Homeदेश-समाज13 साल की नाबालिग को शादीशुदा शाहिद ने प्रेमजाल में फँसाया, शादी के नाम...

13 साल की नाबालिग को शादीशुदा शाहिद ने प्रेमजाल में फँसाया, शादी के नाम पर ले गया अपने साथ, फिर निकाह का बनाने लगा दबाव

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित शाहिद का उसकी पहली पत्नी से तलाक नहीं हुआ है। थाना प्रभारी देवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि किशोरी को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया है

उत्तर प्रदेश के कानपुर से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बाबूपुरवा में शाहिद नाम के एक शादीशुदा व्यक्ति ने पहले नाबालिग को अपने प्यार के जाल में फँसाया, फिर उस पर निकाह करने लिए दबाव बनाने लगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबूपुरवा खटिकाना में रहने वाले और मजदूरी करने वाले परिवार के पड़ोस में 4 साल पहले शाहिद नाम का एक शख्स रहता था।

निकाह करने के बाद वह अपनी पत्नी के साथ मछरिया में रहने लगा, लेकिन उसका यहाँ आना-जाना लगा रहता था। शाहिद ने पत्नी से तलाक होने की बात कहकर पड़ोसी की 13 साल की बेटी को अपने प्रेमजाल में फँसा लिया। चार दिन पहले उसने किशोरी को घर में अकेला देखकर उसे शादी का झाँसा दिया और फिर उसे भगा कर अपने घर ले गया। इसके बाद वह नाबालिग पर निकाह के लिए दबाव बनाने लगा। उसने किशोरी से यह भी कहा था कि इसके लिए तुम्हें धर्मांतरण करने की जरूरत नहीं है।

वहीं, लड़की के परिवार वाले चार दिन से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने और चौकी के चक्कर काट रहे हैं। मामले की जानकारी होने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने पहुँचे व कार्रवाई की माँग को लेकर हंगामा किया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपित शाहिद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर लिया।

किशोरी ने पुलिस को बताया कि शाहिद ने पहले शादी करने की बात कही थी और नाबालिग से कहा था कि उसे धर्मांतरण करने की जरूरत नहीं है, लेकिन बीते दो दिनों से वह निकाह करने के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित शाहिद का उसकी पहली पत्नी से तलाक नहीं हुआ है। थाना प्रभारी देवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि किशोरी को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया है और शिकायत के आधार पर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -