Homeदेश-समाजमोहम्मद तौफीक ने गला घोंट कर सौतेली बेटी को मार डाला, फोन पर बात...

मोहम्मद तौफीक ने गला घोंट कर सौतेली बेटी को मार डाला, फोन पर बात करते देख हुआ था आग-बबूला: फिर थाने में कर दिया आत्मसमर्पण

हैदराबाद के मुशीराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बकरम में मोहम्मद तौफीक नामक व्यक्ति अपनी दूसरी बीवी और दो बेटियों के साथ रहता है।

हैदराबाद में पिता द्वारा सौतेली बेटी की हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपित पिता ने 17 वर्षीय बेटी की हत्या सिर्फ इस बात पर कर दी कि वह रात में फोन पर किसी से बात कर रही थी। बेटी को फोन पर बात करते देखने के बाद पिता ने उसका गला घोंटा। इसके बाद, पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद के मुशीराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बकरम में मोहम्मद तौफीक नामक व्यक्ति अपनी दूसरी बीवी और दो बेटियों के साथ रहता है। शनिवार (17 नवंबर, 2022) की रात करीब एक बजे तौफीक ने घर के दूसरे कमरे में बेटी की आवाज सुनी।

इसके बाद, उसने जब कमरे में जाकर देखा तो उसकी बेटी फोन में किसी से बात कर रही थी। बेटी को बात करते देख तौफीक आग बबूला हो उठा और उसने बेटी से उसका मोबाइल छीनते हुए फोन अनलॉक करने को कहा। लेकिन, बेटी ने फोन अनलॉक करने से मना कर दिया। इससे दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद, तौफीक ने बेटी का गला दबा दिया, दम घुटने से बेटी की जान चली गई।

थाने जाकर किया सरेंडर

बेटी की हत्या करने के बाद सुबह करीब 6 बजे मोहम्मद तौफीक ने मुशीराबाद थाने में जाकर पुलिस को मामले की जानकारी दी और सरेंडर कर दिया। इस मामले में, इंस्पेक्टर जहाँगीर यादव का कहना है कि आरोपित ने थाने में आकर सरेंडर किया था। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।
- विज्ञापन -