Homeदेश-समाज'और कितना नीचे गिरोगे': नीतीश कुमार को 'गंदी बात' पर PM मोदी ने घेरा,...

‘और कितना नीचे गिरोगे’: नीतीश कुमार को ‘गंदी बात’ पर PM मोदी ने घेरा, कहा- उन्हें कोई शर्म नहीं

बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा जनसंख्या कंट्रोल को लेकर दी गई अश्लील टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने हमला बोला है। गुना की रैली में उन्होंने कहा कि सदन में इस तरह की टिप्पणी और वह भी माताओं-बहनों के सामने दुर्भाग्यपूर्ण है। नीतीश कुमार को अब शर्म नहीं आती है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सदन में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर महिला-पुरुष पर दी गई विवादास्पद टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमला बोला है। पीएम मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार को शर्म नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के इस मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन के नेता क्यों चुप हैं?

मध्य प्रदेश के गुना में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा “विधानसभा में माताएँ और बहनें भी मौजूद थीं। इंडी गठबंधन के नेता ने विधानसभा के अंदर ऐसी भाषा में गंदी बातें कीं। कोई शर्म नहीं है उनको। इंडी गठबंधन का कोई भी नेता उनके खिलाफ कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ है। माता-बहनों की इज्जत ये लोग कैसे कर सकते हैं। कैसा दुर्भाग्य आया देश का। कितना नीचे गिरोगे। दुनिया में देश को नीचा गिराओगे।”

नीतीश कुमार ने 7 नवम्बर 2023 को पहले बिहार विधानसभा और फिर विधानपरिषद में महिलाओं की शिक्षा और उसके जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “अगर पढ़ लेगी लड़की, और जब शादी होगा तब लड़का लड़की का तो जो पुरुष है वो तो रोज रात में शदिया होता है उसके साथ करता है ना उसी में और पैदा हो जाता है। लड़की पढ़ लेती है तो हमको मालूम था कि उ करेगा ठीक है! लेकिन अंतिम में भीतर मत घुसाओ उसको बाहर कर दो! करता तो है।”

वहीं विधानपरिषद में उन्होंने कहा था, “उसी समय लड़की भी जब पढ़ी-लिखी रहती है तो कहती है कि ठीक है, रात में करो लेकिन अपना जो तुमको निकलने लगे तो बाहर निकाल कर फेंक दो। यही कर के लड़की सब अब सबको समझा रही है। ज़रा जान लीजिए। लड़की सब सभी को समझाती है कि अपने पति को कंट्रोल में रखिए।”

अब उन्होंने मीडिया के सामने इन बयानों पर माफी माँग ली है। इससे पहले राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उनका यह कहते हुए बचाव किया था कि वह सेक्स एजुकेशन की बात कर रहे थे। इसके विषय में बात होने पर लोग शर्माते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -