। जिन लोगों ने RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला किया, उन्हें इसी ऐप पर टास्क मिला था।

आरफा जी, बेवकूफ तो आपने उन सेकुलर हिंदुओं को बनाया है जिन्होंने आपको ‘पत्रकार’ समझा

आरफा अगर इस्लामी कट्टरपंथियों के बचाव का काम और भारत सरकार की बुराई करना वो छोड़ दें तो उन्हें उनके अपने दर्शक ही नहीं पूछेंगे।
- विज्ञापन -