एक साथ 4 फंदे टाँगूँगा, एक-एक कर… जल्लाद ने बताया निर्भया के दोषियों को एक साथ कैसे देगा मौत

मेरठ के इस खानदानी जल्लाद को निर्भया केस में फाँसी के मुद्दे पर कम बोलने और मीडिया से दूरी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पवन का कहना है कि उसे मेरठ के जेल अफसरों की ओर से यह हिदायत दी गई है।

निर्भया के मामले में मौत की सजा पाए चारों गुनहगारों को कब फॉंसी दी जाएगी यह अब तक स्पष्ट नहीं है। चारों तिहाड़ जेल में फंदे पर लटकाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इसके लिए जेल प्रशासन भी तैयारियों में जुटा है। इस बीच, जल्लाद पवन ने बताया है कि वह कैसे इन चारों दरिदों को फॉंसी के फंदे पर लटकाएगा।

उसने कहा, “एक साथ चार फंदे टाँगूँगा। फिर एक-एक करके चारों मुजरिमों को पहले पीछे की ओर (पीठ की तरफ) दोनों हाथ, फिर रस्सी से दोनों पाँव बाँध दूँगा। चारों को गले में फंदा डालकर खड़ा कर दूँगा। जैसे ही जेलर रुमाल हिलाकर इशारा करेगा, एक साथ चारों ही फंदों के तख्ते का लीवर खींच दूँगा।”

आगे जल्लाद कहता है, “आधे घंटे या फिर 45 मिनट बाद मौत के कुएँ में लटक रहे शवों की पड़ताल के लिए सबसे पहले मैं और एक डॉक्टर उतरेगा। जब डॉक्टर चारों की मौत का इशारा करेंगे, तब कुएँ के भीतर मौजूद लाइट्स को जलाकर रोशनी की जाएगी। उसके बाद जल्लाद और डॉक्टर के इशारे पर फाँसी घर के कुएँ से चंद कदम दूर खड़े जेलर साहब कुएँ की तरफ बढ़ेंगे और वहाँ का मुआयना करने के बाद कागज पर मौके के हालात लिखित में दर्ज करेंगे।”

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बताया जा रहा है कि मेरठ के इस खानदानी जल्लाद को निर्भया केस में फाँसी के मुद्दे पर कम बोलने और मीडिया से दूरी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पवन का कहना है कि उसे मेरठ के जेल अफसरों की ओर से यह हिदायत दी गई है। निर्भया के दोषियों की फाँसी की माँग तेज होती जा रही है।

उल्लेखनीय है कि निर्भया गैंगरेप-हत्या मामले में चारों दोषियों पवन, मुकेश, अक्षय और विनय को जल्द फाँसी देने की याचिका पर 18 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। निर्भया की माँ ने कहा कि चारों दोषी फाँसी की सजा से बचने के लिए कानूनी दाँवपेंच अपना रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि 18 दिसंबर को अंतिम फैसला आएगा और डेथ वारंट जारी होने के बाद जल्द चारों को फाँसी दी जाएगी। तिहाड़ जेल में पिछले कुछ दिनों से फाँसी घर में डमी को फंदे पर लटकाने की प्रैक्टिस की जा रही थी। फिलहाल कानूनी प्रक्रियाओं को देखते हुए इसे रोक दिया गया है।

सात साल पहले 16 दिसंबर 2012 को निर्भया के साथ 6 दरिंदों ने चलती बस में गैंगरेप किया था। 6 में से एक दोषी नाबालिग था, जो जुवेनाइल एक्ट के तहत अब छूट चुका है। वहीं एक आरोपित राम सिंह ने तिहाड़ में ही आत्महत्या कर ली थी। बाकी बचे चार दरिंदे फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। जघन्य अपराध के जुर्म में चारों को निचली अदालत ने फाँसी की सजा सुनाई थी, जिसे ऊपरी अदालतों ने भी कायम रखा था।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाने पर बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इक़बाल अंसारी की पिटाई करने वाली इंटरनेशनल शूटर वर्तिका सिंह ने भी निर्भया रेप केस के चारों दोषियों को फाँसी के फंदे पर लटकाने की इच्छा जाहिर की है। वर्तिका सिंह ने इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को खून से पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि निर्भया के दोषियों को फाँसी पर लटकाने का मौका एक महिला को मिलना चाहिए।

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