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फायरिंग, अल्लाहू अकबर, भागते हिंदू… हवा में झूल रहे जिस शख्स के कैमरे में रिकॉर्ड हुआ पहलगाम अटैक, उसे जमीन पर गिरती लाशों की भनक तक न लगी: देखिए Video

पहलगाम आतंकी हमले का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें एक जिप-लाइन ऑपरेटर को गोलियों की आवाज के बीच 'अल्लाहू अकबर' चिल्लाते और एक पर्यटक को जिप-लाइन पर धक्का देते देखा गया है।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए खौफनाक आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया। अनंतनाग जिले के बैसरन घाटी में उस दिन पाँच हथियारबंद आतंकियों ने हमला बोला, जिसमें 26 हिंदुओं की जान चली गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मरने वालों में 25 भारतीय पर्यटक, एक नेपाली नागरिक और एक स्थानीय मुस्लिम समेत कुल 27 लोग थे। अब इस हमले का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें एक जिप-लाइन ऑपरेटर को गोलियों की आवाज के बीच ‘अल्लाहू अकबर’ चिल्लाते और एक पर्यटक को जिप-लाइन पर धक्का देते देखा गया है।

यह वीडियो पर्यटक ऋषि भट्ट ने खुद रिकॉर्ड किया था, जो बैसरन के खूबसूरत नजारे को कैमरे में कैद करना चाहते थे। वीडियो में साफ दिखता है कि जैसे ही गोलियों की आवाज गूँजती है, जिप-लाइन ऑपरेटर तीन बार ‘अल्लाहू अकबर‘ चिल्लाता है और ऋषि को जिप-लाइन पर भेज देता है। नीचे अफरा-तफरी मच जाती है, लोग जान बचाने के लिए भागते हैं, कुछ जमीन पर गिरते हैं क्योंकि गोलियाँ उनकी तरफ आ रही होती हैं। इस वीडियो ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या स्थानीय लोग भी इस हमले में शामिल थे।

हमले के दिन आतंकियों ने एम4 कार्बाइन और एके-47 जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पहले पर्यटकों से उनकी धर्म पूछा, इस्लामी कलमा पढ़ने को कहा और जो गैर-मुस्लिम थे, उन्हें गोली मार दी। पुरुषों को पैंट उतारकर यह भी चेक किया गया कि वे मुस्लिम हैं या नहीं। यह हमला इतना भयानक था कि कई लोग सिर में गोली लगने से मरे। आतंकियों ने औरतों और बच्चों को छोड़ दिया, लेकिन पुरुषों को निशाना बनाया। हमले की जिम्मेदारी पहले द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली, जो पाकिस्तान की लश्कर-ए-तैयबा का हिस्सा है, लेकिन बाद में उसने अपना बयान वापस ले लिया।

भारतीय जाँच एजेंसियों ने पाया कि हमले के तार पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद और कराची से जुड़े हैं। तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए गए और उनकी जानकारी देने वालों के लिए 60 लाख रुपये का इनाम रखा गया। भारत ने जवाब में सख्त कदम उठाए, इसमें पाकिस्तान के साथ 1960 की सिंधु जल संधि को रद्द करना, अटारी बॉर्डर बंद करना और पाकिस्तानी राजनयिकों को निकाल देना। पाकिस्तान ने भी जवाब में भारतीयों के वीजा रद्द कर दिए और हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया, और नियंत्रण रेखा पर झड़पें भी हुईं।

दुनिया भर के नेताओं ने इस हमले की निंदा की और भारत के साथ एकजुटता दिखाई। लेकिन इस हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कश्मीर में शांति कितनी नाजुक है। बैसरन की खूबसूरत घाटी, जो कभी पर्यटकों की पसंदीदा जगह थी, आज खून से सनी है। इस हमले ने न सिर्फ मासूम लोगों की जान ली, बल्कि वहाँ के स्थानीय लोगों पर भी सवाल खड़े कर दिए, क्योंकि ये वीडियो खुद ब खुद बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है कि क्या स्थानीय लोगों को इस हमले की जानकारी नहीं थी?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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