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‘PM मोदी + गाय का गोबर’ से उड़ाया मजाक, केरल हाईकोर्ट के 2 कर्मचारी को किया गया सस्पेंड

"अगर मैं कहूँ कि इसका औषधीय महत्व है, तो मेरे अनुयायी गाय का गोबर भी खाएँगे। यही मेरी ताकत है।" - केरल हाई कोर्ट में नौकरी करके सैलरी लेने वाले 2 कर्मचारियों ने पीएम मोदी का ऐसे उड़ाया मजाक, दोनों हो गया सस्पेंड।

केरल हाई कोर्ट ने अपने दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इन दोनों ने 26 जनवरी 2024 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोर्ट के ही सभागार में किए गए एक नाटक में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार का मखौल उड़ाया था। हाई कोर्ट ने इन दोनों को तुरंत निलंबित करने के साथ ही इसे लेकर जाँच बैठा दी है। कोर्ट ने कहा है कि जाँच पूरी होने तक दोनों कर्मचारी निलंबित ही रहेंगे। केरल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एजे देसाई के आदेश पर सहायक रजिस्ट्रार सुधीश टीए और कोर्ट कीपर सुधीश पीएम को निलंबित कर दिया गया है।

हाईकोर्ट ने शुक्रवार (26 जनवरी 2024) को दिए अपने आदेश में कहा कि इस नाटक की सामग्री ‘अपमानजनक’ थी और इसमें सरकार की आलोचना की गई थी। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के मुताबिक, “हाईकोर्ट ने जनहित में यह जरूरी समझा है कि सुधीश टीए, सहायक रजिस्ट्रार एचआर ग्रेड और सुधीश पीएम, कोर्ट कीपर (हायर ग्रेड) को लंबित जाँच और अनुशासनात्मक कार्रवाई तक हाई कोर्ट सेवा से निलंबित किया जाना चाहिए। ये मामला गणतंत्र दिवस समारोह, 2024 के दौरान हाई कोर्ट सभागार में किए गए स्टेज शो में सरकार के खिलाफ अपमानजनक सामग्री और आलोचना से संबंधित है।”

केरल हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी फोटो साभार: वर्डिक्टम

इसके साथ ही रजिस्ट्रार (प्रशासन) को यह भी निर्देश दिया गया है कि उन हालातों के बारे में विस्तृत ब्यौरा पेश करें, जिनमें ये घटना हुई। हाई कोर्ट ने रजिस्ट्रार (सतर्कता) को घटना की जाँच करने और जल्द से जल्द एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

लीगल सेल और भारतीय अभिभाषक परिषद ने इस नाटक की शिकायत भारत के मुख्य न्यायाधीश, केरल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय कानून मंत्री और खुद प्रधानमंत्री से की थी। बता दें कि 26 जनवरी, 2024 को गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर नाटक का मंचन हुआ था।

कहा जा रहा है कि इस नाटक के डायलॉग्स हाईकोर्ट सहायक रजिस्ट्रार सुधीश ने लिखे थे। एक स्वतंत्र कानूनी न्यूज वेबसाइट वर्डिक्टम के मुताबिक, मलयालम नाटक में पीएम मोदी से मिलते-जुलते किरदार का इस्तेमाल कर उनका मजाक उड़ाया गया। पीएम मोदी से मिलता-जुलता किरदार इसमें कहता है, “अगर मैं कहूँ कि इसका औषधीय महत्व है, तो मेरे अनुयायी गाय का गोबर भी खाएँगे। यही मेरी ताकत है।”

इसी नाटक में एक किरदार कहता है, “मैं ‘प्यारा’ कहता हूँ, लेकिन जनता ‘पोरा’ (मलयालम में काफी नहीं) सुनती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे अपने देश से प्यार नहीं करते। गद्दार।” बताते चलें कि पीए मोदी अक्सर जनता को ‘मेरे प्यारे देशवासियों’ कहकर संबोधित करते हैं। इसके अलावा पीएम मोदी बना किरदार का एक जगह यह डायलॉग भी है – “मैंने दुनिया घुमने की खातिर परिवार तक को छोड़ दिया, फिर भी लोग मेरे लिए कृतज्ञ नहीं हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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