Thursday, July 18, 2024
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राजस्थान में दो कारोबारियों पर IT रेड, ₹300 करोड़+ की अघोषित आय का खुलासा, पीयूष जैन से भी बड़ा मामला

इलेक्ट्रिकल स्विच, वायर, एलईडी, रियल एस्टेट कारोबार के जुड़े समूह के खिलाफ जाँच में पता लगा है कि ये ग्रुप सामानों को बेच रहा जिसका लेखा जोखा रेग्युलर बुक ऑफ अकाउंट में रिकॉर्ड नहीं किया जा रहा था।

कानपुर के इत्र व्यापारी पीयूष जैन का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि आयकर विभाग ने विद्युत उपकरण निर्माण और कर्ज देने के कारोबार से जुड़े राजस्थान के दो समूहों पर छापेमारी में 300 करोड़ रुपए की बेहिसाबी आय का पता लगाया है। सीबीडीटी ने मंगलवार (28 दिसंबर 2021) को यह जानकारी दी। ये छापेमारी 22 दिसंबर को मारे गए और जयपुर, मुंबई तथा हरिद्वार में स्थित दो अज्ञात समूहों के करीब 50 परिसरों में तलाशी ली गई।

इसमें से एक समूह इलेक्ट्रिकल स्विच, वायर, एलईडी, रियल एस्टेट और राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड में होटल बिजनेस से जुड़ा है। वहीं दूसरा समूह जयपुर और उसके आसपास के शहरों में उधार पर पैसे देने का धंधा करता है। छापेमारी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डाटा मिले हैं।   

टैक्सबेल इनकम छिपाने के लिए फर्जी बिल

इलेक्ट्रिकल स्विच, वायर, एलईडी, रियल एस्टेट कारोबार के जुड़े समूह के खिलाफ जाँच में पता लगा है कि ये ग्रुप सामानों को बेच रहा जिसका लेखा जोखा रेग्युलर बुक ऑफ अकाउंट में रिकॉर्ड नहीं किया जा रहा था। जाँच में ये भी पता लगा कि अपना टैक्सेबल इनकम कम दिखाने के लिए ये लोग फर्जी खर्च दिखा रहे थे, जिससे कम टैक्स देना पड़े। नगद में बेचे गए सामानों का कैश रसीद बरामद किया गया है। इस समूह के खिलाफ इनकम टैक्स विभाग ने 150 करोड़ रुपए आय का पता लगाया है। जिस व्यापारी के खिलाफ जाँच की गई उसने 55 करोड़ रुपए के अघोषित आय होने की बात को स्वीकार करते हुए उस पर टैक्स भुगतान करने की बात कही है।

ऊँचे ब्याज पर नगद में उधार का धंधा

उधार पर पैसे देने वाले समूह के खिलाफ जाँच में टैक्स विभाग को पता लगा है कि ये समूह नगद में ऊँचे ब्याज दरों पर उधार देने का काम करता था। इस समूह ने लोन देने या फिर उस पर ब्याज से होने वाले कमाई का खुलासा अपने इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं किया है। इस समूह के खिलाफ जाँच में भी 150 करोड़ रुपए के अघोषित आय का पता लगा है। छापेमारी में अभी तक इनकम टैक्स विभाग ने 17 करोड़ रुपए के नगद और ज्वेलरी को जब्त किया है। विभाग की जाँच आगे भी जारी है।

पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग ठिकानों में आईटी विभाग और ईडी की ओर से लगातार छापेमारियाँ शुरू की गई है। इन छापेमारियों में कुछ बड़ी मछलियाँ भी पकड़ी गई हैं। बता दें कि कानपुर और कन्नौज में पीयूष जैन के घर छापा मारा गया था। कारोबारी के घर से करीब 194.45 करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी, 23 किलो सोना, 600 किलो चंदन का तेल बरामद हुआ था। जैन की काली कमाई की पोल 4 ट्रकों ने खोल दी, जिन पर तंबाकू और पान मसाले लदे थे। यही ट्रक पीयूष जैन को डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की रडार पर ले आया।

हाल ही में आयकर विभाग ने महाराष्ट्र के नासिक, धुले और नंदुरबार में अलग-अलग ठिकानों पर भी छापेमारी की है। इस छापेमारी में 240 करोड़ तक की प्रॉपर्टी और कैश बरामद हुए। इनमें से 6 करोड़ कैश, 5 करोड़ के गहने शामिल हैं। इतनी संपत्ति और कैश कैसे जमा किए गए? अब तक इन घोटालों पर किसी का ध्यान कैसे नहीं गया, यह सवाल उठ रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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