Tuesday, July 23, 2024
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‘भारत रहने लायक नहीं’ पर घिरे अब्दुल बारी सिद्दीकी: बीजेपी नेता ने बताया मदरसा छाप, लिबरलों का राष्ट्रविरोधी एजेंडा

दूसरी तरफ सिद्दीकी ने बताया कि उनकी सलाह का उनके बच्चों ने ही विरोध किया है। बकौल सिद्दीकी, उनके बच्चों का कहना है कि वे बालिग हैं और उन्हें कहाँ रहना है, इसका निर्णय वे स्वयं करेंगे। इस बारे में सलाह देने का अधिकार उन्हें नहीं है। वहीं, सिद्दीकी ने कहा कि ऐसी सलाह देने में क्या बुराई है।

अपनी संतानों को विदेश में बस जाने की सलाह देने वाले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी (Abdul Bari Siddiqui) पर भाजपा ने करारा हमला बोला है। भाजपा नेता निखिल आनंद ने कहा है कि अगर सिद्दीकी को देश में इतनी ही तकलीफ है तो वे यहाँ मिलने वाली सारी सुविधाओं को छोड़कर परिवार सहित पाकिस्तान चले जाएँ, उन्हें कोई नहीं रोकेगा। सिद्दीकी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि अब भारत का माहौल रहने लायक नहीं है। इसलिए वे अपने बच्चों को विदेश में बसने की सलाह दे रहे हैं।

निखिल आनंद ने एक वीडियो ट्वीट कर कहा, “राजद नेता सिद्दीकी का बयान निंदनीय है। ये लोग मदरसा संस्कृति से अभी भी बाहर नहीं निकल पाए हैं। ऐसे ही लोग सेक्युलरिज्म व लिबरलिज्म के मुखौटे में राष्ट्र-विरोधी व धार्मिक एजेंडा चलाते हैं। सिद्दीकी का बयान आरजेडी की विचारधारा को परिलक्षित करता है।” निखिल आनंद ने कहा कि राजद की तुष्टिकरण और मुस्लिम-परस्ती राजनीति के तहत सिद्दीकी हिंदू विरोधी बयान दे रहे हैं।

दरअसल, विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर के सम्मान में एक उर्दू दैनिक की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह में जब सिद्दीकी को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने देश का माहौल खराब बता दिया और कहा कि यह देश अब रहने लायक नहीं है। भाजपा नेता निखिल आनंद ने गुरुवार (22 दिसंबर 2022) को एक और ट्वीट किया था, जिसमें अब्दुल बारी सिद्दीकी के विवादास्पद बयान का वीडियो है।

वीडियो के कैप्शन में भाजपा नेता ने लिखा है, “भड़काऊ बयान देकर सिद्दीकी किसे खुश करना चाहते हैं? बेहतर होगा कि वह पाकिस्तान चले जाएँ। सिद्दीकी भारत में रह रहे हैं और भारत की थाली में खा रहे हैं, लेकिन कट्टरपंथियों के इशारों पर गा रहे हैं और विक्टिम कार्ड खेलकर देश विरोधी ज्ञान दे रहे हैं।”

वीडियो में सिद्दीकी कहते हैं, “मेरा एक बेटा और एक बेटी है। बेटा अभी हार्वर्ड में पढ़ रहा है, जबकि बेटी लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पास आउट है। देश के माहौल को देखते हुए हमने अपने बेटा-बेटी को कहा कि वहीं नौकरी कर लो और अगर सिटीजनशिप मिले तो वह भी ले लो। अब इंडिया में वह माहौल नहीं रह गया है। पता नहीं तुम लोग झेल पाओगे या नहीं। आप समझिए कि कोई आदमी कितनी तकलीफ से यह बात अपने बच्चों को कहेगा कि तुम अपनी मातृभूमि छोड़ दो।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिद्दीकी ने बताया कि उनकी सलाह का उनके बच्चों ने ही विरोध किया है। बकौल सिद्दीकी, उनके बच्चों का कहना है कि वे बालिग हैं और उन्हें कहाँ रहना है, इसका निर्णय वे स्वयं करेंगे। इस बारे में सलाह देने का अधिकार उन्हें नहीं है। वहीं, सिद्दीकी ने कहा कि ऐसी सलाह देने में क्या बुराई है।

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि अगर सर्वेक्षण कराया जाए तो पता चलेगा कि कितने ही देशभक्तों के बच्चे विदेश में पढ़ते हैं और वहीं बस गए हैं। उन्होंने कहा कि समारोह में न्यायपालिका से जुड़े लोग भी उपस्थित थे। सब सहज भाव से सुन रहे थे, लेकिन भाजपा समारोह के पाँच दिन गुजर जाने के बाद अपने एजेंडे के हिसाब से उनकी आलोचना कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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