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रेलवे अधिकारी की बेटी के खो गए जूते: GRP, RPF और IRCTC की टीमों ने महीने भर छानी खाक, दिल्ली के डॉक्टर के पास से बरामद किए

केस से जुड़े जाँच अधिकारी मनोज त्यागी ने बताया कि पूछताछ के दौरान महिला डॉक्टर ने कहा कि जब ट्रेन 4 जनवरी को सुबह बरेली स्टेशन पहुँची तो जल्दबाजी में उन्होंने गलत जूते पहन लिए और चली गईं। एक ही आकार के जूतों के होने के कारण यह गलती हुई।

ओडिशा के डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) की बेटी के जूते रेल यात्रा के दौरान खो गए थे। इस जूते को खोजने में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) की टीम लगी रही। आखिरकार अपने अधिकारी की बेटी की खोए जूते को टीम ने बरामद कर लिया।

जूते को खोजने वाली टीम ने चोरी की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि DRM की बेटी का जूता चोरी नहीं हुआ था, बल्कि एक यात्री गलती से पहन कर चली गई थीं। लगभग एक महीने की मशक्कत के बाद टीम ने जूते को एक महिला यात्री के पास से बरामद कर लिया है। अब इसे अधिकारी की बेटी को वापस लौटा दिया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, DRM विनीत सिंह की बेटी मानवी 3 जनवरी 2023 को लखनऊ मेल से दिल्ली से लखनऊ जा रही थीं। इस बीच उनका जूता गायब हो गया। मानवी को बगल की सीट पर सफर कर रही महिला यात्री पर शक हुआ। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी अपने पिता को दी।

मानवी ने बताया कि साथ यात्रा कर रही एक महिला 4 जनवरी की सुबह बरेली उतर गई थी और वह उनके जूते लेकर चली गई। DRM विनीत सिंह ने GRP पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद रेलवे पुलिस, जीआरपी और आईआरसीटीसी की टीम ने जूते की तलाश शुरू कर दी। उधर

बरेली के डिप्टी एसपी देवी दयाल ने बताया, “हमने बरेली स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार के 4 जनवरी के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की, लेकिन महिला का कोई पता नहीं चला। फिर हमने आईआरसीटीसी अधिकारियों से एसी प्रथम श्रेणी के यात्रियों के आरक्षण डिटेल हासिल करने में मदद माँगी। यह काम कर गया और हमने संदिग्ध पर ध्यान केंद्रित किया।”

महीने भर की खोजबीन के बाद आखिरकार उस महिला का पता लगाया गया, जिस पर मानवी को शक था। मानवी के साथ सफर करने वाली सह-यात्री दिल्ली में प्रैक्टिस करने वाली 34 वर्षीय महिला डॉक्टर हैं। महिला डॉक्टर ने जूते ले जाने की बात स्वीकार की। गायब हुए जूते की कीमत 10,000 रुपए बताई जा रही है।

केस से जुड़े जाँच अधिकारी मनोज त्यागी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि पूछताछ के दौरान महिला डॉक्टर ने कहा कि जब ट्रेन 4 जनवरी को सुबह बरेली स्टेशन पहुँची तो जल्दबाजी में उन्होंने गलत जूते पहन लिए और चली गईं। एक ही आकार के जूतों के होने के कारण यह गलती हुई।

अधिकारी ने बताया कि महिला ने मानवी के जूतों को वापस लौटा दिया है और अब इस जूते को इसके मालिक तक पहुँचा दिया जाएगा। जूतों को चोरी किए जाने का कोई सबूत नहीं है, इसलिए उसके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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