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जिसके समर्थकों ने दुबे परिवार का किया नरसंहार, उसके घर पर चल सकता है बुलडोजर: जमीन की पैमाइश कर रही टीम, अवैध कब्जे की शिकायतें

सत्यप्रकाश दुबे की बेटी शोभिता ने बताया है कि 2014 में उनके चाचा का अपहरण कर लिया गया था और धोखाधड़ी से उनकी जमीन हड़प ली गई थी।

देवरिया में दुबे परिवार के पति-पत्नी, 2 बेटियों और एक बेटे की हत्या के मामले में अब उत्तर प्रदेश सरकार बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। फतेहपुर गाँव में प्रेम यादव की हत्या के बाद दुबे परिवार के नरसंहार को अंजाम दिया गया था। अब इस मामले में प्रेम यादव और उसके परिजनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन को सूचना मिली है कि प्रेम यादव का आलीशान मकान और खलिहान सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर के बना हुआ था। ऐसे में राजस्व टीम बुधवार (4 अक्टूबर, 2023) को प्रेम यादव के घर पहुँची।

फतेहपुर गाँव में पहुँची राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश शुरू कर दी है। रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि अगर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया होगा तो फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। लेहड़ा टोला में हुई घटना के बाद से ही राज्य की सियासत गर्म है और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की माँग जोर पकड़ रही है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मामला दर्ज कराया है। अब तक 16 लोगों की गिरफ़्तारी की जा चुकी है।

सत्यप्रकाश दुबे की बड़ी बेटी शोभिता द्वारा दर्ज कराई गई FIR में 27 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। वहीं दूसरे पक्ष की तरफ से मृतक के रिश्तेदार अनिरुद्ध यादव ने FIR दर्ज कराई है। अब जब मृतक प्रेम यादव को लेकर जमीन कब्जाने के खुलासे हुए हैं, उसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि अवैध कब्जों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जा सकती है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा जमीन मापने का वीडियो भी सामने आया है।

सत्यप्रकाश दुबे की बेटी शोभिता ने बताया है कि 2014 में उनके चाचा का अपहरण कर लिया गया था और धोखाधड़ी से उनकी जमीन हड़प ली गई थी। उन्होंने बताया कि तभी से प्रेम यादव उनके परिवार को खत्म करना चाहता था। उन्होंने स्थानीय तहसीलदार और SDM पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। बेटी ने दूसरे पक्ष को माफिया गिरोह बताते हुए माँग की कि माफिया गिरोह के आरोपितों को फाँसी दी जाए, या फिर उनका एनकाउंटर किया जाए।

ग्रामीणों के हवाले से बताया गया है कि प्रेम यादव ने एक सरकारी शिक्षण संस्थान और ग्राम सभा की जमीन तक कब्जा ली और उस पर आलीशान भवन खड़ा कर दिया। जिला पंचायत सदस्य रहते उसने गाँव की एक एकड़ जमीन कब्जा ली थी। गाँव में एक ऐसी जमीन है जो मानस विद्यालय नाम से दर्ज है, लेकिन उस पर कब्ज़ा प्रेम यादव का है। GS स्कूल और खलिहान के नाम से दर्ज जमीन पर भी उसका कब्ज़ा है। वन विभाग, स्कूल और गाँव – तीनों की जमीन पर उसने कब्जे किए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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