Friday, February 26, 2021
Home देश-समाज पिछले 2 हफ्तों में 15 ऐसे मामले जब तबलीगी जमातियों, मुस्लिमों ने स्वास्थ्यकर्मियों और...

पिछले 2 हफ्तों में 15 ऐसे मामले जब तबलीगी जमातियों, मुस्लिमों ने स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की नाक में किया दम

इस समय तबलीगी जमात में शामिल होकर अलग-अलग राज्य में पहुँचे मुस्लिम हर राज्य की सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं। प्रशासन जितना इन्हें ढूँढकर परेशानी से निजात पाने की कोशिश कर रही हैं। ये लोग उतना खुद को छिपाए फिर रहे हैं। अब तक अधिकांश कोरोना संक्रमितों में जमातियों की तादाद सबसे अधिक है

ऐसे समय में जब स्वास्थ्यकर्मी और सुरक्षाकर्मी अपनी जान को जोखिम में डालकर कोरोना से लड़ने के लिए तत्पर हैं। उस समय तबलीगी जमात से निकली मुस्लिम भीड़ लगातार इन योद्धाओं पर हमलावर रही है। ये मुस्लिम भीड़ कभी स्वास्थ्यकर्मियों पर थूककर तो कभी उनके साथ मारपीट करके अपने जाहिलपने का लगातार उदहारण पेश कर रही हैं।

हालत ये हो गई है कि ये लोग जिन्हें प्रशासन स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने की कोशिशों में जुटा है, वे लोग उनके लिए सिरदर्दी का सबब बन गए हैं। इनके बेहूदे रवैये से इस समय न केवल अस्पताल प्रशासन बल्कि पुलिस प्रशासन भी त्रस्त है। इतना ही नहीं, तबलीगी जमातियों के अलावा कई जगह इसी समुदाय के लोग न केवल कानूनों को उल्लंघन करते बल्कि पुलिस के साथ आसामाजिक व्यवहार करके उन्हें घायल करते भी पाए गए।

आइए, पिछले दिनों हुए उन 15 मामलों पर एक बार नजर डालें जब मुस्लिमों ने लॉकडाउन को तो तोड़ा ही। साथ में स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों पर भी पत्थरबाजी व उनके साथ मारपीट की।

  1. अलीगढ़ में सराई रहमान मस्जिद में गुरुवार (मार्च 2, 2020) को लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए 25-30 मुस्लिम लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। जब पुलिस इन्हें रोकने पहुँची और इनसे अपील की, तो वहाँ स्थानीय लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इस हमले में 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में पुलिस ने एक्शन लेते हुए 3 मौलवियों को गिरफ्तार किया।
  2. यूपी के कन्नौज में शुक्रवार को मुस्लिमों की भीड़ जामा मस्जिद में नमाज अता करने एकत्रित हुई। जब पुलिस कर्मी इन्हें रोकने पहुँचे तो इन्होंने भी पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए और उनपर कुल्हाड़ी से हमला किया। इस हमले में चौकी इंचार्ज समेत 2 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
  3. यूपी के मुजफ्फरनगर के मोरना गाँव में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। जहाँ लॉकडाउन का पालन कराने पहुँची पुलिस पर ग्रामीणों ने लोहे की रॉड से हमला किया और सब इंस्पेक्टर सहित कॉन्स्टेबल को जख्मी कर दिया।
  4. इसके बाद उत्तरप्रदेश के मैनपुरी में भी सामूहिक नमाज रोकने पहुँची पुलिस की अवहेलना की गई। जानकारी के मुताबिक जब इंस्पेक्टर फहुप सिंह पुलिस सूचना के आधार पर मस्जिद पहुँचे तो वहाँ पर मस्जिद का गेट ही नहीं खोला गया और पुलिस की कोशिशों पर भीड़ में रोष उत्पन्न हो गया।
  5. 24 मार्च को भी सामूहिक नमाज अता करने से रोकने पर यूपी के मेरठ पर हंगामा हुआ था। बाद में कई संख्या में मुस्लिम सड़कों पर आ गए थे। खबरों के मुताबिक, सीसगंज, सेफ्टी टैंक, राजबंध मार्केट, कोतवाली, लिसाड़ी गेट और नौचंदीन के मस्जिदों पर लोग इकट्ठा हुए थे और पुलिस की अपील के बावजूद माहौल को बिगाड़ा था। उनकी अवहेलना की थी।
  6. इंदौर के टाटपट्टी बाखल में कोरोना पॉजिटिव केस पाए जाने के बाद इलाके की जाँच करने पहुँची पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों पर मुस्लिमों ने हमला कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनपर छतों से भी हमले हुए थे और यहाँ बैरिकेडों को भी तोड़ दिया गया था। बाद में जब पुलिस ने एक्शन लेना चाहा तो इन लोगों ने औरतों की आड़ ले ली थी।
  7. इससे पहले मोहम्मद फैजल नाम के फेसबुक यूजर ने दरभंगा के डीएम त्यागराजन एसएम को जान से मारने के लिए धमकाया था। साथ ही डीएम को मारने वाले शख्स को 2 लाख देने की घोषणा की थी। डीएम पर फैजल का ये रोष सिर्फ़ इसलिए सामने आया था क्योंकि उन्होंने जिले में घोषणा की थी कि यदि कोई बाहर से आया है तो उसकी स्क्रीनिंग की जाएगी और उन्होंने अपील की थी कि जो भी बाहर से आए हैं कि कृपया खुद आगे आकर टेस्ट कराएँ।
  8. बिहार के मधुबनी में भी तबलीगी जमात से आए लोगों को खोजने के अभियान में पुलिस पर हमला किया गया था। इस संबंध में 3 लोग गिरफ्तार हुए थे। इस वाकए में पुलिस वालों पर न केवल पत्थरबाजी हुई थी बल्कि उनपर गोलीबारी भी हुई थी। घटना गीदड़गंज में अंधरढाणी में घटी थी।
  9. 1 अप्रैल को महाराष्ट्र के अहमदनगर में ऐसी घटना हुई। यहाँ नमाजियों ने कोरोना वायरस की जाँच करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को यह कहकर खारिज कर दिया कि वे सीएए-एनआसी के लिए डाटा एकत्रित करने आई हैं। इसके बाद वहाँ स्वास्थ्यकर्मियों को उनकी जाँच-पड़ताल करने से भी रोका गया जो मरकज़ में गए लोगों के संपर्क में आए थे।
  10. कर्नाटक के हुब्बाली जिले में भी लोगों को सामूहिक नमाज अता करने से रोकने पर पुलिस पर हमला हुआ था। इस वाकए में 4 पुलिस अधिकारियों समेत 1 महिला कॉन्स्टेबल घायल हुई थी। जानकारी के अनुसार लॉकडाउन की बंदिशों के बीच कुछ लोग मंतुर रोड पर नमाज अता करने के लिए इकट्ठा हुए थे। जब प्रशासन को इसकी सूचना मिली तो वे इन्हें रोकने गए। लेकिन पत्थरबाजी कर इन्होंने सुरक्षाकर्मियों को ही चोटिल कर दिया। बाद में जानकारी करने पर मालूम हुआ कि एक स्थानीय महिला ने कुछ युवकों के साथ मिलकर इस काम को अंजाम दिया।
  11. बंगलुरू में भी ऐसी घटना हुई। यहाँ भीड़ ने नर्स और आशा वर्कर को निशाना बनाया। ये स्वास्थ्यकर्मी गुरुवार को संदिग्धों की शिनाख्त करने गए थे। मगर वहाँ नमाज के लिए इकट्ठा भीड़ ने उनपर हमला कर दिया और आशा वर्कर द्वारा तैयार की गई सभी रिपोर्टों को फाड़ दिया।
  12. गाजियाबाद के अस्पताल में तबलीगी जमात से लौटे जमातियों की करतूत तो अब हर जगह वायरल हो गई है। यहाँ जमाती नर्सों के सामने अपनी पैंट उतारके घूमते, अश्लील बातें करते और गाना गाते देखे गए थे। इसकी शिकायत अस्पताल के सीएमओ ने खुद की थी। बाद में यहाँ से स्वास्थ्यकर्मियों पर थूकने का मामला भी आय़ा था।
  13. आगरा में भी तब्लीगी जमातियों के जत्थे द्वारा अस्पताल प्रशासन के साथ असामाजिक बर्ताव करने की खबर आई थी। मालूम हुआ कि यहाँ 89 जमातियों को आइसोलेशन सेंटर में कोरोंटाइन किया गया। मगर, जमातियों ने यहाँ नखरे दिखाने शुरू कर दिए और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मुश्किल स्थिति उत्पन्न की। इन्होंने गैर मसालेदार खाना खाने से मना किया और बीफ बिरयानी की माँग की।
  14. 4 अप्रैल को कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में रखे गए जमातियों द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों से बदसलूकी की गई। इन्होंने न केवल मेडिकल स्टॉफ से अकड़ के बात की। बल्कि अस्पताल के परिसर में थूका भी। इसके बाद बार-बार मना करने के बावजूद इन्हें अस्पताल में इकट्ठा होते भी देखा गया। अस्पताल प्रशासन ने इनपर आरोप लगाया कि तबलीगी जमात ने अस्पताल के सभी नियमों को तोड़ा है और सोशल डिस्टेंसिंग को भी मेंटेन नहीं किया। इन्होंने ट्रीटमेंट के दौरान नखरे दिखाए और स्टॉफ के लिए परेशानी का कारण बने।
  15. तबलीगी जमात में शामिल होने वाले कुछ जमातियों अहमदाबाद के सोना सिविल अस्पताल में भी हल्ला मचाया। इन्होंने यहाँ दवाई और इंजेक्शन लेने से मना कर दिया और इल्जाम लगाया कि अस्पताल प्रशासन उन्हें मारना चाहता है। बता दें यहाँ 26 जमातियों पर आरोप लगा है कि आइसोलेशन में रखे जाने के बावजूद इन्होंने अपनी मनमानी की और नियमों का उल्लंघन कर एक जगह एकत्रित हुए।

गौरतलब है कि इस समय तबलीगी जमात में शामिल होकर अलग-अलग राज्य में पहुँचे मुस्लिम हर राज्य की सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं। प्रशासन जितना इन्हें ढूँढकर परेशानी से निजात पाने की कोशिश कर रही हैं। ये लोग उतना खुद को छिपाए फिर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक अब तक अधिकांश कोरोना संक्रमितों में जमातियों की तादाद सबसे अधिक है और इनमें से कुछ की स्थिति गंभीर होने के कारण मौत हो गई है। जबकि कुछ का इलाज जारी है। अभी कल दिल्ली की सड़कों पर खुलेआम घूमते पुलिस ने दो जमातियों को पकड़ा। इनमें से एक की हालत बेहद गंभीर थी। जमाती पश्चिम बंगाल का बताया गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अंकित शर्मा ने किया हिंसक भीड़ का नेतृत्व, ताहिर हुसैन कर रहा था खुद का बचाव’: ‘द लल्लनटॉप’ ने जमकर परोसा प्रोपेगेंडा

हमारे पास अंकित के परिवार के कुछ शब्द हैं, जिन्हें पढ़कर आज लगता है कि उन्हें पहले से पता था कि आखिर में न्याय तो मिलेगा नहीं लेकिन उसके बदले अंकित को दंगाई घोषित जरूर कर दिया जाएगा।

आमिर खान की बेटी इरा अपने संघी हिन्दू नौकर के साथ फरार.. अब होगा न्याय: Fact Check से जानिए क्या है हकीकत

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आमिर खान की बेटी इरा अपने हिन्दू नौकर के साथ भाग गई हैं। तस्वीर में इरा एक तिलक लगाए हुए युवक के साथ देखी जा सकती हैं।

‘ज्यादा गर्मी ना दिखाएँ, जो जिस भाषा को समझेगा, उसे उस भाषा में जवाब मिलेगा’: CM योगी ने सपाइयों को लताड़ा

"आप लोग सदन की गरिमा को सीखिए, मैं जानता हूँ कि आप किस प्रकार की भाषा और किस प्रकार की बात सुनते हैं, और उसी प्रकार का डोज भी समय-समय पर देता हूँ।"

‘लियाकत और रियासत के रिश्तेदार अब भी देते हैं जान से मारने की धमकी’: दिल्ली दंगा में भारी तबाही झेलने वाले ने सुनाया अपना...

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि चाँदबाग में स्थित दंगा का प्रमुख केंद्र ताहिर हुसैन के घर को सील कर दिया गया था, लेकिन 5-6 महीने पहले ही उसका सील खोला जा चुका है।

3 महीनों के भीतर लागू होगी सोशल, डिजिटल मीडिया और OTT की नियमावली: मोदी सरकार ने जारी की गाइडलाइन्स

आपत्तिजनक विषयवस्तु की शिकायत मिलने पर न्यायालय या सरकार जानकारी माँगती है तो वह भी अनिवार्य रूप से प्रदान करनी होगी। मिलने वाली शिकायत को 24 घंटे के भीतर दर्ज करना होगा और 15 दिन के अंदर निराकरण करना होगा।

भगोड़े नीरव मोदी भारत लाया जाएगा: लंदन कोर्ट ने दी प्रत्यर्पण को मंजूरी, जताया भारतीय न्यायपालिका पर विश्वास

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नीरव की मानसिक सेहत को लेकर लगाई गई याचिका को ठुकरा दिया। साथ ही ये मानने से इंकार किया कि नीरव मोदी की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य प्रत्यर्पण के लिए फिट नहीं है।

प्रचलित ख़बरें

आमिर खान की बेटी इरा अपने संघी हिन्दू नौकर के साथ फरार.. अब होगा न्याय: Fact Check से जानिए क्या है हकीकत

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आमिर खान की बेटी इरा अपने हिन्दू नौकर के साथ भाग गई हैं। तस्वीर में इरा एक तिलक लगाए हुए युवक के साथ देखी जा सकती हैं।

UP पुलिस की गाड़ी में बैठने से साफ मुकर गया हाथरस में दंगे भड़काने की साजिश रचने वाला PFI सदस्य रऊफ शरीफ

PFI मेंबर रऊफ शरीफ ने मेडिकल जाँच कराने के लिए ले जा रही UP STF टीम से उनकी गाड़ी में बैठने से साफ मना कर दिया।

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।

शैतान की आजादी के लिए पड़ोसी के दिल को आलू के साथ पकाया, खिलाने के बाद अंकल-ऑन्टी को भी बेरहमी से मारा

मृत पड़ोसी के दिल को लेकर एंडरसन अपने अंकल के घर गया जहाँ उसने इस दिल को पकाया। फिर अपने अंकल और उनकी पत्नी को इसे सर्व किया।

केरल में RSS कार्यकर्ता की हत्या: योगी आदित्यनाथ की रैली को लेकर SDPI द्वारा लगाए गए भड़काऊ नारों का किया था विरोध

SDPI की रैली में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके खिलाफ हिन्दू कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। मृतक नंदू के एक साथी पर भी चाकू से वार किया गया, जिनका इलाज चल रहा है।

28 दिनों तक हिंदू युवती को बंधक बना कर रखने वाला सलमान कुरैशी गिरफ्तार: जीजा मुईन, दोस्त इमरान ने की थी मदद

सलमान कुरैशी की धर पकड़ में जुटी पुलिस को मुखबिर से बुधवार को तीसरे पहर सलमान और युवती के आइएसबीटी पर पहुँचने का पता चला था। जिसके बाद दबिश देते हुए पुलिस ने बस से आरोपित को युवती के साथ उतरते ही पकड़ लिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,062FansLike
81,844FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe