Homeदेश-समाजबशीर ने बीवी को कुल्हाड़ी से काटा, समीरा की अम्मी-अब्बू से मॉंग रहा था...

बशीर ने बीवी को कुल्हाड़ी से काटा, समीरा की अम्मी-अब्बू से मॉंग रहा था 5 लाख रुपए

बशीर ने 25 साल पहले समीरा की बड़ी बहन फहीमुन्निसा के साथ निकाह किया था। इसके 10 साल बाद उसने समीरा से निकाह किया। 2016 में तलाक होने के बावजूद दोनों रहते थे साथ-साथ।

हैदराबाद में एक शख्स ने कुल्हाड़ी से काटकर अपनी बीवी की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपित बशीर को गिरफ्तार कर लिया है।

आसिफ नगर के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस नरसिम्हा रेड्डी ने एएनआई (ANI) को बताया कि आरोपित बशीर ने 12 अगस्त को अपनी दूसरी बीवी समीरा पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया। जिसमें समीरा के गले पर गंभीर चोट आई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस वारदात को अंजाम देने के बाद बशीर वहाँ से फरार हो गया। हालाँकि, पुलिस ने 20 अगस्त को तोलीचौकी इलाके से बशीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

नरसिम्हा रेड्डी ने बताया कि बशीर ने 25 साल पहले समीरा की बड़ी बहन फहीमुन्निसा के साथ निकाह किया था। इसके 10 साल बाद उसने समीरा से निकाह किया। साल 2016 में समीरा ने बशीर को तलाक दे दिया। इसके बावजूद दोनों साथ-साथ ही रहते थे।

कमिश्नर ने बताया कि बशीर ने समीरा के माता-पिता से दहेज की माँग की थी। बशीर और उसके पिता ने
समीरा के माता-पिता से दहेज के तौर पर 5 लाख रुपए की माँग की थी। समीरा के परिवार वालों ने यह माँग कर दी तो फिर से 5 लाख रुपए की डिमांड कर दी। डिमांड पूरा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी।  

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -