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‘नाबालिग बेटी को मुस्लिम को किसी हालत में नहीं सौंपूँगी’: लापता बेटी को बुर्के में लाई बिहार पुलिस तो भड़की माँ, ‘लव जिहाद’ की घटनाओं से तनाव

इससे पहले भी मुजफ्फरपुर में धर्म परिवर्तन के कई मामले सामने आ चुके हैं। 16 अप्रैल 2025 को मुस्लिम युवक एक हिंदू युवती का धर्मांतरण करा कर उससे निकाह करने की कोशिश कर रहा था। युवती का नाम सरस्वती था और उसका नाम बदलकर मुस्कान खान कर दिया गया था। इसी नाम से उसके नए दस्तावेज भी तैयार करवाए गए थे। ऐसा ही मामला 22 अप्रैल 2025 को भी सामने आया था।

बिहार के मुजफ्फरपुर में ढाई महीने से लापता एक हिंदू लड़की को मुस्लिम युवक मोहम्मद आजाद ने बुर्का पहनाकर अदालत में पेश किया। इसको लड़की की माँ का आक्रोश फूट पड़ा और अदालत परिसर में बेटी को छुड़ाने के लिए पुलिस से उलझ गई। उसने कहा कि उसकी बेटी 16 साल की नाबालिग है और वह किसी भी हालत में अपनी बेटी को किसी मुस्लिम को नहीं सौंपेगी।

यह मामला बिहार के मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, यहाँ की एक हिंदू युवती 6 फरवरी 2025 को घर से लापता हो गई। परिजनों ने पता लगाया तो पता चला कि मोहल्ले का ही रहने वाला मोहम्मद आजाद उसको लेकर लापता हुआ है। इसके बाद युवती के परिजनों ने मोहम्मद आजाद और उसके भाई शहजाद के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था।

हालाँकि, पुलिस युवती को ढाई महीने बाद बरामद की। इसके बाद पुलिस युवती का बयान दर्ज कराने के लिए बुधवार (23 अप्रैल 2025) को कोर्ट लेकर आई। लड़की के साथ मोहम्मद आजाद भी था। अपनी बेटी को बुर्के में देखकर माँ का गुस्सा फूट पड़ा। वह बेटी को छुड़ाने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ उलझ गई और बेटी को उसे सौंपने के लिए कहा।

पीड़ित माँ ने कहा, “मैं किसी भी सूरत में अपनी बेटी को एक मुस्लिम परिवार के हाथ में नहीं सौंपूँगी।” परिजनों का कहना है कि लड़की की उम्र 16 साल है, लेकिन जाँच अधिकारियों ने मुस्लिम पक्ष से 2 लाख रुपए लेकर युवती की उम्र आधार कार्ड में 18 साल कर दी है। वहीं, कोर्ट परिसर में मौजूद हिंदू संगठनों ने भी इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है।

पीड़िता की माँ ने यह भी कहा कि उसके पति की लगभग पाँच पहले मौत हो गई चुकी है। घर में उसके चार बच्चे हैं। उसने बताया कि साल 2023 में ही उसकी लड़की ने एक हिंदू युवक से कोर्ट मैरिज कर ली थी। उस लड़़के साथ वह लगभग डेढ़ साल तक रही और फिर आकर अपने मायके रहने लगी। इसी दौरान मोहल्ले में रहने वाला मोहम्मद आजाद उसे अपनी बातों में फँसा लिया।

हिंदू संगठन के लोगों ने पुलिसवालों पर आरोप लगाया है कि वह मामले को गंभीरता से नहीं ले रही और एक हिंदू लड़की को बुर्का पहनाकर कोर्ट में पेश कर रही है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती की सुरक्षा के लिए उसे बुर्का पहनाया गया था। हालाँकि, युवती के परिजन और हिंदू संगठन इससे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने इसकी उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है।

इस मामले को लेकर वकीलों के दो गुट भी कोर्ट परिसर में ही भिड़ गए। वकीलों के एक गुट ने दूसरे गुट पर आरोप लगाया कि वे लव जिहाद मामले में मुस्लिम युवक का पक्ष ले रहे हैं। मानवाधिकार मामलों के वकील ने कहा कि मुजफ्फरपुर में लव जिहाद के मामले लगातार बढ़ रहे है। इस्लामी संगठन के कार्यकर्ता लगातार हिंदू लड़कियों को टारगेट कर उनका ब्रेनवॉश कर रहे हैं।

बता दें कि इससे पहले भी मुजफ्फरपुर में धर्म परिवर्तन के कई मामले सामने आ चुके हैं। 16 अप्रैल 2025 को मुस्लिम युवक एक हिंदू युवती का धर्मांतरण करा कर उससे निकाह करने की कोशिश कर रहा था। युवती का नाम सरस्वती था और उसका नाम बदलकर मुस्कान खान कर दिया गया था। इसी नाम से उसके नए दस्तावेज भी तैयार करवाए गए थे।

वहीं, 22 अप्रैल 2025 को शमशाद नाम का युवक सूरज बनकर नेहा नाम की हिंदू युवती को अपने प्रेमजाल में फँसा लिया। युवती ने जब उससे शादी करने की बात कही तो उसने अपना असली नाम शमशाद बताया और उसे धर्मांतरण करने के लिए कहा। जब युवती ने मना किया तो वह जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद युवती ने शमशाद के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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