Homeदेश-समाजड्रोन से लेकर पतंग पर प्रतिबंध, चीनी लाइटें भी न नजर आएँ: 26 जनवरी...

ड्रोन से लेकर पतंग पर प्रतिबंध, चीनी लाइटें भी न नजर आएँ: 26 जनवरी तक गुरुग्राम में लागू हुई धारा-144, उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जिला प्रशासन ने कहा, "गणतंत्र दिवस के अवसर पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा कारणों से ये आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।"

गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता किए जाने लगे हैं। इसके तहत गुरुग्राम जिला प्रशासन ने शुक्रवार (13 जनवरी 2023) को CrPC की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। इसके साथ ही गुरुग्राम को नो फ्लाइ जोन घोषित कर दिया है।

प्रशासन के आदेश के तहत 26 जनवरी तक इलाके में ड्रोन, माइक्रोलाइट विमान, ग्लाइडर, गर्म हवा के गुब्बारे, पतंग और चीनी माइक्रोलाइट उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो भी इस निषेधाज्ञा का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, जिला प्रशासन ने साइबर कैफे, गेस्ट हाउस, होटल, पेइंग गेस्ट और मकान मालिकों को सतर्क किया है। इन्हें आदेश दिया गया है कि वे अपने किरायेदारों, नौकरों, आगंतुकों और मेहमानों के रिकॉर्ड और पहचान पत्र सबूत के तौर पर अपने साथ रखें।

जिला प्रशासन ने कहा, “गणतंत्र दिवस के अवसर पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा कारणों से ये आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -