Homeदेश-समाजमहाराष्ट्र: पहाड़ी पर विराजमान भगवान शिव की मूर्ति टूटी, जॉंच जारी

महाराष्ट्र: पहाड़ी पर विराजमान भगवान शिव की मूर्ति टूटी, जॉंच जारी

"इसी स्थान के पास ख्वाजा उस्मान गनी हारूनी की दरगाह भी है जो कि एक मुस्लिम शासक ने बनाई थी। इस कारण यह जगह हिन्दू और मुस्लिम दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।"

सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के प्रतापगढ़ से भगवान शिव की एक मूर्ति टूटने की खबर सामने आई है। ट्विटर यूज़र के अनुसार शिव की यह मूर्ति करीब 400 साल पुरानी है जिसे एक हिन्दू राजा ने बनवाया था।

ट्विटर यूज़र ने आगे लिखा है कि इसी स्थान के पास ख्वाजा उस्मान गनी हारूनी की दरगाह भी है जो कि एक मुस्लिम शासक ने बनाई थी। इस कारण यह जगह हिन्दू और मुस्लिम दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

ट्विटर यूज़र ने लिखा है- “आज ही स्थानीय मीडिया में यह बात सामने आई है कि शिव की यह विशाल मूर्ति कुछ ‘शांतिदूतों’ ने तोड़ दी है। शांति दूतों ने असल में भगवान की प्रतिमा नहीं, बल्कि सौहार्द को तोड़ा है और यह सन्देश दिया है कि ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ कुछ नहीं होती है।”

हालाँकि प्रशासन का कहना है कि जाँच की जा रही है और प्राकृतिक बिजली गिरने के कारण भी मूर्ति टूट सकती है। अधिकारियों द्वारा आज इस स्थान का निरीक्षण भी किया गया। मूर्ति करीब 20 फुट ऊँची थी, जिस वजह से किसी व्यक्ति द्वारा इसे तोड़ा जाना संभव नहीं लगता है। अधिकारियों ने जल्दी ही यहाँ नई मूर्ति स्थापित करने की बात कही है।

राज्य के पूर्व मंत्री राजकुमार बदौले भी मौके पर पहुँचे और घटना के सन्दर्भ में अधिकारियों से जानकारी ली। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री स्वयं इस घटना पर नजर रख हुए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -