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क्रिसमस के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुँचा, पर्यावरणविद से लेकर ऐक्टिविस्ट तक सब मौन

क्रिसमस के बाद दिल्ली की एक बार फिर हवा खराब हो गई है। वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, रविवार (26 दिसंबर 2021) को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘गंभीर श्रेणी’ पर पहुँच गया। यह सब दिल्ली में कथित ‘मौन‘ क्रिसमस समारोह आयोजित किए जाने के एक दिन बाद हुआ है।

कई रिपोर्टों में बताया गया है कि रविवार की सुबह हवा की गुणवत्ता का स्तर 430 था। यहाँ उल्लेखनीय यह है कि 400 से 500 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।

हालाँकि, अभी तक यह जानने में सफलता नहीं मिल सकी है कि अचानक से हवा की गुणवत्ता के खराब को ने के पीछे क्या कारण है। लेकिन, दिलचस्प बात यह है कि फिलहाल दिल्ली की हवा के खराब होने पर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने अभी तक क्रिसमस के त्योहार को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

इस महीने की शुरुआत में सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र और दिल्ली सरकार को वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर एक गंभीर योजना के साथ आने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। देश के मुख्य न्यायधीश एनवी रमना ने सॉलिसटर जनरल तुषार मेहता को कहा था, “श्री मेहता हम एक गंभीर वास्तविक कार्रवाई की उम्मीद करते हैं, यदि आप कल नहीं कर सकते तो हम करने जा रहे हैं। हम आपको 24 घंटे दे रहे हैं।”

प्रदूषण के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही तल्ख अंदाज में कहा था कि केंद्र और दिल्ली सरकार अगर प्रदूषण को कंट्रोल करने में विफल रहती है तो कोर्ट आदेश जारी करेगा। इसके साथ ही कोर्ट ने स्कूलों को फिर से खोलने और फिजिकल कक्षाएँ शुरू कर बच्चों की जिंदगियों को खतरे में डालने के लिए दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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