Homeदेश-समाज'ये शेरो-शायरी नहीं चलेगी': स्कूल में संस्कृत श्लोक पढ़ने पर प्रिंसिपल ने छीन ली...

‘ये शेरो-शायरी नहीं चलेगी’: स्कूल में संस्कृत श्लोक पढ़ने पर प्रिंसिपल ने छीन ली माइक, सिस्टर कैथरीन के खिलाफ ABVP का प्रदर्शन

छात्रों ने संस्कृत श्लोक सर्वे भवंतु सुखिना सर्वे संतु निरामया का वाचन किया, जिसके बाद स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर कैथरीन ने नाराज होकर बच्चों से माइक छीन लिया और उसे स्पीच देने से रोक दिया। बच्चों से सिस्टर कैथरीन से बोला कि यह सब शायरियाँ यहाँ नहीं चलेंगी, इंग्लिश में बोलो।

मध्य प्रदेश के गुना जिले में स्थित वंदना कॉन्वेंट स्कूल में बच्चों द्वारा संस्कृत श्लोक का पाठ किए जाने पर प्रिंसिपल नाराज हो गई और बच्चों के साथ से माइक छीन लिया। जिसके बाद वहाँ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने गुना में वंदना कॉन्वेंट स्कूल में विरोध प्रदर्शन किया। कथित तौर पर प्रिंसिपल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उस दिन भाषणों के लिए केवल अंग्रेजी की अनुमति थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार (15 जुलाई 2024) को गुना के वंदना कॉन्वेंट स्कूल में छात्र असेंबली कार्यक्रम हो रहा था। उस कार्यक्रम में एक छात्र ने संस्कृत का श्लोक बोल दिया, जिस पर स्कूल की प्रिंसिपल भड़क गईं और छात्र के हाथ से माइक छीन लीं। इस घटना के बाद विद्यार्थी परिषद के सक्षम दुबे, ध्रुव सिंह किरार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

छात्रों का कहना है कि सुबह स्कूल में छात्र असेंबली कार्यक्रम हो रहा था। स्कूल के छात्र धुर्ब पलिया और गौरव किरार ने हिंदू संस्कृति के अनुसार संस्कृत में स्पीच की शुरुआत की। छात्रों ने संस्कृत श्लोक सर्वे भवंतु सुखिना सर्वे संतु निरामया का वाचन किया, जिसके बाद स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर कैथरीन ने नाराज होकर बच्चों से माइक छीन लिया और उसे स्पीच देने से रोक दिया। बच्चों से सिस्टर कैथरीन ने बोला कि यह सब शायरियाँ यहाँ नहीं चलेंगी, इंग्लिश में बोलो।

इस मामले में, जिला शिक्षा अधिकारी चंद्र शेखर सिसोदिया ने स्कूल प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि सुबह की सभा में चुने हुए छात्र आमतौर पर हिंदी और अंग्रेजी में भाषण देते हैं। उस दिन भाषण अंग्रेजी में होना था, लेकिन छात्र ने हिंदी में बोलना शुरू कर दिया। शिक्षक ने उसे हिंदी में बोलने के लिए कहा।

प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की। वे यह भी चाहते थे कि जिस संस्कृत श्लोक को पढ़ने से छात्र को रोका गया था, उसे दैनिक स्कूल प्रार्थना में शामिल किया जाए और उन्होंने प्रिंसिपल को बर्खास्त करने की माँग की। विरोध प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला। जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुँचे और आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘AI के दौर में भी मानवीय संवेदनाएँ पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत’: ऑपइंडिया की पूजा राणा को ‘उत्कृष्ट युवा पत्रकार’ का देवऋषि नारद सम्मान,...

देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान समारोह में ऑपइंडिया की पूजा राणा को 'उत्कृष्ट युवा पत्रकार' की उपाधि से सम्मानित किया गया।

PM सूर्य घर योजना में लखनऊ बना देश का नंबर-1 सोलर जिला, नागपुर-सूरत को पछाड़ा: समझें कई श्रेणियों में शीर्ष स्थान पाकर कैसे UP...

पीएम सूर्य घर पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश ने विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल कर अपना परचम लहराया है
- विज्ञापन -