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दिल्ली में सड़क पर उतरे साधु-संत, पुलिस ने तमिलनाडु भवन तक नहीं जाने दिया: सनातन विरोधी बयानों पर उदयनिधि स्टालिन का फूँका पुतला

तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि ने हाल ही में सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से किया था। इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ बताते हुए इसके उन्मूलन का आह्वान किया था।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के मंत्री बेटे उदयनिधि के खिलाफ सैकड़ों हिंदू संतों ने सोमवार (25 सितंबर 2023) को दिल्ली में प्रदर्शन किया। सनातन विरोधी बयानों को लेकर उदयनिधि का पुतला फूँका। प्रदर्शनकारियों ने उन राजनीतिक नेताओं के खिलाफ भी नारे लगाए जिन्होंने सनातन विरोधी बयान देते हुए द्रमुक नेता का समर्थन किया था।

दिल्ली संत महामंडल के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने उदयनिधि स्टालिन और अन्य नेताओं की निंदा करने वाली तख्तियाँ ले रखी थी। सरोजिनी नगर के एक मंदिर से तमिलनाडु भवन की ओर मार्च किया। पुलिस ने उन्हें अफ्रीका एवेन्यू पर रोक दिया। इसके बाद उन्होंने उदयनिधि और अन्य के पुतले फूँके। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की।

राज्य सरकारों की चुप्पी पर उठाए सवाल

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुखों को अपने नेताओं को ‘सनातन धर्म‘ के खिलाफ बयान जारी करने से रोकना चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन से अपने बेटे के बयानों के लिए माफी की माँग की। दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष नारायण गिरि महाराज ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि राज्य सरकारें इस मुद्दे पर चुप हैं।

नारायण गिरि महाराज ने कहा, “अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी सनातन धर्म के खिलाफ राजनेताओं के नफरत भरे भाषण का संज्ञान ले लिया है। सनातन धर्म के खिलाफ राजनेताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करती है और ऐसे राजनीतिक नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”

बता दें कि तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि ने हाल ही में सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से किया था। इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ बताते हुए इसके उन्मूलन का आह्वान किया था।

उदयनिधि स्टालिन ने अपने बयान पर माफी माँगने से इनकार करते हुए कहा था कि वे अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था, “मैंने केवल इतना कहा था कि हमें सनातन धर्म के सिद्धांतों का विरोध करना चाहिए। मैं फिर से कह रहा हूँ कि हमें ऐसे सिद्धांतों को मिटा देना चाहिए। लेकिन यह हास्यास्पद है कि कुछ लोगों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर यह कह दिया कि मैंने नरसंहार करने की बात कही थी।”

उदयनिधि स्टालिन ने कहा था, “तमिलनाडु में ऐसे लोग हैं जो कहते हैं कि द्रविड़वाद को खत्म कर देना चाहिए। क्या इसका मतलब यह है कि वे सभी डीएमके कार्यकर्ताओं को मारना चाहते हैं?”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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