Homeदेश-समाजटॉफी देने के बहाने बुजुर्ग इमाम ने हिंदू बच्ची को मस्जिद में बुलाया, अंदर...

टॉफी देने के बहाने बुजुर्ग इमाम ने हिंदू बच्ची को मस्जिद में बुलाया, अंदर करने लगा छेड़खानी: ग्रामीणों ने पीटा, पुलिस ने गिरफ्तार किया

फिरोज आलम नाम के इस आरोपित इमाम की उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई जा रही है जबकि पीड़िता बच्ची 12 साल की नाबालिग है। आरोप है कि इमाम ने पीड़िता को टॉफ़ी का लालच देकर बुलाया था। मामले का पता चलने के बाद स्थानीय लोगों ने इमाम की पिटाई कर दी।

बिहार के पटना में मस्जिद के एक इमाम पर हिंदू बच्ची से छेड़खानी का आरोप लगा है। फिरोज आलम नाम के इस आरोपित इमाम की उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई जा रही है जबकि पीड़िता बच्ची 12 साल की नाबालिग है। आरोप है कि इमाम ने पीड़िता को टॉफ़ी का लालच देकर बुलाया था। मामले का पता चलने के बाद स्थानीय लोगों ने इमाम की पिटाई कर दी। फिलहाल इमाम को पुलिस के हवाले कर दिया गया है जहाँ उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना बुधवार (11 जनवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला मसौढ़ी इलाके का है। यहाँ एक मस्जिद है जहाँ फ़िरोज़ आलम नाम का इमाम अज़ान आदि देने के लिए नियुक्त है। बुधवार को एक 12 वर्षीया हिंदू बच्ची मस्जिद के आगे से गुजर रही थी। इस दौरान अंदर बैठे आरोपित आलम ने बच्ची को रोका और टॉफ़ी का लालच देते हुए मस्जिद के अंदर बुलाया। बच्ची के मस्जिद में जाते ही फ़िरोज़ आलम छेड़खानी करने लगा। आरोप है कि इमाम ने बच्ची का दुपट्टा भी सरकाना शुरू कर दिया था।

बताया जा रहा है कि बच्ची को इमाम की नीयत पर शक होने लगा था। वह जैसे-तैसे किसी तरह से बचते हुए अपने घर तक आई। यहाँ बच्ची ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। घटना की जानकारी होते ही बच्ची के घर वाले भड़क गए। उन्होंने गाँव वालों को इमाम की हरकत के बारे में बताया तो वो भी नाराज हो गए। सबने मिल कर मस्जिद को घेर लिया और इमाम की पिटाई कर दी।

घटना की जानकारी पुलिस को मिली तो वो फ़ौरन ही मौके पर पहुँची। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ से इमाम को बचा कर अपनी कस्टडी में लिया। आरोपित इमाम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और भीड़ के आगे इमाम फ़िरोज़ आलम खुद को बेकसूर बताता रहा। बताया जा रहा है कि मस्जिद में उर्दू पढ़ाई जाती है। यहाँ लगभग सभी धर्म के ग्रामीण अपने बच्चों को पढ़ने भेजते थे। आरोपित इमाम फ़िरोज़ आलम मूल रूप से बिहार के ही भागलपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच चल रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -