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राम मंदिर के सामने पत्थरबाजी और बमबाजी, पुलिस की गाड़ियों को भी लगाई आग: रामनवमी पर महाराष्ट्र के संभाजीनगर में साम्प्रदायिक हिंसा

राम मंदिर के बाहर न सिर्फ पत्थरबाजी की गई बल्कि बम भी फेंके गए। पुलिस के वाहनों को भी भीड़ ने जला दिया। स्थानीय सांसद इम्तियाज जलील का दावा है कि मंदिर को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।

महाराष्ट्र के संभाजी नगर जिले में साम्प्रदायिक हिंसा की खबर है। यहाँ एक मंदिर के आगे मामूली सी बात से शुरू हुए झगड़े ने हिंसा का रूप ले लिया। इस दौरान हिन्दू और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने आ गए। हिंसा के दौरान पत्थरबाजी हुई और पुलिस तथा कुछ स्थानीय लोगों के वाहनों में आग लगा दी गई। घटना में कुछ पुलिस वालों सहित स्थानीय लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज करवाया जा रहा है। मौके पर भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात किया गया है। घटना बुधवार (29 मार्च 2023) की है।

यह मामला संभाजी नगर के किराड़पुर का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 29-30 मार्च को संभाजी नगर स्थित भगवान राम के एक मंदिर के आगे 2 युवकों में किसी बात को लेकर बहस हो गई। दोनों ही अलग-अलग समुदाय से हैं। थोड़ी ही देर में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए।

आरोप है कि इस दौरान न सिर्फ पत्थरबाजी की गई बल्कि बम भी फेंके गए। हालात को संभालने पहुँची पुलिस के वाहनों को भीड़ ने जला दिया और आस-पास खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुँचाया। बताया जा रहा है कि विवाद करने वालों में कई लोग ड्रग्स के नशे में थे।

इस घटना के दौरान इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी भी की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों को चिन्हित करके उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सामने आ रहे घटना के कुछ विजुअल में पुलिस को जलाए गए वाहनों को हटाते भी देखा जा सकता है।

सुदर्शन न्यूज के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके ने इस विजुअल को शेयर करते हुए राम मंदिर पर हमले का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपितों की गिरफ्तारी के बावत सवाल भी किया है।

स्थानीय सांसद इम्तियाज जलील का दावा है कि मंदिर को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। उन्होंने बताया कि न सिर्फ मंदिर बल्कि उसके सभी पुजारी और भक्त आदि पूरी तरह से सुरक्षित हैं। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री अतुल सावे ने भी मंदिर को पूरी तरह से सुरक्षित बताते हुए पुलिस से उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

फ़िलहाल संभाजी नगर में हालात काबू में बताए जा रहे हैं। पुलिस ने फुटेज आदि के आधार पर आरोपितों की पहचान शुरू कर दी है। प्रशासन का दावा है कि उपद्रवियों को गिरफ्तार करके कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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